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मॉक ड्रिल : भूकंप से बचाव का अभ्यास किया
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सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल करौंदा में मॉक ड्रिल में शामिल एनडीआरएफ की टीम।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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मॉक ड्रिल : भूकंप से बचाव का अभ्यास किया
सिद्धार्थनगर। 11वीं एनडीआरएफ के कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में भूकंप आपदा पर आधारित संयुक्त अभ्यास, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व अन्य हित धारकों के साथ सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल करौंदा मसिना में किया गया।
सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में मॉक ड्रिल की शुरूआत 10.40 मिनट पर हुई। पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत अचानक स्कूलों की आपातकालीन घंटी बजी और विद्यार्थियों को भूकंप आने की सूचना दी गई। भूकंप थमने के बाद छात्र खुले स्थान पर इकट्ठा हुए जहां उनका हेड अकाउंट किया गया। एनडीआरएफ के 30 बचाव कर्मी मौजूद थे। सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंच कर तुरंत ही बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। कुछ लोगों के बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल में फंसे होने की जानकारी पर एनडीआरएफ की रोप रेस्क्यू टीम के बचावकर्ता रोप तकनीकों का इस्तेमाल कर बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
इंस्पेक्टर डीपी चंद्रा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया गया। भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की शुरुआत स्वयं से शुरू करनी होगी तथा जन-जन को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक करना होगा।
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सिद्धार्थनगर। 11वीं एनडीआरएफ के कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में भूकंप आपदा पर आधारित संयुक्त अभ्यास, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व अन्य हित धारकों के साथ सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल करौंदा मसिना में किया गया।
सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में मॉक ड्रिल की शुरूआत 10.40 मिनट पर हुई। पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत अचानक स्कूलों की आपातकालीन घंटी बजी और विद्यार्थियों को भूकंप आने की सूचना दी गई। भूकंप थमने के बाद छात्र खुले स्थान पर इकट्ठा हुए जहां उनका हेड अकाउंट किया गया। एनडीआरएफ के 30 बचाव कर्मी मौजूद थे। सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंच कर तुरंत ही बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। कुछ लोगों के बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल में फंसे होने की जानकारी पर एनडीआरएफ की रोप रेस्क्यू टीम के बचावकर्ता रोप तकनीकों का इस्तेमाल कर बिल्डिंग के ऊपरी मंजिल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
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इंस्पेक्टर डीपी चंद्रा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया गया। भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की शुरुआत स्वयं से शुरू करनी होगी तथा जन-जन को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक करना होगा।
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