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Siddharthnagar News: नेपाल-भारत के बीच पर्यटन बढ़ाने का समझौताल
Sun, 04 Oct 2026 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। बुद्ध जन्मस्थली लुम्बिनी और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच शुक्रवार को एक समझौता हुआ। यह समझौता पर्यटन, संस्कृति, आतिथ्य और व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। लुम्बिनी होटल संघ और उत्तर-पूर्वी भारतीय पर्यटन महासंघ ने इस पर सहमति जताई।
समझौते का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा देना है। साथ ही पर्यटकों के आवागमन और आपसी व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करना है। लुम्बिनी होटल संघ के अध्यक्ष लीलामणि शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष 2.69 लाख भारतीय पर्यटकों ने लुम्बिनी का भ्रमण किया। समझौते के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या में 80 हजार की वृद्धि की उम्मीद है। यह आंकड़ा 3.50 लाख से अधिक पहुंच सकता है। उन्होंने पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके लिए लुम्बिनी के आसपास पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है।
संपर्क और आदान-प्रदान : समझौते के तहत लुम्बिनी और पूर्वोत्तर भारत के बीच पर्यटन और तीर्थयात्रा का संयुक्त प्रचार-प्रसार होगा। पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने के लिए बौद्ध और हिंदू तीर्थस्थलों को शामिल किया जाएगा। सांस्कृतिक व पर्यावरणीय पर्यटन स्थलों को भी संयुक्त पर्यटन पैकेज में शामिल करने पर सहमति बनी है। दोनों क्षेत्रों के बीच संभावित स्थल और हवाई संपर्क की पहचान की जाएगी।
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सीमापार आवागमन को सहज बनाने के लिए संबंधित निकायों से समन्वय किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों, पत्रकारों और डिजिटल सामग्री निर्माताओं के बीच नियमित आदान-प्रदान भी होगा।ि
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खुनुवां। बुद्ध जन्मस्थली लुम्बिनी और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच शुक्रवार को एक समझौता हुआ। यह समझौता पर्यटन, संस्कृति, आतिथ्य और व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। लुम्बिनी होटल संघ और उत्तर-पूर्वी भारतीय पर्यटन महासंघ ने इस पर सहमति जताई।
समझौते का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा देना है। साथ ही पर्यटकों के आवागमन और आपसी व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करना है। लुम्बिनी होटल संघ के अध्यक्ष लीलामणि शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष 2.69 लाख भारतीय पर्यटकों ने लुम्बिनी का भ्रमण किया। समझौते के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या में 80 हजार की वृद्धि की उम्मीद है। यह आंकड़ा 3.50 लाख से अधिक पहुंच सकता है। उन्होंने पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके लिए लुम्बिनी के आसपास पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है।
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संपर्क और आदान-प्रदान : समझौते के तहत लुम्बिनी और पूर्वोत्तर भारत के बीच पर्यटन और तीर्थयात्रा का संयुक्त प्रचार-प्रसार होगा। पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने के लिए बौद्ध और हिंदू तीर्थस्थलों को शामिल किया जाएगा। सांस्कृतिक व पर्यावरणीय पर्यटन स्थलों को भी संयुक्त पर्यटन पैकेज में शामिल करने पर सहमति बनी है। दोनों क्षेत्रों के बीच संभावित स्थल और हवाई संपर्क की पहचान की जाएगी।
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सीमापार आवागमन को सहज बनाने के लिए संबंधित निकायों से समन्वय किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों, पत्रकारों और डिजिटल सामग्री निर्माताओं के बीच नियमित आदान-प्रदान भी होगा।ि