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आदमी के हृदय कुंज में आदमी को शरण चाहिए : जितेंद्र जौहर
Mon, 01 Jan 2024 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 01 Jan 2024 01:18 AM IST
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पडरौना। आदमी के हृदय कुंज में आदमी को शरण चाहिए। यह रचना कवि जितेंद्र पांडेय जौहर ने निराला शब्द संवाद मंच की 15 कवि गोष्ठी में सुनाईं। यह काव्य गोष्ठी पडरौना के उदित नारायण इंटरमीडिएट काॅलेज में हुई। ठिठुरन भरी ठंड में दूर-दूर से आए कवियों ने अपनी कविता पाठ कर सबको भाव विभोर किया। वहीं, दो साहित्यकारों को श्रद्धासुमन भी अर्पित किया गया।
कवि गोष्ठी की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ओम और संचालन महासचिव डॉ. संजय मिश्र ने किया। कवि गोष्ठी की शुरुआत हरेंद्र पांडेय ने सरस्वती वंदना शारदे मां के चरणों में...से हुई। इसमें अधिकतर कवियों की रचनाएं भोजपुरी में रहीं। फिरोज अश्क ने मनई-मनई से प्रेम करे...तो अशोक शर्मा ने आओ मना ले नया वर्ष..सुनाया। वंदना गुप्ता ने धर्म रक्षा के लिए केशव चक्र उठाएंगे प्रस्तुत किया। ओमप्रकाश द्विवेदी ओम ने दिसंबर जात बा, परिवर्तन व नए वर्ष के आगमन से संबंधित पंक्तियां सुनाईं तो राजकुमार भट्ट ने ऋतु गीत अबकी जाड़ा कबले जाई... प्रस्तुत किया। इसी तरह राघव शरण मिश्र, केदारनाथ सिंह, रामनरेश शर्मा, सुजीत पांडेय, सत्यप्रकाश शुक्ला, दिनेश तिवारी भोजपुरिया, अभिमन्यु पांडेय, पूर्व प्रधानाचार्य मदन मोहन पांडेय, गोमल यादव, डॉ. संजय मिश्र आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि डॉ. रामनरेश दुबे ने सबकी समीक्षा की तथा इस बार की गोष्ठी में नई कविताओं के साथ कवियों के सम्मिलित होने पर संतोष व्यक्त किया। सभी को आगामी नव वर्ष 2024 की शुभकामना दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के बाद डाॅ. केशव बिहारी त्रिपाठी के निधन तथा पूर्व प्राचार्य डॉ. दुक्खी शुक्ल की पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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कवि गोष्ठी की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ओम और संचालन महासचिव डॉ. संजय मिश्र ने किया। कवि गोष्ठी की शुरुआत हरेंद्र पांडेय ने सरस्वती वंदना शारदे मां के चरणों में...से हुई। इसमें अधिकतर कवियों की रचनाएं भोजपुरी में रहीं। फिरोज अश्क ने मनई-मनई से प्रेम करे...तो अशोक शर्मा ने आओ मना ले नया वर्ष..सुनाया। वंदना गुप्ता ने धर्म रक्षा के लिए केशव चक्र उठाएंगे प्रस्तुत किया। ओमप्रकाश द्विवेदी ओम ने दिसंबर जात बा, परिवर्तन व नए वर्ष के आगमन से संबंधित पंक्तियां सुनाईं तो राजकुमार भट्ट ने ऋतु गीत अबकी जाड़ा कबले जाई... प्रस्तुत किया। इसी तरह राघव शरण मिश्र, केदारनाथ सिंह, रामनरेश शर्मा, सुजीत पांडेय, सत्यप्रकाश शुक्ला, दिनेश तिवारी भोजपुरिया, अभिमन्यु पांडेय, पूर्व प्रधानाचार्य मदन मोहन पांडेय, गोमल यादव, डॉ. संजय मिश्र आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि डॉ. रामनरेश दुबे ने सबकी समीक्षा की तथा इस बार की गोष्ठी में नई कविताओं के साथ कवियों के सम्मिलित होने पर संतोष व्यक्त किया। सभी को आगामी नव वर्ष 2024 की शुभकामना दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के बाद डाॅ. केशव बिहारी त्रिपाठी के निधन तथा पूर्व प्राचार्य डॉ. दुक्खी शुक्ल की पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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