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एनएच 730 : दो माह करिए इंतजार फिर भर पाएंगे रफ्तार
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बारिश के कारण धीमा हुआ एनएच चौड़ीकरण व उसका बाईपास निर्माण कार्य
एनएच चौड़ीकरण के लिए एक तरफ गिट्टी बिछाकर छोड़ा, राहगीरों की सांसत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए एनएच 730 के चौड़ीकरण और उसके बाईपास निर्माण कार्य में बारिश और जलभराव बाधा बन गई है। चौड़ीकरण एवं बाईपास निर्माण के लिए निचली भूमि की पटाई के लिए बारिश एवं जलभराव से मिट्टी नहीं मिलने के कारण कार्य प्रभावित हो गया है। इस कारण बारिश का मौसम समाप्त होने के दो माह बाद ही कार्य में तेजी आ सकेगी। वहीं एनएच चौड़ीकरण के लिए एक किनारे गिट्टी बिछाकर छोड़ने से वाहन चालकों व बाइक सवारों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
एनएच 730 पर महराजगंज जिले की सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए ढाई वर्ष पहले 500 करोड़ रुपया स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही आठ किमी लंबे बाईपास का निर्माण होना था। निर्माण में दो वर्ष की देरी के बाद कार्य शुरू तो हुआ है लेकिन अब बारिश इसमें बाधा बन गई है। शहर में हाईडिल तिराहे से आगे पकड़ी चौराहा व शोहरतगढ़ की तरफ धेंसा के पास कुछ दूरी तक सड़क चौड़ीकरण के तहत एक तरफ गिट्टी बिछाकर दो माह से छोड़ दिया गया है।
कई जगहों पर सड़क किनारे की भूमि बहुत निचली होने के कारण पटाई के लिए मिट्टी की जरूरत है, लेकिन बरसात में जलभराव होने से मिट्टी मिलना मुश्किल हो गया है। जिससे वर्तमान में निर्माण कार्य बंद हो गया है। इसके साथ ही उसका बाईपास के लिए चिन्हित निचली भूमि हथिवड़ताल में बन रहे 13 से अधिक पुलिया का निर्माण कार्य जलभराव के कारण ठप हो गया है। वहीं सड़क किनारे गिट्टी डाले हिस्से के नीचे होने के कारण वाहन एवं बाइक के अनियंत्रित होने से हादसे का खतरा रहता है।
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एनएच के एई बीबी सिंह का कहना है कि कार्यदाई संस्था को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कार्य में तेजी लाकर समय से कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
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चार माह पहले अतिक्रमण हटा शुरू हुआ था निर्माण
सड़क चौड़ीकरण के लिए शहर से पकड़ी चौराहे तक किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य हुआ था। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ जो दो माह से ठप पड़ गया है। इसके साथ ही सड़क किनारे के पेड़ों को काटकर हटा दिया गया है और बिजली पोल भी हटाए गए है। इसके बावजूद निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया है। पकड़ी चौराहे के दुकानदार मनोज राय और बबलू राय कहते है कि अधूरे चौड़ीकरण कार्य से आवागमन में दिक्कत हो रही है। सड़क किनारे नीचले हिस्से में हर समय बाइक के अनियंत्रित होकर गिरने से हादसे का खतरा रहता है।
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दो वर्ष से अटकी थी निर्माण प्रक्रिया
एनएच निर्माण की शुरुआत में डेढ़ वर्ष तक सड़क किनारे संरक्षित वन क्षेत्र के पेड़ों को हटाने के लिए एनओसी आड़े आ रहा था। सनई चौराहे से शोहरतगढ़ तक सड़क किनारे लगे पेड़ संरक्षित वन क्षेत्र में शामिल हैं। इसे हटाने के लिए केंद्र सरकार से एनओसी लेना था, जिसके लिए वन विभाग के माध्यम से आवेदन होना था। अब इसके लिए जरूरी 12 हेक्टेयर भूमि मिलने के बाद एनओसी लेने की प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ ही सड़क किनारे पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। वहीं बिजली निगम की निगरानी में सड़क किनारे स्थित पोल हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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पुल एवं पुलिया निर्माण में भी आ रही बाधा
एनएच 730 पर रेलवे क्रासिंग पर बिना रूके निर्बाध आवागमन के लिए 8.5 किमी लंबे उसका बाईपास और 2.5 किमी लंबे चिल्हिया बाईपास का निर्माण हो रहा है। इसके तहत उसका बाईपास पर मदनपुर, पंडितपुर व बिहठा समेत हथिवड़ताल में 13 छोटे पुलिया एवं कूड़ा नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण होना है। वर्तमान में निचली भूमि पर निर्माणाधीन छोटे पुलिया के आसपास जलभराव होने से निर्माण कार्य बंद हो गया है। अब जलभराव समाप्त होने के बाद ही इन पुलियों का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे एनएच बाईपास निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ सकेगा।
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सड़क निर्माण से मिलेगी राहत
लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से सड़क निर्माण के धीमी गति से निराशा हो रही है, सड़क के जल्द निर्माण होने से आवागमन में बहुत राहत मिलेगी।
विपिन श्रीवास्तव, वाहन चालक
इस बहुप्रतिक्षित सड़क के चौड़ीकरण एवं नवनिर्माण से शहरियों को बहुत राहत होगी। लेकिन देर से शुरू हुए निर्माण के बाद अब धीमी गति से निराशा है।
सतीश सिंह, वाहन चालक
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एनएच चौड़ीकरण के लिए एक तरफ गिट्टी बिछाकर छोड़ा, राहगीरों की सांसत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए एनएच 730 के चौड़ीकरण और उसके बाईपास निर्माण कार्य में बारिश और जलभराव बाधा बन गई है। चौड़ीकरण एवं बाईपास निर्माण के लिए निचली भूमि की पटाई के लिए बारिश एवं जलभराव से मिट्टी नहीं मिलने के कारण कार्य प्रभावित हो गया है। इस कारण बारिश का मौसम समाप्त होने के दो माह बाद ही कार्य में तेजी आ सकेगी। वहीं एनएच चौड़ीकरण के लिए एक किनारे गिट्टी बिछाकर छोड़ने से वाहन चालकों व बाइक सवारों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
एनएच 730 पर महराजगंज जिले की सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए ढाई वर्ष पहले 500 करोड़ रुपया स्वीकृत हुआ था। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही आठ किमी लंबे बाईपास का निर्माण होना था। निर्माण में दो वर्ष की देरी के बाद कार्य शुरू तो हुआ है लेकिन अब बारिश इसमें बाधा बन गई है। शहर में हाईडिल तिराहे से आगे पकड़ी चौराहा व शोहरतगढ़ की तरफ धेंसा के पास कुछ दूरी तक सड़क चौड़ीकरण के तहत एक तरफ गिट्टी बिछाकर दो माह से छोड़ दिया गया है।
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कई जगहों पर सड़क किनारे की भूमि बहुत निचली होने के कारण पटाई के लिए मिट्टी की जरूरत है, लेकिन बरसात में जलभराव होने से मिट्टी मिलना मुश्किल हो गया है। जिससे वर्तमान में निर्माण कार्य बंद हो गया है। इसके साथ ही उसका बाईपास के लिए चिन्हित निचली भूमि हथिवड़ताल में बन रहे 13 से अधिक पुलिया का निर्माण कार्य जलभराव के कारण ठप हो गया है। वहीं सड़क किनारे गिट्टी डाले हिस्से के नीचे होने के कारण वाहन एवं बाइक के अनियंत्रित होने से हादसे का खतरा रहता है।
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एनएच के एई बीबी सिंह का कहना है कि कार्यदाई संस्था को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कार्य में तेजी लाकर समय से कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
चार माह पहले अतिक्रमण हटा शुरू हुआ था निर्माण
सड़क चौड़ीकरण के लिए शहर से पकड़ी चौराहे तक किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य हुआ था। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ जो दो माह से ठप पड़ गया है। इसके साथ ही सड़क किनारे के पेड़ों को काटकर हटा दिया गया है और बिजली पोल भी हटाए गए है। इसके बावजूद निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया है। पकड़ी चौराहे के दुकानदार मनोज राय और बबलू राय कहते है कि अधूरे चौड़ीकरण कार्य से आवागमन में दिक्कत हो रही है। सड़क किनारे नीचले हिस्से में हर समय बाइक के अनियंत्रित होकर गिरने से हादसे का खतरा रहता है।
दो वर्ष से अटकी थी निर्माण प्रक्रिया
एनएच निर्माण की शुरुआत में डेढ़ वर्ष तक सड़क किनारे संरक्षित वन क्षेत्र के पेड़ों को हटाने के लिए एनओसी आड़े आ रहा था। सनई चौराहे से शोहरतगढ़ तक सड़क किनारे लगे पेड़ संरक्षित वन क्षेत्र में शामिल हैं। इसे हटाने के लिए केंद्र सरकार से एनओसी लेना था, जिसके लिए वन विभाग के माध्यम से आवेदन होना था। अब इसके लिए जरूरी 12 हेक्टेयर भूमि मिलने के बाद एनओसी लेने की प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ ही सड़क किनारे पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। वहीं बिजली निगम की निगरानी में सड़क किनारे स्थित पोल हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
पुल एवं पुलिया निर्माण में भी आ रही बाधा
एनएच 730 पर रेलवे क्रासिंग पर बिना रूके निर्बाध आवागमन के लिए 8.5 किमी लंबे उसका बाईपास और 2.5 किमी लंबे चिल्हिया बाईपास का निर्माण हो रहा है। इसके तहत उसका बाईपास पर मदनपुर, पंडितपुर व बिहठा समेत हथिवड़ताल में 13 छोटे पुलिया एवं कूड़ा नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण होना है। वर्तमान में निचली भूमि पर निर्माणाधीन छोटे पुलिया के आसपास जलभराव होने से निर्माण कार्य बंद हो गया है। अब जलभराव समाप्त होने के बाद ही इन पुलियों का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे एनएच बाईपास निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ सकेगा।
सड़क निर्माण से मिलेगी राहत
लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से सड़क निर्माण के धीमी गति से निराशा हो रही है, सड़क के जल्द निर्माण होने से आवागमन में बहुत राहत मिलेगी।
विपिन श्रीवास्तव, वाहन चालक
इस बहुप्रतिक्षित सड़क के चौड़ीकरण एवं नवनिर्माण से शहरियों को बहुत राहत होगी। लेकिन देर से शुरू हुए निर्माण के बाद अब धीमी गति से निराशा है।
सतीश सिंह, वाहन चालक