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Siddharthnagar News: नेपाल के हालात ने तोड़ीं उम्मीदें आंखों के इलाज पर संकट
Wed, 10 Sep 2025 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:42 PM IST
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खुनुवां/ढेबरुवा। नेपाल के अंदरूनी हालात बिगड़ने का असर अब इलाज के लिए नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों पर भी पड़ने लगा है। इसमें जहां पयर्टन का आनंद लेने के साथ ही नेपाल में आंख के इलाज पर बड़ा भरोसा है। सस्ते और बेहतर इलाज और ऑपरेशन के लिए यहां से बड़ी संख्या में लोग भैरहवा और बढ़नी बाॅर्डर से होकर बहादुरगंज जाते हैं। लेकिन नेपाल में सरकार के खिलाफ जारी हिंसा ने इलाज कराने वालों की उम्मीदाें पर चोट पहुंचाया है।
बुधवार को इलाज के लिए बाॅर्डर पर पहुंचे कुछ मरीजों को जब जानकारी हुई कि नेपाल में नहीं जा सकते हैं तो उन्हें बड़ी पीड़ा हुई। वह मायूस होकर लौटने को विवश हो गए। बॉर्डर पर हालात को देखते हुए लोगों को वापस किया जा रहा था।
इसी बीच जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नीबी दोहनी का है, जहां के निवासी जगराम अपनी पत्नी ज्ञानमती को लेकर मंगलवार को आंखों का इलाज कराने नेपाल के रूपनदेही जिले के भैरहवा स्थित प्रसिद्ध आंख अस्पताल जा रहे थे, लेकिन खराब हालात की वजह से रात में रिश्तेदार के वहां रुकना पड़ा।
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जगराम व ज्ञानमती का कहना है लेकिन हाल के दिनों में नेपाल के राजनीतिक और सामाजिक अस्थिर माहौल का सीधा असर अस्पतालों की सेवाओं पर भी पड़ रहा है। जिससे तौलिहवा से वापस आना पड़ रहा है। जगराम ने बताया कि वे पत्नी का उचित इलाज कराने की उम्मीद से नेपाल गए थे, लेकिन हालात देखकर उन्हें निराशा हाथ लगी।
उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो आंखों की समस्या गंभीर हो सकती है। वहीं, बढ़नी बार्डर से बहादुरगंज आंख के अस्पताल में बच्चे को दिखाने के लिए जा रहे बलरामपुर जिले के गौरा बाजार निवासी राकेश ने बताया कि बच्चे को धुंधला दिखता है। संवाद ्
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बुधवार को इलाज के लिए बाॅर्डर पर पहुंचे कुछ मरीजों को जब जानकारी हुई कि नेपाल में नहीं जा सकते हैं तो उन्हें बड़ी पीड़ा हुई। वह मायूस होकर लौटने को विवश हो गए। बॉर्डर पर हालात को देखते हुए लोगों को वापस किया जा रहा था।
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इसी बीच जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नीबी दोहनी का है, जहां के निवासी जगराम अपनी पत्नी ज्ञानमती को लेकर मंगलवार को आंखों का इलाज कराने नेपाल के रूपनदेही जिले के भैरहवा स्थित प्रसिद्ध आंख अस्पताल जा रहे थे, लेकिन खराब हालात की वजह से रात में रिश्तेदार के वहां रुकना पड़ा।
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जगराम व ज्ञानमती का कहना है लेकिन हाल के दिनों में नेपाल के राजनीतिक और सामाजिक अस्थिर माहौल का सीधा असर अस्पतालों की सेवाओं पर भी पड़ रहा है। जिससे तौलिहवा से वापस आना पड़ रहा है। जगराम ने बताया कि वे पत्नी का उचित इलाज कराने की उम्मीद से नेपाल गए थे, लेकिन हालात देखकर उन्हें निराशा हाथ लगी।
उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो आंखों की समस्या गंभीर हो सकती है। वहीं, बढ़नी बार्डर से बहादुरगंज आंख के अस्पताल में बच्चे को दिखाने के लिए जा रहे बलरामपुर जिले के गौरा बाजार निवासी राकेश ने बताया कि बच्चे को धुंधला दिखता है। संवाद ्