फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Mothers will keep Jitiya fast on 25th for the long life of their son.

Siddharthnagar News: पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताएं 25 को रखेंगी जितिया व्रत

Sun, 22 Sep 2024 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 22 Sep 2024 02:16 AM IST
विज्ञापन
Mothers will keep Jitiya fast on 25th for the long life of their son.

विज्ञापन
व्रत का शुभ मुहूर्त 25 सितंबर की सुबह से शाम 4:58 बजे तक रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हिंदू धर्म में जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत पुत्र की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती है। यह व्रत कठिन व्रतों में से एक है। जितिया व्रत में माताएं 24 घंटे तक अन्न और जल को ग्रहण नहीं करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार य व्रत अश्वनी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। जो इसवर्ष 25 सितंबर दिन बुधवार को पड़ रहा है।
आने वाले बुधवार को जितिया व्रत पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताएं रखेंगी। इस व्रत के प्रभाव से संतान को सुख व ऐश्वर्य की भी प्राप्ति होती है। आचार्य याेगेश पांडेय ने बताया कि यह व्रत प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश व बिहार राज्य में मनाया जाता है। व्रत के पूर्व संध्या पर माताएं तरोई की सब्जी, भैंस का दूध, का सेवन करना अनिवार्य रहता है। इसके बाद से ही माताएं निर्जला व्रत को धारण कर लेती है। माताएं पूरे दिन किसी भी प्रकार का अन्न व जल ग्रहण नहीं करती हैं। इसमें भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमा गोबर से लिपे हुए स्थान पर मिट्टी की प्रतिमा बनाकर स्थापित करती हैं। इस प्रतिमा को धूप, दीप, अक्षत व रोली से पूजा की जाती हैं। उसके बाद जीवित्पुत्रिका की कथा सुनती हैं, जबकि अगले दिन भगवान की पूजा कर जितिया धारण करने के बाद पारण करती हैं। -------
विज्ञापन

जितिया व्रत नियम

जितिया व्रत का आरंभ एक दिन पहले ही हो जाता है, जिस नहाय-खाए कहा जाता है। जितिया से एक दिन पहले स्नान आदि कर पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण किया जाता है। भोजन सात्विक यानी बिना प्याज, लहसुन वाला होना चाहिए। इसके बाद दूसरे दिन जितिया का व्रत रखा जाता है, जिसमें व्रती महिलाएं न अन्न ग्रहण करती हैं और न ही जल। जितिया व्रत का पारण मुहूर्त के हिसाब से ही किया जाता है। जितिया व्रत का पारण दूसरे दिन पूजा-पाठ और सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है। तीन दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में व्रती महिलाओं का साफ-सफाई और अन्य बातों का खास ध्यान रखना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



जितिया व्रत 2024 शुभ मुहूर्त और पारण का समय
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 24 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से होगा। अष्टमी तिथि का समापन 25 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस साल जितिया का व्रत 25 सितंबर को ही रखा जाएगा। जितिया व्रत का पारण अगले दिन यानी 26 सितंबर को किया जाएगा। जितिया का पारण का शुभ समय 26 सितंबर को सुबह 4 बजकर 35 मिनट से सुबह 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

व्रत में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

जितिया व्रत में अन्न तो दूर पानी की एक बूंद भी ग्रहण न करें।
जितिया के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें
जितिया व्रत करने वाली महिलाएं साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें।
इस दिन किसी को अपशब्द न कहें और न ही दूसरों के लिए बुरे विचार लाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed