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Siddharthnagar News: बांसी में निकाला गया मातमी जुलूस, अकीदतमंदों ने नौहा पढ़ किया मातम

Sun, 21 Jun 2026 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 21 Jun 2026 02:10 AM IST
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Mourning procession taken out in Bansi; devotees recited elegies and mourned.
बांसी। कस्बे के अकबरनगर मोहल्ले में स्थित डॉक्टर आब्दी चौराहा पर शुक्रवार की देर रात मर्सिया मजलिस आयोजित की गई। इसके बाद अलम का जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम किया। जुलूस विभिन्न वार्डों के प्रमुख रास्तों से गश्त कर देर रात संपन्न हुआ।
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कार्यक्रम की शुरुआत में मर्सियाख्वानी शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने की। इसके बाद मजलिस को हल्लौर से आए मौलाना महफूज हुज्जत ने खिताब करते हुए कहा कि 10 मुहर्रम को कर्बला के मैदान में यजीदी लश्कर ने बड़ी बेदर्दी से हजरत इमाम हुसैन और उनके परिजनों व साथियों सहित 72 लोगों का कत्ल कर दिया। इसमें बुजुर्ग हबीब इबने मजाहिर से लेकर इमाम हुसैन के दुधमुंहे छह माह के बेटे अली असगर शामिल रहे। मौलाना महफूज ने कहा कि यजीदी लश्कर को मासूम अली असगर पर भी कोई रहम न आया। प्यासे मासूम अली असगर को पानी देने के बजाए तीन फाल के तीर से यजीदी सेना के तीर अंदाज बेरहम हुरमुला ने प्रहार कर शहीद कर दिया। अली असगर की शहादत का जिक्र सुनकर अकीदतमंद रो पड़े।
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मजलिस के बाद अलम का जुलूस निकाला गया, जिसमें नफीस हल्लौरी, कामयाब हैदर बब्लू, मुमताज, खुशनूद, अरमान, कामयाब, संजू आदि ने नौहाख्वानी की। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक डाॅ. कमर अब्बास आब्दी, एडवोकेट तमन्ना हैदर रिजवी, अख्तर अब्बास, मोहम्मद अरशद, अकबर आलम, विक्की रिजवी सहित काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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खून से लथपथ, लब पर या हुसैन की सदा
बांसी। शुक्रवार की रात कस्बे में निकाले गए मातमी जुलूस में हल्लौर से आए अंजुमन हैदरी के मातमी दस्ते में शामिल नौजवान नौशाद रिजवी, लाडले आदि खून से लथपथ होकर मातम करते रहे। उनके जिस्म से खून टपक रहा था लेकिन उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं थी बल्कि वे या हुसैन या अली की सदा बुलंद कर जोर-जोर से मातम कर रहे थे। मातमी जुलूस डाॅक्टर आब्दी चौराहा से निकलकर मंगलबाजार, लोहा मंडी, गौतमबुद्धनगर, टेकधर मंदिर तिराहा होते हुए डाॅ. आब्दी चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
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