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Siddharthnagar News: सिर्फ 7 दमकल की गाड़ियां.. आग लगी तो तबाही तय

Wed, 19 Mar 2025 11:13 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:13 PM IST
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Only 7 fire engines... if a fire breaks out then devastation is certain
भनवापुर क्षेत्र के मंडी शाहपुर में खड़ी फायर व्रिगेड विभाग की दमकल गाड़ियां। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। गर्मी के दिनों में आग लगने की घटनाएं अधिक बढ़ जाती हैैं। इनमें किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। उनकी गेहूं की फसल तबाह हो जाती है। दूसरी तरफ दमकल विभाग के पास आग बुझाने के संसाधनों में सिर्फ सात गाड़ियां ही मौजूद हैं।
गर्मी आने के साथ ही अग्निशमन विभाग पर जिले के डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल को आग से बचाने की चुनौती सामने है। विभाग के पास पांच तहसीलों में आग पर काबू पाने के लिए पांच बड़ी और दो छोटी गाड़ियां समेत मात्र सात वाहन ही उपलब्ध हैं। इससे एक साथ कई जगहों आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से काबू पाना मुश्किल होगा।
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अभी गेहूं की फसल पककर तैयार भी नहीं हुई कि आग लगने की घटना शुरु हो गई हैं। हालांकि फसल पकी न होने के कारण आग तेजी से नहीं फैल रही। मौके पर मौजूद लोगों ने उस पर काबू पा लिया। वहीं जिले में पूर्व में हुई आग से फसल के नुकसान की घटनाओं को याद कर किसान अभी से सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बघेली में बिजली पोल के पास शाॅर्ट सर्किट से निकली चिंगारियाें से गांव के बबुन्नर उपाध्याय व राजेंद्र मिश्रा के खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। हालांकि गेहूं की फसल के पके न होने के कारण किसानों की 10 मंडी फसल ही जलने से नष्ट हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी व पेड़ की झाड़ से पीट कर आग बुझा दी। किसानों का कहना था कि अगर फसल पकी होती तो बहुत नुकसान हो जाता।
उनका कहना था कि पूर्व में आसपास के कई गांवों में आग लगने की घटना में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो चुकी है। अब एक बार फिर से गर्मी आ रही है और खेत में गेहूं की फसल तैयार हो रही है, जिससे आग लगने की घटना होने का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने प्रशासन से आग पर काबू पाने के इंतजाम करने की मांग की। पूर्व में जिले के पांचों तहसीलों नौगढ, बांसी, इटवा, डुमरियागंज व शोहरतगढ़ क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में प्रति वर्ष हजारों बीघा फसल का नुकसान हो जाता रहा है।

किसान मणिकांत तिवारी, जगदीश ठकुराई का कहना है कि क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर फसल में आग लगने की घटना होने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने में बहुत देर हो जाती है। तब तक कई बीघा फसल जलकर नष्ट हो जाती है। सुविधाएं नहीं बढ़ाए जाने से किसानों को अभी से फसल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है, वहीं प्रशासन के सामने भी आग की घटनाओं पर रोक लगाना चुनौती होगी।
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