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Siddharthnagar News: तंबाकू छुड़ाने के लिए मेडिकल कॉलेज में चलेगी ओपीडी
Tue, 16 Jul 2024 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 12:55 AM IST
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एनएमसी के अनुसार क्लीनिक नशा मुक्ति केंद्र की तरह होंगे संचालित
गांव और कस्बों में रहेगी नजर, वर्तमान समय में युवा सबसे अधिक आदी
तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अलग से क्लीनिक शुरू करने का फैसला लिया है। इस क्रम में जिले के मेडिकल कॉलेज में भी तंबाकू की लत को छुड़ाने के लिए ओपीडी चलाई जाएगी।
एनएमसी के अनुसार क्लीनिक नशा मुक्ति केंद्र की तरह संचालित होंगे। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ओपीडी चलाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के नशा मुक्ति केंद्र ने जिन गांव व कस्बों को नशा मुक्त करवाने के लिए गोद लिए होंगे उन मरीजाें की विशेष निगरानी करनी होगी। इसको लेकर जागरूकता फैलाने व अन्य समस्याओं को लेकर ग्रामीण स्तर पर टीम भी गठित की जाएगी। जिससे लोग तंबाकू की लत से दूर हो वर्तमान समय के युवा इस लत से सबसे अधिक आदी है, जिन्हें जागरूक करने के लिए मेडिकल कॉलेज की टीम जागरूकता अभियान भी चला सकती है।
मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभाग के अधीन यह विशेष क्लीनिक संचालित किया जा सकता है। जिन कॉलेजों ने अपने आसपास के क्षेत्रों को गोद लिया है, वहां विशेष तौर पर निगरानी रखी जा सकती है। इसके अलावा गांव और कस्बों की आबादी को इसमें शामिल करने के लिए टीमें तैनात की जा सकती हैं। वर्तमान समय में देश की 28.6 फीसदी आबादी धूम्रपान के अलावा गुटखा, खैनी, पान मसाला का शौक रखती है। इसके अलावा शराब, ई सिगरेट और अन्य तरह के नशे का शिकार होने वालों की संख्या अलग है।
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ऐसे में लोगों को इससे छुटकारा दिलाने व जागरूकता फैलाने के लिए ओपीडी का संचालन किया जाएगा। वहीं तंबाकू उत्पादन के आंकड़े की बात करे तो उत्तर प्रदेश में में 12.23 फीसदी तंबाकू का उत्पादन किया जाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि शासन के निर्देश होने पर नशा मुक्ति केंद्र में तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए ओपीडी का संचालन किया जाएगा। पत्र जारी हुआ है। लेकिन अभी ओपीडी संचालन के लिए कोई निर्देश नहीं मिला है।
गांव और कस्बों में रहेगी नजर, वर्तमान समय में युवा सबसे अधिक आदी
तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अलग से क्लीनिक शुरू करने का फैसला लिया है। इस क्रम में जिले के मेडिकल कॉलेज में भी तंबाकू की लत को छुड़ाने के लिए ओपीडी चलाई जाएगी।
एनएमसी के अनुसार क्लीनिक नशा मुक्ति केंद्र की तरह संचालित होंगे। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ओपीडी चलाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के नशा मुक्ति केंद्र ने जिन गांव व कस्बों को नशा मुक्त करवाने के लिए गोद लिए होंगे उन मरीजाें की विशेष निगरानी करनी होगी। इसको लेकर जागरूकता फैलाने व अन्य समस्याओं को लेकर ग्रामीण स्तर पर टीम भी गठित की जाएगी। जिससे लोग तंबाकू की लत से दूर हो वर्तमान समय के युवा इस लत से सबसे अधिक आदी है, जिन्हें जागरूक करने के लिए मेडिकल कॉलेज की टीम जागरूकता अभियान भी चला सकती है।
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मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभाग के अधीन यह विशेष क्लीनिक संचालित किया जा सकता है। जिन कॉलेजों ने अपने आसपास के क्षेत्रों को गोद लिया है, वहां विशेष तौर पर निगरानी रखी जा सकती है। इसके अलावा गांव और कस्बों की आबादी को इसमें शामिल करने के लिए टीमें तैनात की जा सकती हैं। वर्तमान समय में देश की 28.6 फीसदी आबादी धूम्रपान के अलावा गुटखा, खैनी, पान मसाला का शौक रखती है। इसके अलावा शराब, ई सिगरेट और अन्य तरह के नशे का शिकार होने वालों की संख्या अलग है।
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ऐसे में लोगों को इससे छुटकारा दिलाने व जागरूकता फैलाने के लिए ओपीडी का संचालन किया जाएगा। वहीं तंबाकू उत्पादन के आंकड़े की बात करे तो उत्तर प्रदेश में में 12.23 फीसदी तंबाकू का उत्पादन किया जाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि शासन के निर्देश होने पर नशा मुक्ति केंद्र में तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए ओपीडी का संचालन किया जाएगा। पत्र जारी हुआ है। लेकिन अभी ओपीडी संचालन के लिए कोई निर्देश नहीं मिला है।