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Siddharthnagar News: ऑनलाइन शाॅपिंग के मायाजाल से बिगड़ी बाजार की चाल
Fri, 22 Nov 2024 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Nov 2024 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। युवाओं में ऑनलाइन शॉपिंग के मायाजाल ने युवओं के जहन पर कब्जा कर लिया है। इससे बाजार की चाल बिगड़ गई है। शहर में प्रतिदिन विभिन्न कंपनियों के माध्यम से लगभग 35 लाख रुपये की खरीदारी हो जाती है। इसमें से कुछ ऐसी भी वस्तुएं भी हैं, जिन्हें बिन परखे लोग बाजार से भी नहीं ले जाते थे। मगर सहूलियत और सस्ते दामों के फेर में लोग खरीदारी करने में हिचक नहीं रहे हैं।
शादियों का सीजन हो या काेई अन्य त्योहार, सभी में युवा कपड़ों से लेकर जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन शॉपिंग को ही तवज्जो दे रहे हैं। वहीं सबसे अधिक कपड़ों की खरीदारी की जा रही है। जबकि, युवाओं के साथ घर की महिलाएं सीजन के हिसाब से सबसे ज्यादा फ्रिज, वाॅशिंग मशीन, एलईडी, मिक्सी, ओवन, एसी, इंडक्शन चूल्हा, मोबाइल, कपड़े, जूता चप्पल, फर्नीचर समेत व्यक्तिगत उपयोग की अनेकों वस्तुएं खरीदार रहे हैं।
दुकानदार भी अधिक से अधिक मुनाफे के लिए भरपूर स्टॉक भी रखते हैं। भले ही ग्राहकों के लिए ऑनलाइन बाजार फायदे का सौदा साबित हो, लेकिन छोटे व मध्यम वर्ग दर्जे के व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने उनके धंधे को आधा कर दिया है।
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इलेक्ट्रानिक कारोबारी, सत्यम उपाध्याय ने बताया की ऑनलाइन शॉपिंग से इलेक्ट्रानिक बाजार साठ फीसदी तक कम हो गया है। दूसरा, पहले एक वस्तु बेचने पर दस फीसदी तक फायदा हो जाता था, लेकिन अब ग्राहक दाम जानने के बाद तुरंत इंटरनेट पर उसकी सही कीमत देख लेते हैं। इसके बाद रेट कम करने पड़ते हैं। एक-दो फीसदी का धंधा रह गया है। दुकान के खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है।
मोबाइल कारोबारी नरेश ने बताया कि ऑनलाइन बाजार से मोबाइल कारोबार पर 50 फीसदी से ज्यादा असर पड़ा है। जबकि, ग्राहकों को मालूम होना चाहिए कि दुकान से मोबाइल खरीदने पर संतुष्टि रहती है।
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सिद्धार्थनगर। युवाओं में ऑनलाइन शॉपिंग के मायाजाल ने युवओं के जहन पर कब्जा कर लिया है। इससे बाजार की चाल बिगड़ गई है। शहर में प्रतिदिन विभिन्न कंपनियों के माध्यम से लगभग 35 लाख रुपये की खरीदारी हो जाती है। इसमें से कुछ ऐसी भी वस्तुएं भी हैं, जिन्हें बिन परखे लोग बाजार से भी नहीं ले जाते थे। मगर सहूलियत और सस्ते दामों के फेर में लोग खरीदारी करने में हिचक नहीं रहे हैं।
शादियों का सीजन हो या काेई अन्य त्योहार, सभी में युवा कपड़ों से लेकर जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन शॉपिंग को ही तवज्जो दे रहे हैं। वहीं सबसे अधिक कपड़ों की खरीदारी की जा रही है। जबकि, युवाओं के साथ घर की महिलाएं सीजन के हिसाब से सबसे ज्यादा फ्रिज, वाॅशिंग मशीन, एलईडी, मिक्सी, ओवन, एसी, इंडक्शन चूल्हा, मोबाइल, कपड़े, जूता चप्पल, फर्नीचर समेत व्यक्तिगत उपयोग की अनेकों वस्तुएं खरीदार रहे हैं।
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दुकानदार भी अधिक से अधिक मुनाफे के लिए भरपूर स्टॉक भी रखते हैं। भले ही ग्राहकों के लिए ऑनलाइन बाजार फायदे का सौदा साबित हो, लेकिन छोटे व मध्यम वर्ग दर्जे के व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने उनके धंधे को आधा कर दिया है।
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इलेक्ट्रानिक कारोबारी, सत्यम उपाध्याय ने बताया की ऑनलाइन शॉपिंग से इलेक्ट्रानिक बाजार साठ फीसदी तक कम हो गया है। दूसरा, पहले एक वस्तु बेचने पर दस फीसदी तक फायदा हो जाता था, लेकिन अब ग्राहक दाम जानने के बाद तुरंत इंटरनेट पर उसकी सही कीमत देख लेते हैं। इसके बाद रेट कम करने पड़ते हैं। एक-दो फीसदी का धंधा रह गया है। दुकान के खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है।
मोबाइल कारोबारी नरेश ने बताया कि ऑनलाइन बाजार से मोबाइल कारोबार पर 50 फीसदी से ज्यादा असर पड़ा है। जबकि, ग्राहकों को मालूम होना चाहिए कि दुकान से मोबाइल खरीदने पर संतुष्टि रहती है।

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद