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Siddharthnagar News: लंका पर चढ़ाई से पूर्व राम ने की थी महादेव की पूजा

Tue, 05 Mar 2024 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 05 Mar 2024 11:25 PM IST
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Ram worshiped Mahadev before attacking Lanka
सकारपार। खेसरहा क्षेत्र के ग्राम ऐचनी में श्रीसिद्ध पीठ बजड़ेश्वर महादेव स्थान पर नौ दिवसीय श्रीविष्णु महायज्ञ में लंका चढ़ाई से पूर्व महादेव के पूजन की कथा सुनाई गई। मंगलवार को आयोजित कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
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कथा वाचिका कोकिला प्रियंका द्विवेदी ने कहा कि लंका पर चढ़ाई करने से पूर्व श्रीराम ने अपने आराध्य देव भगवान महादेव का पूजन करने का विचार किया। पूजा करवाने के लिए एक विद्वान पंडित की जरूरत थी। तब सब लोगों ने ब्रह्मा के वंशज प्रकांड विद्वान लंका के राजा रावण को बताया। श्रीराम के कहने पर जामवंत को लंका के राजा रावण के पास शिव पूजन का निमंत्रण पत्र लेकर भेजा गया। जामवंत के रावण के समक्ष शिव पूजन का निमंत्रण पत्र लेकर पहुंचने पर रावण ने आदर भाव से जामवंत का निमंत्रण पत्र स्वीकार किया।
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रावण ने अशोक वाटिका में जाकर माता सीता से कहा कि आपके पति राम ने एक अनुष्ठान का आयोजन किया है। जिसमें आपकी उपस्थित अनिवार्य है। अतः आप को मेरे साथ चलकर अपने पति की ओर से किए जा रहे अनुष्ठान में उपस्थित होना है। अनुष्ठान संपन्न होने के पश्चात आपको पुनः लंका में उपस्थित होना है ।
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रावण ने समुद्र तट पर पहुंचकर माता सीता को राम के बाई तरफ बैठाया और मंत्रोच्चार के साथ राम की ओर से शिवलिंग की स्थापना करवाई जिसका नाम रामेश्वर रखा गया। अनुष्ठान संपन्न होने के बाद रावण ने राम को विजयश्री का आशीर्वाद प्रदान किया। यजमान के रूप में राम द्वारा दक्षिणा देने की बात पर रावण ने कहा मेरे मृत्यु के समय यजमान मेरे सामने खड़े हो। रावण के मांगे गए दक्षिणा को राम ने स्वीकार किया। इस दौरान क्षेत्र के संगम त्रिपाठी, हरिशंकर त्रिपाठी, गोलू, विश्वनाथ, उमेश त्रिपाठी, राघवेंद्र, सोनू ,हरिश्चंद्र गौड़, हरिराम गौतम, रामनाथ राव उपस्थित रहे।

श्रीमद्भागवत कथा भक्ति और मुक्ति का साधन
उसका बाजार कस्बे के सुभाष नगर वार्ड में चल रहे श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन मगंलवार को आचार्य सुमित कृष्ण ने गुरु शब्द की व्याख्या की। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को भक्ति के साथ जीव की मुक्ति का साधन बताया। भक्त श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की बाते जान प्रफुल्लित हुए। बताया कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कथा के समापन पर भागवत भगवान की आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
धूमधाम से मनाया जाएगा शिव विवाह कार्यक्रम
नेपाल सीमा से सटे ककरहवा कस्बे में शिवरात्रि के शुभ अवसर पर गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी शिव विवाह का कार्यक्रम विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में धूमधाम से मनाया जाएगा। शुक्रवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर ककरहवा स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर से शिव बारात गाजे-बाजे के साथ चल कर पूरे कस्बे का भ्रमण करते हुए साप्ताहिक बाजार परिसर में स्थित श्री रामजानकी मंदिर पर पहुंचेगी। जहां पूरे रीति रिवाज के साथ भगवान शिव तथा माता पार्वती का विवाह संपन्न होगा।


उक्त जानकारी देते हुए विश्व हिंदू महासंघ के बर्डपुर ब्लॉक अध्यक्ष अमन जायसवाल ने बताया कि शिव बारात दिन में दो बजे से निकलेगा। विवाहोपरांत पांच बजे से भंडारे का भी आयोजन किया गया है। जबकि भक्तगण पूरी रात्रि मां भगवती जागरण का आनंद भी ले सकेंगे।
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