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रामबरन की ‘बेसहारा’ बेटी को नहीं मिला सरकारी सहारा

Sat, 28 May 2022 11:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2022 11:54 PM IST
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Rambaran's 'destitute' daughter did not get government support
बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती घायल राम बरन। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
रामबरन की ‘बेसहारा’ बेटी को नहीं मिला सरकारी सहारा
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सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महला गांव के रामबरन की बेसहारा बेटी को शनिवार को भी प्रशासन का सहारा नहीं मिला। 21 मई को हुए सड़क हादसे में सात लोगों की मौत की घटना में पीएम मोदी व सीएम योगी ने ट्वीट करके मदद की घोषणा की थी। सात दिन बीत जाने के बाद भी रामबरन के इलाज में परिवार को सरकारी मदद के नाम पर चवन्नी भी नहीं मिली है।
सात मौतों के गम में डूबे महला गांव में शनिवार को रामबरन के परिवार की इकलौती सदस्य बेटी निशा, घर के सामने बैठकर सिसकती मिली। उसने बताया कि उसे समझ में नहीं आ रहा है कि पिता का इलाज कैसे होगा। सात दिन बाद भी उन्हें होश नहीं आया है। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान जो खर्च हो रहा है, उसे पट्टीदार, रिश्तेदार ही कर रहे थे। अब मददगार भी मदद से पीछे हट रहे हैं, क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। प्रशासन से सरकारी मदद की उम्मीद है। राजस्व विभाग से जुड़े किसी अधिकारी, कर्मचारी ने शनिवार को रामबरन के भाई हरिराम के मोबाइल फोन पर हालचाल पूछा, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। रामबरन के परिवार को तत्काल मदद की दरकार है।
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बात करते ही फफक पड़ी बेटी
रामबरन के इलाज के बारे में बात करते ही निशा फफक पड़ी। बताया कि घर में खाने के लिए कुछ नहीं है तो इलाज कहां से कराएं। जब वह छोटी थी तो बीमारी से उसकी मां की मौत हो गई थी। कोई भाई नहीं है, जिसकी कमाई का सहारा हो। रामबरन के भाई हरेराम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में सामान्य खर्च के लिए भी उनके पास रुपये नहीं बचे हैं। कोई मदद भी नहीं मिल पा रही है। अब भगवान का ही सहारा है।
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खेत नहीं, घर बेच दूं तो रहेंगे
निशा ने बताया कि उसके पिता रामबरन के नाम खेत नहीं है। पांच मंडी जमीन पट्टा में मिली है। कहा कि घर बेच दूं तो रहेंगे कहां। उसे ढांढस बंधाने वाले मौके पर मौजूद गांव के शिवकुमार, चंद्रभान, दुर्गेश ने बताया कि गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इस लिए वे पर्याप्त मदद नहीं कर पा रहे हैं।
राजस्व विभाग की टीम ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती रामबरन की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। जल्द ही उनकी आर्थिक मदद की जाएगी।
- उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम, शोहरतगढ़
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