{"_id":"61cdef9bc73ae30a33286ce4","slug":"paddy-ewt-due-to-rain-siddharthnagar-news-gkp4218863144","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश में क्रय केंद्र पर भीग गया धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश में क्रय केंद्र पर भीग गया धान
विज्ञापन
क्रय केंद्र धेन्सा नानकार में पल्ली डाल कर बाहर रखा गया धान। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश में क्रय केंद्र पर भीग गया धान
नहीं हुई खरीद, धान क्रय केंद्र धेंसा का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
धेंसा। जिम्मेदारों की उदासीनता किसानों पर भारी पड़ रही है। कुछ यही हाल धेंसा स्थित धान क्रय केंद्र का है। यहां किसानों का रखा गया धान बारिश में भीग गया। किसानों का आरोप है कि 15 दिन से धान पड़ा हुआ है लेकिन तौल नहीं की गई।
बुधवार को दिनभर की बारिश क्रय केंद्र धेंसा नानकार पर धान बेचने के लिए 15 दिनों से अपनी बारी का इंतजार करने वाले किसानों के लिए आफत बन गई। रुक-रुक कर हुई बरसात से किसानों को काफी परेशानी हुई। किसी तरह से पन्नी डालकर बाहर रखे धान को बचाया। केंद्र पर पूर्व में खरीदे गए धान को भी बाहर रख दिया गया है। मौसम खराब होने की आहट से दो दिन पूर्व चिल्हिया के एक किसान ने क्रय केंद्र पर ही व्यापारी को बुलाकर अपना धान बेच दिया। क्रय केंद्र पर अव्यवस्था व्याप्त है। यहां पर माह में सिर्फ 15-20 दिन ही सुचारु रूप से केंद्र संचालित हो पाता है। बीच में 4-5 दिन पीडीएस अनाज की निकासी होती है। 4-5 दिन अवकाश रहता है। ऐसे में क्षेत्रीय किसानों को धान तौल कराने में काफी परेशानी होती है। कपिया मिश्र निवासी किसान प्रकाश ने बताया कि 15 दिन से क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। 20 क्विंटल धान बेचना है। केंद्र प्रभारी रोज हीलाहवाली करते हैं। यह तो सिर्फ बानगी है। ऐसे कई किसान हैं जो हर दिन केंद्र का चक्कर लगाते रहे, लेकिन खरीद नहीं हुई। विवश होकर आढ़तियों के हाथ धान बेचना पड़ा। इस संबंध में एमआई चतुरगुन जायसवाल ने बताया कि गोदाम में पीडीएस अनाज भरा होने के कारण धान बाहर रखा गया है। बाहर किसानों का जितना धान है, उसकी तौल एक-दो दिन में हो जाएगी।
विज्ञापन
नहीं हुई खरीद, धान क्रय केंद्र धेंसा का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
धेंसा। जिम्मेदारों की उदासीनता किसानों पर भारी पड़ रही है। कुछ यही हाल धेंसा स्थित धान क्रय केंद्र का है। यहां किसानों का रखा गया धान बारिश में भीग गया। किसानों का आरोप है कि 15 दिन से धान पड़ा हुआ है लेकिन तौल नहीं की गई।
बुधवार को दिनभर की बारिश क्रय केंद्र धेंसा नानकार पर धान बेचने के लिए 15 दिनों से अपनी बारी का इंतजार करने वाले किसानों के लिए आफत बन गई। रुक-रुक कर हुई बरसात से किसानों को काफी परेशानी हुई। किसी तरह से पन्नी डालकर बाहर रखे धान को बचाया। केंद्र पर पूर्व में खरीदे गए धान को भी बाहर रख दिया गया है। मौसम खराब होने की आहट से दो दिन पूर्व चिल्हिया के एक किसान ने क्रय केंद्र पर ही व्यापारी को बुलाकर अपना धान बेच दिया। क्रय केंद्र पर अव्यवस्था व्याप्त है। यहां पर माह में सिर्फ 15-20 दिन ही सुचारु रूप से केंद्र संचालित हो पाता है। बीच में 4-5 दिन पीडीएस अनाज की निकासी होती है। 4-5 दिन अवकाश रहता है। ऐसे में क्षेत्रीय किसानों को धान तौल कराने में काफी परेशानी होती है। कपिया मिश्र निवासी किसान प्रकाश ने बताया कि 15 दिन से क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। 20 क्विंटल धान बेचना है। केंद्र प्रभारी रोज हीलाहवाली करते हैं। यह तो सिर्फ बानगी है। ऐसे कई किसान हैं जो हर दिन केंद्र का चक्कर लगाते रहे, लेकिन खरीद नहीं हुई। विवश होकर आढ़तियों के हाथ धान बेचना पड़ा। इस संबंध में एमआई चतुरगुन जायसवाल ने बताया कि गोदाम में पीडीएस अनाज भरा होने के कारण धान बाहर रखा गया है। बाहर किसानों का जितना धान है, उसकी तौल एक-दो दिन में हो जाएगी।
विज्ञापन