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Siddharthnagar News: लोक प्रशासन प्रतियोगी परीक्षा के लिए प्रासंगिक
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में सोमवार को लोक प्रशासन विषय पर छात्रों के लिए कॅरिअर एवं रोजगार की नई दिशा को लेकर लोक प्रशासन विभाग में कार्यशाला आयोजित हुई।
इस दौरान विद्यार्थियों के कॅरिअर और रोजगार के अवसर की संभावनाओं के संदर्भ में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने कहा कि लोक प्रशासन विषय आज के दौर की प्रशासनिक, प्रबंधकीय एवं नीति-निर्माण संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत उपयुक्त और उपयोगी है।
उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में इस विषय का अध्ययन छात्रों को न केवल सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें निजी क्षेत्र, शोध संस्थानों एवं गैर सरकारी संगठनों में भी बेहतर अवसर प्रदान करता है। पूर्वांचल के अधिकांश विश्वविद्यालयों में इस विषय की अनुपलब्धता को देखते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में वर्ष 2020 से इस विषय की शुरुआत करना क्षेत्रीय विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल रही है।
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लोक प्रशासन विभाग अध्यक्ष डॉ. सुनीता त्रिपाठी ने बताया कि इस विषय का पाठ्यक्रम संक्षिप्त, व्यावहारिक एवं उद्देश्यपरक है, जो छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं के लिए पूर्व तैयारी का अवसर देता है। एनजीओ तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी शोध एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों में यह विषय विशेष रूप से उपयोगी है। लोक प्रशासन विभाग विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नीति विश्लेषण की दृष्टि, प्रबंधकीय कौशल एवं आत्मनिर्भरता का विकास कर रहा है।
इस दौरान लोक प्रशासन विभाग के डॉक्टर रविकांत शुक्ला, डॉक्टर अरविंद रावत, सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर अविनाश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में सोमवार को लोक प्रशासन विषय पर छात्रों के लिए कॅरिअर एवं रोजगार की नई दिशा को लेकर लोक प्रशासन विभाग में कार्यशाला आयोजित हुई।
इस दौरान विद्यार्थियों के कॅरिअर और रोजगार के अवसर की संभावनाओं के संदर्भ में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने कहा कि लोक प्रशासन विषय आज के दौर की प्रशासनिक, प्रबंधकीय एवं नीति-निर्माण संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत उपयुक्त और उपयोगी है।
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उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में इस विषय का अध्ययन छात्रों को न केवल सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें निजी क्षेत्र, शोध संस्थानों एवं गैर सरकारी संगठनों में भी बेहतर अवसर प्रदान करता है। पूर्वांचल के अधिकांश विश्वविद्यालयों में इस विषय की अनुपलब्धता को देखते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में वर्ष 2020 से इस विषय की शुरुआत करना क्षेत्रीय विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल रही है।
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लोक प्रशासन विभाग अध्यक्ष डॉ. सुनीता त्रिपाठी ने बताया कि इस विषय का पाठ्यक्रम संक्षिप्त, व्यावहारिक एवं उद्देश्यपरक है, जो छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं के लिए पूर्व तैयारी का अवसर देता है। एनजीओ तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी शोध एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों में यह विषय विशेष रूप से उपयोगी है। लोक प्रशासन विभाग विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नीति विश्लेषण की दृष्टि, प्रबंधकीय कौशल एवं आत्मनिर्भरता का विकास कर रहा है।
इस दौरान लोक प्रशासन विभाग के डॉक्टर रविकांत शुक्ला, डॉक्टर अरविंद रावत, सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर अविनाश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।