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कोरोना संक्रमण का लोगों में नहीं दिख रहा है डर
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जिला अस्पताल में बिना मास्क के बैठे लोग। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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कोरोना संक्रमण का लोगों में नहीं दिख रहा है डर
- महानगरों से आने वालों की भी नहीं हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने लगा है। देश के कई राज्यों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते खतरे को लेकर न तो जिम्मेदार गंभीर हैं और न ही आम नागरिक सतर्कता बरत रहे हैं। वहीं, जिले में न तो स्क्रीनिंग की जा रही है और न ही बाहर से आने वालों की जांच।
कोरोना की पहली लहर से लोग उबरे नहीं थे कि दूसरी लहर में जमकर कहर ढाया। संकट टला तो तीसरी लहर ने दस्तक दी। हालांकि, इसमें बहुत नुकसान नहीं हुआ। चिकित्सकों का मानना था कि कोरोनारोधी टीकाकरण की वजह से तीसरी लहर में लोगों बहुत बुरा प्रभाव नहीं पड़ा। एक बार फिर कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में बढ़ने लगा है। बावजूद इसके जिले में लोग संक्रमण से बेफ्रिक हैं। न तो वह मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पाल कर रहे हैं। अस्पताल हो या कार्यालय, बाजार हो या फिर पार्क। हर जगह भीड़ देखी जा सकती है। लेकिन कोई कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नहीं दिख रहा है।
जिले में पहली और दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण का शिकार होकर 100 लोगों ने जान गंवाई है, लेकिन जिनके कंधों पर बीमारी नियंत्रण की जिम्मेदारी है, वह भी न तो स्क्रीनिंग कर रहे हैं और न ही बाहर से आने वालों की जांच। ऐसे में संक्रमण के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि सतर्कता बेहद जरूरी है, अगर किसी में लक्षण दिखे तो वह जरूर जांच कराए। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि संदिग्ध मिलने वाले मरीजों की जांच की जा रही है। बाहर से आने वालों पर नजर है, अगर लक्षण मिलता है तो जांच कराई जाती है। स्वास्थ्य मकहमा पूरी तरह से संक्रमण से निपटने के लिए अलर्ट है।
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कोरोना संक्रणम तेजी से फैलता है। इससे बचाव के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। क्योंकि संक्रमण कब हो जाए इसका कोई पता नहीं है। इसलिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। अगर जाते भी हैं तो मास्क लगाकर जाएं, जहां तक हो सके सामाजिक दूरी का पालन करें। कहीं से आएं तो साबुन से हाथ धुलें। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। बच्चे और वृद्ध को भीड़ वाले स्थान पर न ले जाएं। सतर्कता ही संक्रमण से बचाव की दवा है।
- डॉ. संजय गुप्ता, चिकित्सक जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर
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जिले में ऑक्सीजन उपलब्धता
उपकरण संख्या
जंबो सिलिंडर 134
छोटे सिलिंडर 40
कंसंट्रेटर 830
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जिला अस्पताल
जंबो सिलिंडर 62
छोटे सिलिंडर 22
कंसंट्रेटर 41
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आक्सीजन प्लांट
जिला अस्पताल 100 एलपीएम
एमसीएच विंग 45-45 एलपीएम के तीन
एमसीएच विंग 260 व 570 एलपीएम
बर्डपुर सीएचसी 260 एलपीएम
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कोरोना से निपटने के लिए ये अस्पताल तैयार
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बर्डपुर, इटवा, डुमरियागंज, मिठवल सीएचसी व जिला अस्पताल में वेंटीलेटर युक्त बेड तैयार हैं। अगर संक्रमण का खतरा बढ़े तो मरीजों को भर्ती करके उनका समय से उपचार किया जा सकेगा।
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- महानगरों से आने वालों की भी नहीं हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने लगा है। देश के कई राज्यों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते खतरे को लेकर न तो जिम्मेदार गंभीर हैं और न ही आम नागरिक सतर्कता बरत रहे हैं। वहीं, जिले में न तो स्क्रीनिंग की जा रही है और न ही बाहर से आने वालों की जांच।
कोरोना की पहली लहर से लोग उबरे नहीं थे कि दूसरी लहर में जमकर कहर ढाया। संकट टला तो तीसरी लहर ने दस्तक दी। हालांकि, इसमें बहुत नुकसान नहीं हुआ। चिकित्सकों का मानना था कि कोरोनारोधी टीकाकरण की वजह से तीसरी लहर में लोगों बहुत बुरा प्रभाव नहीं पड़ा। एक बार फिर कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में बढ़ने लगा है। बावजूद इसके जिले में लोग संक्रमण से बेफ्रिक हैं। न तो वह मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पाल कर रहे हैं। अस्पताल हो या कार्यालय, बाजार हो या फिर पार्क। हर जगह भीड़ देखी जा सकती है। लेकिन कोई कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नहीं दिख रहा है।
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जिले में पहली और दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण का शिकार होकर 100 लोगों ने जान गंवाई है, लेकिन जिनके कंधों पर बीमारी नियंत्रण की जिम्मेदारी है, वह भी न तो स्क्रीनिंग कर रहे हैं और न ही बाहर से आने वालों की जांच। ऐसे में संक्रमण के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि सतर्कता बेहद जरूरी है, अगर किसी में लक्षण दिखे तो वह जरूर जांच कराए। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि संदिग्ध मिलने वाले मरीजों की जांच की जा रही है। बाहर से आने वालों पर नजर है, अगर लक्षण मिलता है तो जांच कराई जाती है। स्वास्थ्य मकहमा पूरी तरह से संक्रमण से निपटने के लिए अलर्ट है।
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कोरोना संक्रणम तेजी से फैलता है। इससे बचाव के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। क्योंकि संक्रमण कब हो जाए इसका कोई पता नहीं है। इसलिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। अगर जाते भी हैं तो मास्क लगाकर जाएं, जहां तक हो सके सामाजिक दूरी का पालन करें। कहीं से आएं तो साबुन से हाथ धुलें। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। बच्चे और वृद्ध को भीड़ वाले स्थान पर न ले जाएं। सतर्कता ही संक्रमण से बचाव की दवा है।
- डॉ. संजय गुप्ता, चिकित्सक जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर
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जिले में ऑक्सीजन उपलब्धता
उपकरण संख्या
जंबो सिलिंडर 134
छोटे सिलिंडर 40
कंसंट्रेटर 830
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जिला अस्पताल
जंबो सिलिंडर 62
छोटे सिलिंडर 22
कंसंट्रेटर 41
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आक्सीजन प्लांट
जिला अस्पताल 100 एलपीएम
एमसीएच विंग 45-45 एलपीएम के तीन
एमसीएच विंग 260 व 570 एलपीएम
बर्डपुर सीएचसी 260 एलपीएम
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कोरोना से निपटने के लिए ये अस्पताल तैयार
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बर्डपुर, इटवा, डुमरियागंज, मिठवल सीएचसी व जिला अस्पताल में वेंटीलेटर युक्त बेड तैयार हैं। अगर संक्रमण का खतरा बढ़े तो मरीजों को भर्ती करके उनका समय से उपचार किया जा सकेगा।