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नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ, खरना आज

Mon, 08 Nov 2021 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 10:48 PM IST
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Mahaparv Chhath started with Nahay Khay, Kharna today
शहर में छठ पूजा के लिए सामग्री की खरीदारी करते लोग। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ, खरना आज
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सिद्धार्थनगर। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले महापर्व छठ की सोमवार को नहाय खाय के साथ शुरूआत हो गई। शहर के जमुआर नदी के घाट पर स्थित पूजा स्थल की सफाई के साथ रंगाई-पुताई कर छठ पूजा की तैयारी जोरों पर की गई।
चतुर्थी तिथि पर सोमवार को नहाय-खाय से इस पर्व की शुरुआत हुई। लोगों ने घरों की अच्छे से सफाई की और स्नान के बाद सूर्य को साक्षी मानकर व्रत का संकल्प लिया। साथ ही व्रती महिलाओं ने चने की सब्जी, चावल, साग का भोजन किया। छठ व्रत में मुख्य रूप से सूर्य और छठी मईया का पूजन किया जाता है।
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यह व्रत परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, संतान प्राप्ति व संतान की दीर्घायु की कामना के लिए किया जाता है। छठ का मुख्य पूजन और अर्घ्य षष्ठी तिथि को किया जाता है, लेकिन इस पर्व का आरंभ कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से हो जाता है। इसके अगले दिन खरना किया जाता है और फिर षष्ठी को छठ पर्व का मुख्य पूजन होता है। सप्तमी को फिर से उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत पारण किया जाता है।
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सूर्य की बहन है छठी मैया
शास्त्रों के अनुसार, छठ देवी भगवान ब्रह्मा जी की मानस पुत्री और सूर्य देव की बहन हैं। उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए यह पर्व मनाया जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि ब्रह्मा जी ने सृष्टि रचने के लिए स्वयं को दो भागों में बांट दिया, जिसमें दाहिने भाग में पुरुष और बाएं भाग में प्रकृति का रूप सामने आया। सृष्टि की अधिष्ठात्री प्रकृति देवी ने अपने आप को छह भागों में विभाजित किया। इनके छठे अंश को सर्वश्रेष्ठ मातृ देवी या देवसेना के रूप में जाना जाता है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी है, जिसे छठी मैया के नाम से जाना जाता है। शिशु के जन्म के छठे दिन भी इन्हीं की पूजा की जाती है। इनकी उपासना करने से बच्चे के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। पुराणों में इन्हीं देवी का नाम कात्यायनी बताया गया है, जिनकी नवरात्रि की षष्ठी तिथि को पूजा की जाती है।

छठ पर्व की तारीखें
छठ का आरंभ आठ नवंबर 2021 सोमवार को नहाय-खाय से शुरू हुआ। नौ नवंबर दिन मंगलवार को खरना किया जाएगा। 10 नवंबर दिन बुधवार को कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर छठ का मुख्य पूजन है। 11 नवंबर दिन बृहस्पतिवार को सप्तमी तिथि में उगते सूर्य को छठ का अंतिम अर्घ्य दिया जाएगा।
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