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पासपोर्ट जांच : दिल्ली से काठमांडो कनेक्शन की जड़ तलाश रहीं एजेंसियां

Fri, 15 May 2026 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 15 May 2026 12:25 AM IST
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Passport investigation: Agencies looking for the root of Delhi-Kathmandu connection
- 11 मई की रात एसएसबी, कस्टम और मोहाना ककरहवा चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने 16 बांग्लादेशी पासपोर्ट के साथ बस चालक को पकड़ा था
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- दिल्ली पासपोर्ट लेकर जाने की पकड़े गए आरोपी नेपाली नागरिक ने दी थी जानकारी, मोहाना थाना में दर्ज हुई थी रिपोर्ट


सिद्धार्थनगर। दिल्ली जाने वाले बस में 16 बांग्लादेशी और दो नेपाली पासपोर्ट के साथ पकड़े गए नेपाली नागरिक जालंधर धामी से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसी कई स्तर पर जांच कर रही हैं। मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा बाॅर्डर 11 मई की रात पकड़े गए आरोपी के काठमांडो से दिल्ली के नेटवर्क में कितनी सच्चाई है, इसकी हकीकत जानने के लिए जांच एजेंसी और पुलिस ने जड़ तलाशनी शुरू कर दी है। अभी पासपोर्ट पर ही संशय है कि वह असली है या फिर फर्जी है। इसको पुख्ता करने के लिए एजेंसी और मोहाना पुलिस दिल्ली बताए गए स्थान को तस्दीक करेंगी। अगर कुछ सच्चाई है तो फिर जांच आगे बढ़ेगी।
बांग्लादेश का मामला होने के कारण बड़े नेटवर्क के इस मामले में शामिल होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा रहा है। पकड़े गए जालंधर धामी को कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया है, जैसा की अबतक की जांच में सामने आया है। उसे दिल्ली पहुंचाने और काम होने के बाद लेकर आने के लिए रुपये मिले थे। बाॅर्डर पर पहले भी विदेशियों का मूवमेंट रहा है, ऐसे में कुछ विदेशी गतिविधियों के सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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इस संबंध में एसओ मोहाना जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पासपोर्ट के मामले में कई स्तर पर जांच की जा रही है।
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काठमांडो से लेकर निकला था पासपोर्ट
नेपाली नागरिक के पकड़े जाने और बस पासपोर्ट से जुड़ा नागरिक न होने के कारण मामला गंभीर हाे गया है। इसमें 16 बांग्लादेशी पासपोर्ट का होना न सिर्फ मोहाना पुलिस के लिए अहम रहा बल्कि, बाॅर्डर पर काम करने वाले सुरक्षा एजेंसियां भी इसके बाद सतर्क हो गईं हैं। कारण बीते दिनों बांग्लादेशी में अल्पसंख्यक हिंदू परिवार के पर किए गए उत्पीड़न और पूर्व में माल्दा टू बंगाल के रास्ते देश में जाली नोट के नेटवर्क से जुड़े कई मामले सामने आने के बाद बांग्लादेशियों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ा दी गई है। ऐसे में एक साथ नेपाल नागरिक के पास 16 पासपोर्ट का पकड़ा जाना सुरक्षा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
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सूत्र बता रहे हैं, जिन लोगों के पासपोर्ट हैं वह नेपाल में टू रिस्ट वीजा पर घूमने के लिए आए हैं और उनका यहां पर वीजा समाप्त हो जाने से काठमांडाे में किसी पासपोर्टों को गंगबू बस स्टैंड, काठमांडो (नेपाल) से बस एजेंट के माध्यम से संपर्क कर दिल्ली तक पहुंचाने और काम कराने की जिम्मेदारी चालक को दी गई। लेकिन, कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा चालक बॉर्डर पर जांच में पकड़ा गया। अब पूरी कहानी पासपोर्ट की सत्यता पर टिकी है। अगर दिल्ली में बताए गए स्थान और पासपोर्ट की जांच में सत्यता है तो दिल्ली से काठमांडो की संदिग्ध गतिविधि के नेटवर्क का राज फाश हो सकता है।
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रुपये के लिए लेकर जा रहा था पासपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की गिरफ्त में आए नेपाली नागरिक से पूछताछ में जो बात सामने आई है, उससे यह प्रतीत हो रहा है कि पार्सल पहुंचाने के लिए जिस तरह लोग बसों का प्रयोग करते हैं और चालक-परिचालक को उसके बदले रुपये दे देते हैं। उसी तरह तरकीब आजमाई गई है। उसमें क्या रखा है? उन्हें कुछ पता नहीं रहता है। इस मामले में भी कुछ तरह की बात अबतक सामने आई है। उसने नेपाली 20 हजार रुपये के लिए पासपोर्ट लिया था। दिल्ली पहुंचकर एक व्यक्ति को देना था और लौटते समय में काम होने पर लेकर आना था। उसमें वीजा स्टैंपिंग और बेलारुस के लिए वीज लिया जाना था। फिलहाल जांच एजेंसियों की पड़ताल में हकीकत सामने आ ही जाएगी।
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लगातार बॉर्डर पर रहा विदेशी नागरिकों का मूवमेंट
जिले की 68 किलोमीटर सीमा क्षेत्र के बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा इंट्री के लिए मुख्य प्वाइंट हैं। इसके अलावा सीमा खुली है और कई गैर परंपरागत मार्ग हैं, जहां से लोगों की आवाजाही होती है। यहां पर समय-समय पर विदेशी नागरिक पकड़े जाते हैं। इसमें कई बीते दिसंबर माह में उज्बेकिस्तान की एक महिला पकड़ी गई थी। वह कई माह से दिल्ली में घूम रही थी। बढ़नी बाॅर्डर पर पकड़े जाने पर उसका वीजा समाप्त हो गया था। इसके अलावा ड्रग नेटवर्क से जुड़ा एक हांगकांग का नागरिक पकड़ा गया था। इससे पहले भी कई विदेशी नागरिक एसएसबी और अन्य एजेंसी के लोग पकड़ चुके हैं।

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यह है मामला
एसएसबी 43वीं वाहिनी, पुलिस व कस्टम की संयुक्त टीम ने ककरहवा बॉर्डर पर 11 मई रात जांच के दौरान एक संदिग्ध को पकड़ा था। जांच के दौरान नेपाल से दिल्ली भारतीय दूतावास के परमिट पर संचालित एक नेपाली बस को रोककर गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान चालक के कब्जे से 16 बांग्लादेशी और दो नेपाली पासपोर्ट बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान चालक ने अपना नाम जालंधर धामी निवासी हरिपुर, जिला सरलाही, प्रदेश नंबर दो नेपाल बताया। पूछताछ में उसने बताया गया कि वह पासपोर्टों को गंगबू बस स्टैंड, काठमांडू (नेपाल) से बस एजेंट के माध्यम से प्राप्त कर दिल्ली स्थित संयुक्त हिमालय यातायात प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली कार्यालय में पहुंचाने के लिए ले जा रहा था। इस मामले में पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू की थी।
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