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Siddharthnagar News: कागज में खेल, पकड़ में आ रहे लेखपाल, कस रहा शिकंजा
Sun, 29 Sep 2024 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 29 Sep 2024 11:53 PM IST
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तीन तहसील में आठ लेखपाल और दो कानूनगो पर हो चुकी है निलंबन की कार्रवाई
बांसी में अपात्रों को जमीन पट्टा करने, नौगढ़ में अवैध प्लाटिंग रोकने में नाकामी, शोहरतगढ़ क्षेत्र में मुआवजा में गड़बड़ी के मामले में हुई कार्रवाई
सभी मामलों में चल रही है विभागीय जांच, और लोग आ सकते हैं कार्रवाई की जद में
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कागज में खेल करके अपात्रों को लाभ पहुंचाने में विभागीय लोग कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पात्रों को दरकिनार कर यह कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस खेल में लाभ के असली हकदार वंचित हो रहे हैं। कागज में खेल करके अपात्र लोगों को लाभ देने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जो इस बात की पुष्टि करा रहा है कि राजस्व विभाग में गड़बड़ी बेधड़क किया जा रहा है। एक माह के भीतर तीन तहसील के आठ लेखपाल और दो कानून-गो पर निलंबन की कार्रवाई हाे चुकी है।जांच में उक्त सभी के खिलाफ सभी शिकायतें सही पाई गईं।
बांसी तहसील में अपात्र व्यक्ति को पट्टा करने में तीन लेखपाल और दो कानून-गो को निलंबित किया जा चुका है। सदर तहसील में अवैध प्लाटिंग रोकने में नाकाम एक लेखपाल और शोहरतगढ़ क्षेत्र में पात्रों के बजाए अपात्रों को बाढ़ राहत सामग्री देने में चार लेखपाल निलंबित कर दिए गए हैं। इन मामलों की विभागीय जांच भी चल रही है। जांच में और लोगों के जद में आने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई होनी तय है।
अपात्रों को रेवड़ी की तरह पट्टा कर दी जमीन
बांसी तहसील क्षेत्र के बेलवा लगुनही गांव में मुख्य मार्ग पर 103 लोगों को जमीन का पट्टा कर दिया गया है। इसमें सभी लोग मकान, दुकान बनाकर काबिज भी हो गए। सड़क के पास महंगी भूमि थी, इसलिए राजस्व कर्मियों की गठजोड़ से रुपये लेकर करोड़ों की भूमि पट्टा पर दे दी गई। इसमें पात्रता नहीं, पैसा देखा गया। इस मामले में शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने शिकायत के आधार पर जांच कराई तो 103 पट्टा अवैध पाया गया। इसमें अब तक तीन लेखपाल और दो कानून-गो निलंबित हो चुके हैं। 49 और पट्टा अवैध होने के मामले की जांच चल रही है। इसमें किस-किस पर गाज गिरेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है। वैसे जांच में कई और लेखपालों के कार्रवाई की जद में आने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही भूमि घोटाले में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका की जांच आयुक्त झांसी करेंगे। अभी इस मामले में कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा।
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अवैध प्लाटिंग के बारे में नहीं दी जानकारी, लेखपाल निलंबित
सदर तहसील क्षेत्र के कपिलवस्तु नगर पंचायत में अवैध रूप से होने वाली प्लाटिंग के बारे में शिथिलता बरतने और उच्चाधिकारियों को जानकारी नहीं देने के मामले में हल्के के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। इसमें लेखपाल की जिम्मेदारी थी कि मौके को देखे और अवैध रूप से होने वाले कार्य को रोके। इसमें गड़बड़ी मिलने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर लेखपाल पर कार्रवाई हुई।
भूमिहीनों को दे दी फसल क्षति का मुआवजा
बाढ़ से होने वाली क्षति का मुआवजा देने के लिए जिलाधिकारी की ओर से तत्काल सर्वे और मुआवजा देने के आदेश थे। इसमें सर्वे और सूची बनाने में लेखपालों की ओर से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। पात्र व्यक्ति छूट गए और भूमिहीनो को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ दे दिया गया। इस मामले में शिकायत हुई। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने मामले की जांच की तो अनियमितता उजागर हुई। इसके बाद तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मुआवजा राशि के वितरण की जांच जारी है। वहीं, अनुशासनहीनता के मामले में शोहरतगढ़ तहसील के ही एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
घर बैठे लगा दी रिपोर्ट
राजस्व विभाग के जुड़े लोगों के मुताबिक नुकसान के सर्वे में अक्सर गड़बड़ी की जाती है। बिना मौके पर गए रिपोर्ट लगा दी जाती है। इसमें राजस्वकर्मी के कुछ चुनिंदा लोग रहते हैं, जिनकी ओर से सूची बना दी जाती है। उसी सूची आगे बढ़ा देते हैं। इससे अपात्र चयनित हो जाते हैं और पात्र वंचित रहे जाते हैं। बाढ़ प्रभावित अन्य क्षेत्र के मुआवजे की जांच में और लोग पकड़ में आ सकते हैं।
शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर लेखपालों पर कार्रवाई की गई है। बांसी तहसील में पट्टे के मामले की जांच चल रही है। जांच में जो दोषी मिलेगा कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी
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बांसी में अपात्रों को जमीन पट्टा करने, नौगढ़ में अवैध प्लाटिंग रोकने में नाकामी, शोहरतगढ़ क्षेत्र में मुआवजा में गड़बड़ी के मामले में हुई कार्रवाई
सभी मामलों में चल रही है विभागीय जांच, और लोग आ सकते हैं कार्रवाई की जद में
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कागज में खेल करके अपात्रों को लाभ पहुंचाने में विभागीय लोग कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पात्रों को दरकिनार कर यह कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस खेल में लाभ के असली हकदार वंचित हो रहे हैं। कागज में खेल करके अपात्र लोगों को लाभ देने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जो इस बात की पुष्टि करा रहा है कि राजस्व विभाग में गड़बड़ी बेधड़क किया जा रहा है। एक माह के भीतर तीन तहसील के आठ लेखपाल और दो कानून-गो पर निलंबन की कार्रवाई हाे चुकी है।जांच में उक्त सभी के खिलाफ सभी शिकायतें सही पाई गईं।
बांसी तहसील में अपात्र व्यक्ति को पट्टा करने में तीन लेखपाल और दो कानून-गो को निलंबित किया जा चुका है। सदर तहसील में अवैध प्लाटिंग रोकने में नाकाम एक लेखपाल और शोहरतगढ़ क्षेत्र में पात्रों के बजाए अपात्रों को बाढ़ राहत सामग्री देने में चार लेखपाल निलंबित कर दिए गए हैं। इन मामलों की विभागीय जांच भी चल रही है। जांच में और लोगों के जद में आने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई होनी तय है।
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अपात्रों को रेवड़ी की तरह पट्टा कर दी जमीन
बांसी तहसील क्षेत्र के बेलवा लगुनही गांव में मुख्य मार्ग पर 103 लोगों को जमीन का पट्टा कर दिया गया है। इसमें सभी लोग मकान, दुकान बनाकर काबिज भी हो गए। सड़क के पास महंगी भूमि थी, इसलिए राजस्व कर्मियों की गठजोड़ से रुपये लेकर करोड़ों की भूमि पट्टा पर दे दी गई। इसमें पात्रता नहीं, पैसा देखा गया। इस मामले में शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने शिकायत के आधार पर जांच कराई तो 103 पट्टा अवैध पाया गया। इसमें अब तक तीन लेखपाल और दो कानून-गो निलंबित हो चुके हैं। 49 और पट्टा अवैध होने के मामले की जांच चल रही है। इसमें किस-किस पर गाज गिरेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है। वैसे जांच में कई और लेखपालों के कार्रवाई की जद में आने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही भूमि घोटाले में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका की जांच आयुक्त झांसी करेंगे। अभी इस मामले में कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा।
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अवैध प्लाटिंग के बारे में नहीं दी जानकारी, लेखपाल निलंबित
सदर तहसील क्षेत्र के कपिलवस्तु नगर पंचायत में अवैध रूप से होने वाली प्लाटिंग के बारे में शिथिलता बरतने और उच्चाधिकारियों को जानकारी नहीं देने के मामले में हल्के के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। इसमें लेखपाल की जिम्मेदारी थी कि मौके को देखे और अवैध रूप से होने वाले कार्य को रोके। इसमें गड़बड़ी मिलने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर लेखपाल पर कार्रवाई हुई।
भूमिहीनों को दे दी फसल क्षति का मुआवजा
बाढ़ से होने वाली क्षति का मुआवजा देने के लिए जिलाधिकारी की ओर से तत्काल सर्वे और मुआवजा देने के आदेश थे। इसमें सर्वे और सूची बनाने में लेखपालों की ओर से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। पात्र व्यक्ति छूट गए और भूमिहीनो को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ दे दिया गया। इस मामले में शिकायत हुई। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने मामले की जांच की तो अनियमितता उजागर हुई। इसके बाद तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मुआवजा राशि के वितरण की जांच जारी है। वहीं, अनुशासनहीनता के मामले में शोहरतगढ़ तहसील के ही एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
घर बैठे लगा दी रिपोर्ट
राजस्व विभाग के जुड़े लोगों के मुताबिक नुकसान के सर्वे में अक्सर गड़बड़ी की जाती है। बिना मौके पर गए रिपोर्ट लगा दी जाती है। इसमें राजस्वकर्मी के कुछ चुनिंदा लोग रहते हैं, जिनकी ओर से सूची बना दी जाती है। उसी सूची आगे बढ़ा देते हैं। इससे अपात्र चयनित हो जाते हैं और पात्र वंचित रहे जाते हैं। बाढ़ प्रभावित अन्य क्षेत्र के मुआवजे की जांच में और लोग पकड़ में आ सकते हैं।
शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर लेखपालों पर कार्रवाई की गई है। बांसी तहसील में पट्टे के मामले की जांच चल रही है। जांच में जो दोषी मिलेगा कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी