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Siddharthnagar News: सेना के जवानों से दुर्व्यवहार पर सीमा पर नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। बढ़नी कस्बे से सटे नेपाल के कृष्णानगर के प्रहरी चेकपोस्ट पर रविवार को भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ नेपाल पुलिस द्वारा तलाशी के नाम पर किए गए दुर्व्यवहार को लेकर सोमवार को सीमा से सटे भारतीय कस्बे बढ़नी एवं आसपास के क्षेत्रों में नेपाल पुलिस के प्रति नाराजगी देखी गई। वहीं, सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां इस मुद्दे पर पल-पल नजर रखे हुए हैं।
बॉर्डर पुलिस चौकी सोमवार को इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों की भी बैठक हुई। इसमें गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ नेपाल पुलिस द्वारा तलाशी के नाम पर किए गए दुर्व्यवहार की घटना पर चर्चा की। अधिकारियों ने इस विषय को लेकर कुछ रणनीति बनाई। सीमा पर नेपालियों की जांच में कोई सहूलियत नहीं बरती जा रही है, और सख्ती से उनकी चेकिंग कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस घटना को लेकर नगर में नागरिकों के बीच नेपाल प्रशासन के रवैये को लेकर काफी गुस्सा एवं नाराजगी देखी गई।
बढ़नी कस्बे के धनंजय सिंह ने गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल पुलिस प्रशासन चीन के प्रभाव में आकर काम कर रहा है। कस्बे के अखिलेश मधेसिया ने कहा कि भारत-नेपाल का संबंध रोटी-बेटी का रहा है। कभी कोई दिक्कत नहीं आई। भारतीय जवान कैंटीन का सामान लेकर जा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके साथ ऐसी घटना की गई है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निसार बागी ने इस घटना की निंदा की है। कहा कि कभी पूर्व में ऐसी घटना नहीं घटी, पूर्व में भी जवान आते-जाते रहे हैं।
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शोहरतगढ़। बढ़नी कस्बे से सटे नेपाल के कृष्णानगर के प्रहरी चेकपोस्ट पर रविवार को भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ नेपाल पुलिस द्वारा तलाशी के नाम पर किए गए दुर्व्यवहार को लेकर सोमवार को सीमा से सटे भारतीय कस्बे बढ़नी एवं आसपास के क्षेत्रों में नेपाल पुलिस के प्रति नाराजगी देखी गई। वहीं, सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां इस मुद्दे पर पल-पल नजर रखे हुए हैं।
बॉर्डर पुलिस चौकी सोमवार को इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों की भी बैठक हुई। इसमें गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ नेपाल पुलिस द्वारा तलाशी के नाम पर किए गए दुर्व्यवहार की घटना पर चर्चा की। अधिकारियों ने इस विषय को लेकर कुछ रणनीति बनाई। सीमा पर नेपालियों की जांच में कोई सहूलियत नहीं बरती जा रही है, और सख्ती से उनकी चेकिंग कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस घटना को लेकर नगर में नागरिकों के बीच नेपाल प्रशासन के रवैये को लेकर काफी गुस्सा एवं नाराजगी देखी गई।
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बढ़नी कस्बे के धनंजय सिंह ने गोरखा रेजिमेंट के जवानों के साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल पुलिस प्रशासन चीन के प्रभाव में आकर काम कर रहा है। कस्बे के अखिलेश मधेसिया ने कहा कि भारत-नेपाल का संबंध रोटी-बेटी का रहा है। कभी कोई दिक्कत नहीं आई। भारतीय जवान कैंटीन का सामान लेकर जा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके साथ ऐसी घटना की गई है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निसार बागी ने इस घटना की निंदा की है। कहा कि कभी पूर्व में ऐसी घटना नहीं घटी, पूर्व में भी जवान आते-जाते रहे हैं।
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