{"_id":"576d6ffd4f1c1bd532b48c49","slug":"probe-held-in-health-department-of-samvida-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग में हुई संविदा नियुक्तियों की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग में हुई संविदा नियुक्तियों की जांच शुरू
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग में करीब पांच माह पूर्व हुए एड्स नियंत्रण के पदों पर हुई नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। क्षय नियंत्रण के पदों की विज्ञप्ति प्रकाशित कराकर एड्स नियंत्रण के आठ पदों पर चयन समिति ने निजी हित पूरा करने वाले गैर जनपद के चहेतों को नियुक्त कर दिया।
सदर विधायक विजय पासवान ने खुद इस मामले की शिकायत सीएम से की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की ओर से जांच पत्र स्वास्थ्य विभाग में पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है।
जनवरी-फरवरी माह में स्वास्थ्य विभाग में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संविदा के आधार पर एकाउंटेंट, लिपिक व काउंसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
विज्ञापन
आरोप है कि समाचार पत्रों में विज्ञप्ति क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए प्रकाशित कराई गई, जबकि नियुक्तियां एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम में कर दी गई। ऐसे कुल आठ पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
मानक को दरकिनार हुई नियुक्तियों के बदले अभ्यर्थियों से मोटी धन उगाही भी की गई है। पैसा देने वाले गैर जनपदों के अयोग्य व्यक्तियों को नौकरी दे दी गई, जबकि योग्य व्यक्तियों को दरकिनार कर दिया गया।
सदर विधायक विजय पासवान ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। 16 फरवरी को विधायक ने मुख्यमंत्री को जन सुनवाई में यह शिकायत दी, जिसके आधार पर विशेष सचिव मुथुकुमारस्वामी बी. ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
विशेष सचिव के कार्यालय से 17 फरवरी को निकला यह पत्र प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परियोजना निदेशक उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसायटी से होते हुए अब जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचा है।
जांच के आदेश पहुंचते ही चयनित अभ्यर्थियों व चयनकर्ताओं में खलबली मच गई है। सूत्रों के मुताबिक जनवरी-फरवरी माह में चयनित अभ्यर्थियों की सारी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दो-तीन माह के मानदेय का भुगतान भी दिया जा चुका है।
ऐसे में जांच में खामी मिलने पर कइयों की गर्दन नपनी तय है।
सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर ने बताया कि जांच सम्बन्धी पत्र मिला है। मामले की जांच एडी स्तर से की जा रही है। दो-तीन दिन पूर्व उन्होंने जिले में आकर छानबीन भी की है।
विज्ञापन
सदर विधायक विजय पासवान ने खुद इस मामले की शिकायत सीएम से की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की ओर से जांच पत्र स्वास्थ्य विभाग में पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
जनवरी-फरवरी माह में स्वास्थ्य विभाग में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संविदा के आधार पर एकाउंटेंट, लिपिक व काउंसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
विज्ञापन
आरोप है कि समाचार पत्रों में विज्ञप्ति क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए प्रकाशित कराई गई, जबकि नियुक्तियां एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम में कर दी गई। ऐसे कुल आठ पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
मानक को दरकिनार हुई नियुक्तियों के बदले अभ्यर्थियों से मोटी धन उगाही भी की गई है। पैसा देने वाले गैर जनपदों के अयोग्य व्यक्तियों को नौकरी दे दी गई, जबकि योग्य व्यक्तियों को दरकिनार कर दिया गया।
सदर विधायक विजय पासवान ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। 16 फरवरी को विधायक ने मुख्यमंत्री को जन सुनवाई में यह शिकायत दी, जिसके आधार पर विशेष सचिव मुथुकुमारस्वामी बी. ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
विशेष सचिव के कार्यालय से 17 फरवरी को निकला यह पत्र प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परियोजना निदेशक उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसायटी से होते हुए अब जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचा है।
जांच के आदेश पहुंचते ही चयनित अभ्यर्थियों व चयनकर्ताओं में खलबली मच गई है। सूत्रों के मुताबिक जनवरी-फरवरी माह में चयनित अभ्यर्थियों की सारी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दो-तीन माह के मानदेय का भुगतान भी दिया जा चुका है।
ऐसे में जांच में खामी मिलने पर कइयों की गर्दन नपनी तय है।
सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर ने बताया कि जांच सम्बन्धी पत्र मिला है। मामले की जांच एडी स्तर से की जा रही है। दो-तीन दिन पूर्व उन्होंने जिले में आकर छानबीन भी की है।