{"_id":"65fc9112d943dfd7fb0019f6","slug":"present-minor-children-before-cwc-on-time-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-114800-2024-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: नाबालिग बच्चों को समय से सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: नाबालिग बच्चों को समय से सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करें
Fri, 22 Mar 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Mar 2024 01:27 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। विशेष किशोर पुलिस इकाई की मासिक बैठक व कार्यशाला का आयोजन बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस सभागार में सीओ की अध्यक्षता में हुई। इसमें सीमा पर होने वाली मानव तस्करी को रोकने, नाबालिग बच्चों को समय से सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सीओ अरुणकांत सिंह ने कहा कि बच्चों का हित जिसमें हो, वह कार्य सभी को करना चाहिए। सभी बाल कल्याण अधिकारियों को उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि थाने में बच्चों को लेकर आने वाले माता-पिता एवं अभिभावक विहीन बच्चों के साथ पुलिस सौम्य व्यवहार करें। साथ ही बच्चे को प्रस्तुत कराते समय या रेस्क्यू कराते समय सादे लिबास में कार्य करें।
संस्था के निदेशक राजेश मणि ने कहा की मानव तस्करी दुनिया की तीसरे नंबर की सबसे बड़ी तस्करी है। इसमें मानव, मानव को ही बेच रहा है। मानव तस्करी के विभिन्न आयाम बढ़ते जा रहे हैं, जैसे बच्चों के यौन शोषण, बालश्रम, बंधुआ मजदूर, बाल विवाह, अंगों का व्यापार, कोख पालने इत्यादि के उद्देश्यों के मानव तस्करी बढ़ रही है। मानव तस्करी क्रॉस बॉर्डर से ज्यादा एक राज्य से दूसरे राज्य में हो रहा है।
विज्ञापन
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद राय, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने कहा कि पांच दिन से अधिक समय तक बच्चों को आवाशित नहीं कराया जा सकता और सभी पुलिस अधिकारीगण किसी भी बच्चे के मामले को 24 घंटे के अंदर सीडब्ल्यूसी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 74 के अंतर्गत बच्चों की गोपनीयता को बनाए रखा जाए।
इस दौरान एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, चाइल्ड लाइन समन्वयक सुनील उपाध्याय, मानव सेवा संस्थान के डीसी जयप्रकाश गुप्ता, काउंसलर कम केस वर्कर सुनीता कुमारी, उप निरीक्षक जयराम, उपनिरीक्षक राम भरोस यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीओ अरुणकांत सिंह ने कहा कि बच्चों का हित जिसमें हो, वह कार्य सभी को करना चाहिए। सभी बाल कल्याण अधिकारियों को उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि थाने में बच्चों को लेकर आने वाले माता-पिता एवं अभिभावक विहीन बच्चों के साथ पुलिस सौम्य व्यवहार करें। साथ ही बच्चे को प्रस्तुत कराते समय या रेस्क्यू कराते समय सादे लिबास में कार्य करें।
विज्ञापन
संस्था के निदेशक राजेश मणि ने कहा की मानव तस्करी दुनिया की तीसरे नंबर की सबसे बड़ी तस्करी है। इसमें मानव, मानव को ही बेच रहा है। मानव तस्करी के विभिन्न आयाम बढ़ते जा रहे हैं, जैसे बच्चों के यौन शोषण, बालश्रम, बंधुआ मजदूर, बाल विवाह, अंगों का व्यापार, कोख पालने इत्यादि के उद्देश्यों के मानव तस्करी बढ़ रही है। मानव तस्करी क्रॉस बॉर्डर से ज्यादा एक राज्य से दूसरे राज्य में हो रहा है।
विज्ञापन
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद राय, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने कहा कि पांच दिन से अधिक समय तक बच्चों को आवाशित नहीं कराया जा सकता और सभी पुलिस अधिकारीगण किसी भी बच्चे के मामले को 24 घंटे के अंदर सीडब्ल्यूसी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 74 के अंतर्गत बच्चों की गोपनीयता को बनाए रखा जाए।
इस दौरान एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, चाइल्ड लाइन समन्वयक सुनील उपाध्याय, मानव सेवा संस्थान के डीसी जयप्रकाश गुप्ता, काउंसलर कम केस वर्कर सुनीता कुमारी, उप निरीक्षक जयराम, उपनिरीक्षक राम भरोस यादव आदि मौजूद रहे।