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बूढ़ी राप्ती पहुंची लाल निशान के करीब, लोग सहमे
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बूढ़ी राप्ती पहुंची लाल निशान के करीब, लोग सहमे
परसा/मन्नीजोज। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी और राप्ती की कटान तथा सोतवा नाले में उफान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांवों की फसल जलमग्न होने से किसानों में नाराजगी है। वहीं भनवापुर क्षेत्र के परसोहिया सदानंद गांव के लोगों ने कटान रोकने के इंतजाम की मांग की।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सोतवा नाले में उफान आ गया है। इससे तहसील क्षेत्र के परसा, पड़रिया, आखेरहिया, इमिलिया, चंदवा, हलौरा, गोल्हौरा मुस्तकहम समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। इसके अतिरिक्त बानगंगा, घोरही और बूढ़ी राप्ती नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी इन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। राप्ती नदी के दक्षिण दिशा में बसे भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के परसोहिया सदानंद गांव के पास हो रही कटान से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। कटान से कई किसानों के खेत को अपने आगोश में ले चुकी राप्ती नदी अब गांव के सीताराम, मून, अवधेश, तुलसीराम, नीबर आदि के घर के करीब पहुंच गई है। ये लोग मकान नदी में विलीन होने का खतरा देख डरे हुए हैं।
इनका कहना है कि अब तक किसानों के 25 बीघा से अधिक भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। निबर ने कहा कि डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र का इकलौता यह गांव नदी इस पार होने की वजह से लोगों की समस्याओं पर को ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सिंचाई खंड के जेई कालिका प्रसाद ने कहा कि परसोहिया सदानंद गांव जिले का है, पर यह बांध बलरामपुर जिले के विभाग के अंदर होने के कारण कटान रोकने की जिम्मेदारी उस जिले के विभागीय अधिकारियों की है।
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परसा/मन्नीजोज। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी और राप्ती की कटान तथा सोतवा नाले में उफान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांवों की फसल जलमग्न होने से किसानों में नाराजगी है। वहीं भनवापुर क्षेत्र के परसोहिया सदानंद गांव के लोगों ने कटान रोकने के इंतजाम की मांग की।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सोतवा नाले में उफान आ गया है। इससे तहसील क्षेत्र के परसा, पड़रिया, आखेरहिया, इमिलिया, चंदवा, हलौरा, गोल्हौरा मुस्तकहम समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। इसके अतिरिक्त बानगंगा, घोरही और बूढ़ी राप्ती नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी इन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। राप्ती नदी के दक्षिण दिशा में बसे भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के परसोहिया सदानंद गांव के पास हो रही कटान से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। कटान से कई किसानों के खेत को अपने आगोश में ले चुकी राप्ती नदी अब गांव के सीताराम, मून, अवधेश, तुलसीराम, नीबर आदि के घर के करीब पहुंच गई है। ये लोग मकान नदी में विलीन होने का खतरा देख डरे हुए हैं।
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इनका कहना है कि अब तक किसानों के 25 बीघा से अधिक भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। निबर ने कहा कि डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र का इकलौता यह गांव नदी इस पार होने की वजह से लोगों की समस्याओं पर को ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सिंचाई खंड के जेई कालिका प्रसाद ने कहा कि परसोहिया सदानंद गांव जिले का है, पर यह बांध बलरामपुर जिले के विभाग के अंदर होने के कारण कटान रोकने की जिम्मेदारी उस जिले के विभागीय अधिकारियों की है।
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