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Siddharthnagar News: नर्सिंग कॉलेज से सुधरेगी मेडिकल शिक्षा, बेटियाें की पढ़ाई होगी आसान
Wed, 25 Mar 2026 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:49 AM IST
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सिद्धार्थनगर। नर्सिंग की पढ़ाई की इच्छा रखने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। इसी सत्र से जिले में नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। शहर के पुरानी नौगढ़ में बन रहा नर्सिंग कॉलेज का भवन इसी मार्ग के अंत तक हैंडओवर होना है। भवन मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दाखिला शुरू कर दिया जाएगा। मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में लिखा-पढ़ी भी की गई है। कॉलेज के शुरू होने से बच्चों की लखनऊ, दिल्ली सहित अन्य शहरों को दौड़ खत्म हो गई है। इसके चालू होने से जिले के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। 10 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे नर्सिंग कॉलेज में प्रतिवर्ष 40 छात्र-छात्राओं काे प्रवेश मिलेगा।
शहर के पुराने नौगढ़ में 10 करोड़ रुपये की लागत से 2024 से ही नर्सिंग कॉलेज के लिए भवन का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2025 से ही प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने से भवन का निर्माण कार्य अधूरा रहा गया था। अक्तूबर माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा करके हैंडओवर करने की योजना थी लेकिन, काम पूरा नहीं हो पाया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में वार्ता हुई तो इसी माह के अंत तक या अगले माह तक निर्माण कार्य पूरा करके देना है। वहीं, निर्माण स्थल की बात करें तो कार्य तेजी से चल रहा है। अगर काम पूरा हो गया तो उम्मीद है कि दाखिला इस होने की उम्मीद है। अगर लेक्चर भवन और आवास हैंडओवर हो गया तो शैक्षिक कार्य इसी सत्र से शुरू हो सकता है। दाखिला हो गया तो मेडिकल कॉलेज और वहां पर मिलाकर क्लास चलाई जा सकती है। इसके शुरू होने से जाने बीएसी नर्सिंग में दाखिला लेने वाले बच्चों का सपना यहीं पर साकार कर सकेंगे।
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बेटियां भी बढ़ सकेंगी
नर्सिंग की पढ़ाई अधिकतर लड़कियां करती हैं। इसके लिए उन्हें लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और दिल्ली जाना पड़ता है। बेटियों को बाहर भेजने को लेकर आज भी लोगों में भ्रम और डर है। इसलिए चाहते हुए भी अभिभावक बेटियों को इतनी दूर भेजने से कतराते हैं। वहींं, बेटियां बाहर जाकर सही से पढ़ भी पाती हैं। अब जिले में सरकारी नर्सिंग कॉलेज शुरू होने युवाओं से अधिक बेटियों को लाभ मिलेगा।
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तीन मंजिला रहेगा भवन
लगभग पांच एकड़ भूमि इसके लिए आरक्षित किया गया है। इसमें कॉलेज, हाॅस्टल आदि की सुविधा अलग-अलग होगी। भवन तीन मंजिला रहेगा। इससे अधिक एरिया कवर करना पड़े। इसमें हर साल 40 सीटों पर दाखिला होगा। काउंसिलिंग प्रदेश स्तरीय परीक्षा के जरिये होगा।
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नर्सिंग कॉलेज में 160 छात्र करेंगे पढ़ाई
केंद्र सरकार की मदद से माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध नर्सिंग कॉलेज के एक एकड़ में एकेडमिक भवन बन रहा। साथ ही छात्रावास, बाउंड्रीवाॅल और अन्य भवनों का निर्माण हो रहा। नर्सिंग कॉलेज में बीएसएसी नर्सिंग की 40 सीटें होंगी। चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग के पाठ्यक्रम के तहत यहां कुल 160 विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे। इसमें प्रदेश स्तरीय परीक्षा के आधार प्रवेश लिया जाएगा।
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बोले जिम्मेदार
नर्सिंग कॉलेज निर्माण की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। बीते वर्ष ही भवन का हैंडओवर नहीं हो पाया था। हैंडओवर करने के लिए निर्माण एजेंसी ने कहा है। लिखापढ़ी की गई है, हैंडओवर होते ही दाखिला की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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शहर के पुराने नौगढ़ में 10 करोड़ रुपये की लागत से 2024 से ही नर्सिंग कॉलेज के लिए भवन का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2025 से ही प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने से भवन का निर्माण कार्य अधूरा रहा गया था। अक्तूबर माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा करके हैंडओवर करने की योजना थी लेकिन, काम पूरा नहीं हो पाया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में वार्ता हुई तो इसी माह के अंत तक या अगले माह तक निर्माण कार्य पूरा करके देना है। वहीं, निर्माण स्थल की बात करें तो कार्य तेजी से चल रहा है। अगर काम पूरा हो गया तो उम्मीद है कि दाखिला इस होने की उम्मीद है। अगर लेक्चर भवन और आवास हैंडओवर हो गया तो शैक्षिक कार्य इसी सत्र से शुरू हो सकता है। दाखिला हो गया तो मेडिकल कॉलेज और वहां पर मिलाकर क्लास चलाई जा सकती है। इसके शुरू होने से जाने बीएसी नर्सिंग में दाखिला लेने वाले बच्चों का सपना यहीं पर साकार कर सकेंगे।
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बेटियां भी बढ़ सकेंगी
नर्सिंग की पढ़ाई अधिकतर लड़कियां करती हैं। इसके लिए उन्हें लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और दिल्ली जाना पड़ता है। बेटियों को बाहर भेजने को लेकर आज भी लोगों में भ्रम और डर है। इसलिए चाहते हुए भी अभिभावक बेटियों को इतनी दूर भेजने से कतराते हैं। वहींं, बेटियां बाहर जाकर सही से पढ़ भी पाती हैं। अब जिले में सरकारी नर्सिंग कॉलेज शुरू होने युवाओं से अधिक बेटियों को लाभ मिलेगा।
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तीन मंजिला रहेगा भवन
लगभग पांच एकड़ भूमि इसके लिए आरक्षित किया गया है। इसमें कॉलेज, हाॅस्टल आदि की सुविधा अलग-अलग होगी। भवन तीन मंजिला रहेगा। इससे अधिक एरिया कवर करना पड़े। इसमें हर साल 40 सीटों पर दाखिला होगा। काउंसिलिंग प्रदेश स्तरीय परीक्षा के जरिये होगा।
नर्सिंग कॉलेज में 160 छात्र करेंगे पढ़ाई
केंद्र सरकार की मदद से माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध नर्सिंग कॉलेज के एक एकड़ में एकेडमिक भवन बन रहा। साथ ही छात्रावास, बाउंड्रीवाॅल और अन्य भवनों का निर्माण हो रहा। नर्सिंग कॉलेज में बीएसएसी नर्सिंग की 40 सीटें होंगी। चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग के पाठ्यक्रम के तहत यहां कुल 160 विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे। इसमें प्रदेश स्तरीय परीक्षा के आधार प्रवेश लिया जाएगा।
बोले जिम्मेदार
नर्सिंग कॉलेज निर्माण की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। बीते वर्ष ही भवन का हैंडओवर नहीं हो पाया था। हैंडओवर करने के लिए निर्माण एजेंसी ने कहा है। लिखापढ़ी की गई है, हैंडओवर होते ही दाखिला की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज