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Siddharthnagar News: ऑनलाइन सट्टा में गवां रहे रकम, हारने पर दे रहे घटना का रूप
Thu, 15 Feb 2024 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 15 Feb 2024 12:07 AM IST
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सिद्धार्थनगर। ऑनलाइन गेम में रुपये जीतने की लत लोगों को अपराध की ओर ले जा रही है। गेम हारने पर कोई फर्जी लूट का रूप दे रहा है तो कोई दूसरे पर ठगी कर लेना का आरोप मढ़कर सच छिपाने की कोशिश कर रहा है। जिले में इस प्रकार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गनीमत है कि पुलिस तत्काल कार्रवाई करने की बजाए छानबीन कर रही है, जिससे सच सामने आ जा रहा है। ऐसे में अगर आपके परिवार और इर्द-गिर्द कोई मोबाइल से चिपका हुआ है और कुछ दिन बाद एकाएक परेशान नजर आ रहा है तो तत्काल उससे बात करें। अगर गेम की लत का शिकार है तो मोटिवेट करके उसे मना करें। नहीं तो हारने के बाद किसी भी हद तक जा सकता है।
पहले लोग जुआ खेलते थे, जो परिवार के साथ ही आसपास के लोगों की नजर में आ जाते थे। लेकिन संचार क्रांति के इस युग में हर हाथों में मोबाइल फोन है और हर कोई इंटरनेट से दुनिया देख रहा है। इसमें युवाओं की एक बड़ी आबादी को ऑनलाइन सट्टा के नशे की लत लग गई। कई ऑनलाइन गेम इंटरनेट पर उपलब्ध है। जिसे युवा खेल रहे हैं। कोई मोबाइल पर क्रिकेट में सट्टा लगा रहा तो को शेयर बाजार और अन्य ऑनलाइन गेम के जरिए मालामाल बनने की कोशिश में लगा है। जब अधिक रकम हार जा रहे हैं तो उससे बचने के लिए कुछ भी करने से नहीं चूक रहे हैं।
इस तरह की घटनाएं जिले में पिछले माह और पांच दिन पहले सामने आ चुकी हैं। इसमें पुलिस की जांच में गेम में रकम हारने पर फर्जी घटना दिखाने की बात सामने आई। वहीं, साइबर के विशेषज्ञ मोबाइल गेम को घातक बता रहे हैं। उनका कहना है कि आए दिन लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। जितना गेम से दूर रहे हैं, वही सही है।
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गेम में हार गया रकम, तो रच दी लूट की कहानी
पिछले माह डुमरियागंज में एक घटना सामने आई। जिसमें पीड़ित ने खुद के साथ चाकू से हमला करके लूट होने की पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने घटनाक्रम को देखा और पूछताछ की तो शिकायत करने वाला युवक टूट गया। पुलिस को बताया कि ऑनलाइन गेम में वह काफी रुपये हार चुका था। लोग रुपये की मांग कर रहे थे। दबाव बढ़ रहा था, इसलिए सोचा की लूट दिखा देंगे तो लोग कुछ दिन शांत हो जाएंगे और रुपये नहीं देना पड़ेगा। इसलिए ब्लेड से गले पर मार दिया और सड़क पर गिरने का नाटक किया। पुलिस कहानी पर अगर शक करके जांच नहीं करती तो लूट के पीछे भागती रहती और सच सामने नहीं आता।
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खुद हार गया रकम, दूसरे पर लगाया ठगी का आरोप
इटवा थाना क्षेत्र में पांच दिन पहले एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर दो युवकों को दो लाख रुपये लड़के से ठगी कर लेने का आरोप लगाया। मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की। पुलिस को कुछ संंदेह हुआ तो केस दर्ज करने से पहले छानबीन करना वाजिब समझा। दूसरे दिन ही सामने आया है कि शिकायतकर्ता को लड़का रुपये गेम में हार गया था। परिवार वाले पूछताछ न करें इसलिए जानने वालों पर आरोप लगा दिया था।
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हार गया रुपये तो जहर खाकर दे दी जान
एक माह पहले लोटन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दो दिन चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। लोगों ने बताया कि नेपाल में जाकर जुआ खेलता था। काफी रकम हार गया था। इस वजह से आर्थिकतंगी का शिकार हो गया और यह कदम उठा लिया।
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बोले एक्सपर्ट
इंटरनेट पर तमाम प्रकार के मोबाइल गेम हैं। इसमें लोग रुपये लगाते हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। रकम गवां रहे हैं, इसमें गई रकम वापस नहीं होती है। ठगी से बचने के लिए ऑनलाइन गेम दूरी से बनाएं। अगर गलती से साइबर ठगी के शिकार हो जा रहे हैं तो तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
-अतुल कुमार चौबे, साइबर एक्सपर्ट, साइबर सेल सिद्धार्थनगर
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बोले जिम्मेदार
कोई भी घटना होने पर पुलिस हर बिंदुओं पर जांच करती है। जिससे घटना की सही जानकारी मिल सके। छानबीन में सच सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है। जिससे कोई निर्दोष व्यक्ति न फंसे।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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पहले लोग जुआ खेलते थे, जो परिवार के साथ ही आसपास के लोगों की नजर में आ जाते थे। लेकिन संचार क्रांति के इस युग में हर हाथों में मोबाइल फोन है और हर कोई इंटरनेट से दुनिया देख रहा है। इसमें युवाओं की एक बड़ी आबादी को ऑनलाइन सट्टा के नशे की लत लग गई। कई ऑनलाइन गेम इंटरनेट पर उपलब्ध है। जिसे युवा खेल रहे हैं। कोई मोबाइल पर क्रिकेट में सट्टा लगा रहा तो को शेयर बाजार और अन्य ऑनलाइन गेम के जरिए मालामाल बनने की कोशिश में लगा है। जब अधिक रकम हार जा रहे हैं तो उससे बचने के लिए कुछ भी करने से नहीं चूक रहे हैं।
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इस तरह की घटनाएं जिले में पिछले माह और पांच दिन पहले सामने आ चुकी हैं। इसमें पुलिस की जांच में गेम में रकम हारने पर फर्जी घटना दिखाने की बात सामने आई। वहीं, साइबर के विशेषज्ञ मोबाइल गेम को घातक बता रहे हैं। उनका कहना है कि आए दिन लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। जितना गेम से दूर रहे हैं, वही सही है।
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गेम में हार गया रकम, तो रच दी लूट की कहानी
पिछले माह डुमरियागंज में एक घटना सामने आई। जिसमें पीड़ित ने खुद के साथ चाकू से हमला करके लूट होने की पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने घटनाक्रम को देखा और पूछताछ की तो शिकायत करने वाला युवक टूट गया। पुलिस को बताया कि ऑनलाइन गेम में वह काफी रुपये हार चुका था। लोग रुपये की मांग कर रहे थे। दबाव बढ़ रहा था, इसलिए सोचा की लूट दिखा देंगे तो लोग कुछ दिन शांत हो जाएंगे और रुपये नहीं देना पड़ेगा। इसलिए ब्लेड से गले पर मार दिया और सड़क पर गिरने का नाटक किया। पुलिस कहानी पर अगर शक करके जांच नहीं करती तो लूट के पीछे भागती रहती और सच सामने नहीं आता।
खुद हार गया रकम, दूसरे पर लगाया ठगी का आरोप
इटवा थाना क्षेत्र में पांच दिन पहले एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर दो युवकों को दो लाख रुपये लड़के से ठगी कर लेने का आरोप लगाया। मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की। पुलिस को कुछ संंदेह हुआ तो केस दर्ज करने से पहले छानबीन करना वाजिब समझा। दूसरे दिन ही सामने आया है कि शिकायतकर्ता को लड़का रुपये गेम में हार गया था। परिवार वाले पूछताछ न करें इसलिए जानने वालों पर आरोप लगा दिया था।
हार गया रुपये तो जहर खाकर दे दी जान
एक माह पहले लोटन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दो दिन चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। लोगों ने बताया कि नेपाल में जाकर जुआ खेलता था। काफी रकम हार गया था। इस वजह से आर्थिकतंगी का शिकार हो गया और यह कदम उठा लिया।
बोले एक्सपर्ट
इंटरनेट पर तमाम प्रकार के मोबाइल गेम हैं। इसमें लोग रुपये लगाते हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। रकम गवां रहे हैं, इसमें गई रकम वापस नहीं होती है। ठगी से बचने के लिए ऑनलाइन गेम दूरी से बनाएं। अगर गलती से साइबर ठगी के शिकार हो जा रहे हैं तो तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
-अतुल कुमार चौबे, साइबर एक्सपर्ट, साइबर सेल सिद्धार्थनगर
बोले जिम्मेदार
कोई भी घटना होने पर पुलिस हर बिंदुओं पर जांच करती है। जिससे घटना की सही जानकारी मिल सके। छानबीन में सच सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है। जिससे कोई निर्दोष व्यक्ति न फंसे।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक