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Siddharthnagar News: पराली जलाने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
Wed, 22 Apr 2026 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। खेत में फसलों का अवशेष जलाना दंडनीय अपराध है। इससे निकले धुएं से पर्यावरण में प्रदूषण फैलने के साथ खेत में उपलब्ध मित्र कीट मर जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।
फसल अवशेष जलाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500, 2 से 5 एकड़ तक के भूमि वाले किसानों पर 5000 और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 प्रति घटना अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
उप निदेशक कृषि अतिंद्र सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग कर अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षित रहेगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से खेतों में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण प्रभावित होते हैं। मृदा में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीव एवं मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है।
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उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, श्रब मास्टर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर जैसे यंत्रों का प्रयोग किया जा सकता है।
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पडरौना। खेत में फसलों का अवशेष जलाना दंडनीय अपराध है। इससे निकले धुएं से पर्यावरण में प्रदूषण फैलने के साथ खेत में उपलब्ध मित्र कीट मर जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।
फसल अवशेष जलाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500, 2 से 5 एकड़ तक के भूमि वाले किसानों पर 5000 और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 प्रति घटना अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
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उप निदेशक कृषि अतिंद्र सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग कर अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षित रहेगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से खेतों में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण प्रभावित होते हैं। मृदा में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीव एवं मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है।
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उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, श्रब मास्टर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर जैसे यंत्रों का प्रयोग किया जा सकता है।