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राप्ती भी लाल निशान पार, बूढ़ी राप्ती पहले से मचा रही तबाही

Tue, 11 Oct 2022 12:20 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 12:20 AM IST
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rapti crossed danger level
बिजौरा में ट्रैक्टर ट्रॉली से बाढ़ ग्रस्त गांव में जाते ग्रामीण। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
राप्ती भी लाल निशान पार, बूढ़ी राप्ती पहले से मचा रही तबाही
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सिद्धार्थनगर। तीन दिन से बूढ़ी राप्ती और घोघी नदी खतरे के लाल निशान से ऊपर बह ही रही है, अब राप्ती भी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुकी है। इससे कई गांव जलमग्न हो गए है, वहीं जिले में बाढ़ से तबाही की आशंका बढ़ गई है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से नदी किनारे के बांधों पर भी खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के खतरे को देख प्रशासन भी अलर्ट नजर आ रहा है।
बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर तीन दिन से खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर है। जिले के इटवा, उसका, जोगिया, शोहरतगढ़ और बढ़नी क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। इसके साथ ही घोघी नदी का जलस्तर लाल निशान पार होने से लोटन क्षेत्र के कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी सोमवार की शाम पांच बजे खतरे का निशान पार कर गई। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, राप्ती नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रही है। इससे तट पर बसे ग्रामीण चिंतित हैं।
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बांसी पनघटिया बांध पर किमी दो में शास्त्री नगर वार्ड के पास बड़ा छेद हो गया है। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मियों ने छेद को बंद करने की कवायद शुरू कर दी है। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांधों की निगरानी तेज कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी बांधों के बारिश की कटान व चूहों के बिल की भराई तथा रेगुलेटर को बंद करने का कम चल रहा है।
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नपा कर्मी करेंगे बांधों की सफाई
बांसी। नपा अध्यक्ष इद्रीश पटवारी ने सफाई प्रभारियों के साथ बैठक कर नगर क्षेत्र के सभी बांधों के झाड़ को साफ करने तथा बांधों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने राप्ती नदी पुल के पास लगे रेगुलेटर व बांध का निरीक्षण किया। बैठक में ईओ विंध्याचल, सफाई प्रभारी रामचरन यादव, राजकुमार पांडेय, राजेश वर्मा, प्रमोद अग्रहरि, सब्लू द्विवेदी उपस्थित थे।

टापू बने गांवों तक नहीं पहुंचा प्रशासनिक अमला
बांसी। बूढ़ी राप्ती नदी में आए बाढ़ से बांसी ब्लॉक के तीन गांव भगौतापुर पूर्वी ,पश्चिमी व छोटकी डढीया गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। इसके बावजूद, बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री नहीं पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नहीं पहुंची है। भगौतापुर के राम प्रसाद का कहना है कि तीन दिन से उनका गांव बाढ़ से घिरा है। गांव को जोड़ने वाली सड़क पर पानी बह रहा है, फिर भी नाव की व्यवस्था नहीं है। गुलाम हुसेन का कहना है कि बाढ़ के पानी से घिरे तीन दिन हो गए परंतु अब तक गांव मैरुंड घोषित नहीं किया गया। अर्जुन का कहना है कि तीन दिन से गांव के लोग बाढ़ की पीड़ा झेल रहे हैं। अब तक प्रशासन से राहत सामग्री नहीं मिली है। सीताराम का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है। झगरू का कहना है कि गांव के साथ साथ आसपास का सिवान जलमग्न हो जाने से पशुओं के चारे का संकट हो गया है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का निशान सोमवार का जलस्तर
बानगंगा 93.42 91.10
राप्ती 84.900 84.950
बूढ़ी राप्ती 85.650 87.080
कूड़ा नदी 83.520 83.390
घोघी 87.00 87.10
तेलार नाला 87.500 86.50
जमुआर 84.89 83.85
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