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19 जनसेवा केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति
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19 जनसेवा केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद में जनसेवा केंद्रों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी अनियमितता मिलने पर 19 सेवा केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की गई है। अब तक 33 केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है।
बृहस्पतिवार को इटवा और डुमरियागंज तहसील अंतर्गत 26 जनसेवा केंद्रों की जांच ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमरेंद्र दुबे, सीएससी के जिला प्रबंधक अजय कुमार एवं राकेश कुमार, जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह की ओर से की गई। इस दौरान 19 केंद्रों पर अनियमितता मिली। लिहाजा सभी की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की गई है। इस कार्रवाई से जनसेवा केंद्रों के संचालकों की बेचैनी बढ़ गई है। जांच में पाया गया कि सभी जन सेवा केंद्र निर्धारित स्थान पर कार्य नहीं कर रहे हैं। जहां इनका केंद्र आवंटित किया गया, वहां के बजाए दूसरे स्थान पर कार्य करते मिले।
शासन स्तर से निर्धारित 30 रुपये प्रति प्रमाण पत्र के स्थान पर 70 और 80 रुपये लिए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर कोई रेट लिस्ट भी लगाई नहीं गई है। इससे पूर्व बुधवार को सदर तहसील में 14 सेवा केंद्रों का निरीक्षण हुआ था, जहां हर जगह गड़बड़ी मिली। इन सभी के आईडी निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जनपद के सभी जनसेवा केंद्रों की जांच की जाएगी। मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उनका केंद्र बंद कर दिया जाएगा। अब तक अनियमितता पाए जाने पर लखनऊ के प्रोजेक्ट मैनेजर को आईडी निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई है।
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सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद में जनसेवा केंद्रों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी अनियमितता मिलने पर 19 सेवा केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की गई है। अब तक 33 केंद्रों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है।
बृहस्पतिवार को इटवा और डुमरियागंज तहसील अंतर्गत 26 जनसेवा केंद्रों की जांच ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमरेंद्र दुबे, सीएससी के जिला प्रबंधक अजय कुमार एवं राकेश कुमार, जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह की ओर से की गई। इस दौरान 19 केंद्रों पर अनियमितता मिली। लिहाजा सभी की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की गई है। इस कार्रवाई से जनसेवा केंद्रों के संचालकों की बेचैनी बढ़ गई है। जांच में पाया गया कि सभी जन सेवा केंद्र निर्धारित स्थान पर कार्य नहीं कर रहे हैं। जहां इनका केंद्र आवंटित किया गया, वहां के बजाए दूसरे स्थान पर कार्य करते मिले।
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शासन स्तर से निर्धारित 30 रुपये प्रति प्रमाण पत्र के स्थान पर 70 और 80 रुपये लिए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर कोई रेट लिस्ट भी लगाई नहीं गई है। इससे पूर्व बुधवार को सदर तहसील में 14 सेवा केंद्रों का निरीक्षण हुआ था, जहां हर जगह गड़बड़ी मिली। इन सभी के आईडी निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जनपद के सभी जनसेवा केंद्रों की जांच की जाएगी। मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उनका केंद्र बंद कर दिया जाएगा। अब तक अनियमितता पाए जाने पर लखनऊ के प्रोजेक्ट मैनेजर को आईडी निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई है।
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