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फार्मासिस्ट की संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों ने इस अधिकारी पर लगाया ये आरोप
Wed, 24 Jun 2020 07:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 07:06 PM IST
सार
- परिजनों ने एमओआईसी और सीएमओ पर पर प्रताड़ना का आरोप मढ़ा
- जिला अस्पताल में घंटों चला हंगामा, कार्रवाई की मांग पर अडे़ परिजन
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रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट दिनेश यादव (40) की तबीयत बुधवार को ड्यूटी के दौरान खराब हो गई। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से दुखी परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया और बढ़नी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) पर प्रताड़ित करने आरोप लगाया।
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परिजनों का कहना था कि एमओआईसी ने अपने चेंबर में बुलाकर दिनेश से अभद्रता की जो उसकी मौत का कारण बना। हंगामे की सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे एसडीएम, सीओ, सीओ परिजनों को शांत कराने में जुटे रहे। सीओ ने मामले की जांच करा दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के इमिलिया गांव निवासी दिनेश यादव (40) बढ़नी पीएचसी पर कार्यरत था। बुधवार दोपहर बढ़नी अस्पताल में उसकी हालत बिगड़ी और जिला अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। पिता जिबोध यादव और परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अधिकारी श्रवण कुमार तिवारी आए दिन मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।
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बुधवार को दिनेश एमओआईसी के केबिन में पहुंचा तो उन्होंने उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया। केबिन में ही दिनेश की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद अस्पताल के अन्य स्टॉफ प्राथमिक उपचार किए और हालत गंभीर देखकर जिला अस्पताल भेज दिया। यहां दिनेश की मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के जिम्मेदार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और सीएमओ हैं। सीएमओ की शह पर डॉक्टर उत्पीड़न करता था। इसी उत्पीड़न के कारण जान चली गई। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई होनी चाहिए।
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अस्पताल में मची अफरा-तफरी
जिला अस्पताल मेें बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फार्मासिस्ट ने दम तोड़ दिया। लापरवाही और शोषण का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा कर दिए। इसी बीच घंटों तक लोगों को परेशान होना पड़ा। परिजन कार्रवाई पर अड़े थे। इसलिए शाम चार बजे तक बेड पर ही दिनेश का शव पड़ रहा।
परिजनों का कहना था कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी। हम हटेंगे नहीं। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम उमेशचंद निगम, सीओ सदर दिलीप सिंह, एसओ राजेंद्र बहादुर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। लोगों को समझाकर मामले को शांत करने कोशिश करते रहे।
बिलखती पत्नी को देखकर नम हो गईं आंखें
अस्पताल में दिनेश के शव से लिपटकर पत्नी को रोता देखकर इमरजेंसी वार्ड में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। वहीं बच्चे और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
एमओआईसी कार्यालय में लगा सीसीटीवी हटवाया
परिजनों के मुताबिक एमओआईसी एसके तिवारी ने दिनेश से जो अभद्रता की वह सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई थी। आरोप है कि पकड़ से बचने के लिए एमओआईसी ने दोपहर बाद चेंबर में लगा सीसीटीवी कैमरा हटवा दिया। आशंका जताई कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर सुबूत मिटाये जा सकते हैं।
हमें प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बढ़नी ने दोपहर को जानकारी दी कि फार्मासिस्ट की हालत बिगड़ गई है और जिला अस्पताल भेज दिया गया है। एक बजे फोन आया कि फार्मासिस्ट की मौत हो गई। अगर परिवारवाले आरोप लगा रहे हैं कि डांटने से मौत हुई है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सीमा राय, सीएमओ
दिनेश के परिजनों का आरोप निराधार है। फार्मासिस्ट बहुत ही मेहनती कर्मचारी था। आजतक उसके खिलाफ एक नोटिस तक जारी नहीं हुआ है। कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। - डॉ. एसके तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बढ़नी
परिजनों का कहना था कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी। हम हटेंगे नहीं। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम उमेशचंद निगम, सीओ सदर दिलीप सिंह, एसओ राजेंद्र बहादुर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। लोगों को समझाकर मामले को शांत करने कोशिश करते रहे।
बिलखती पत्नी को देखकर नम हो गईं आंखें
अस्पताल में दिनेश के शव से लिपटकर पत्नी को रोता देखकर इमरजेंसी वार्ड में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। वहीं बच्चे और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
एमओआईसी कार्यालय में लगा सीसीटीवी हटवाया
परिजनों के मुताबिक एमओआईसी एसके तिवारी ने दिनेश से जो अभद्रता की वह सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई थी। आरोप है कि पकड़ से बचने के लिए एमओआईसी ने दोपहर बाद चेंबर में लगा सीसीटीवी कैमरा हटवा दिया। आशंका जताई कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर सुबूत मिटाये जा सकते हैं।
हमें प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बढ़नी ने दोपहर को जानकारी दी कि फार्मासिस्ट की हालत बिगड़ गई है और जिला अस्पताल भेज दिया गया है। एक बजे फोन आया कि फार्मासिस्ट की मौत हो गई। अगर परिवारवाले आरोप लगा रहे हैं कि डांटने से मौत हुई है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सीमा राय, सीएमओ
दिनेश के परिजनों का आरोप निराधार है। फार्मासिस्ट बहुत ही मेहनती कर्मचारी था। आजतक उसके खिलाफ एक नोटिस तक जारी नहीं हुआ है। कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। - डॉ. एसके तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बढ़नी