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मानदेय वृद्धि को लेकर लामबंद हुए मदरसा शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 05 Sep 2016 10:49 PM IST
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अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ ने मानदेय वृद्धि सहित छह सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना दिया। काली पट्टी बांधकर मदरसा शिक्षकों ने नगर में जुलूस निकाला। प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
धरने में जिलाध्यक्ष अख्तर कमाल मेकरानी ने कहा कि सरकार 22 वर्षों से शिक्षण कार्य करते आ रहे मदरसा शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। इन शिक्षकों को अल्प वेतन देकर शोषण किया जा रहा है। इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि योजना को स्थायी करते हुए कार्यरत मदरसा शिक्षकों को भी स्थायी किया जाए।
उन्होंने कहा कि सात वर्षों से मानदेय नहीं बढ़ाया गया है, महंगाई को देखते हुए मानदेय को चार गुना बढ़ाया जाए। पूर्व से कार्यरत चौथे शिक्षक को बहाल करते हुए उनका मानदेय भुगतान जल्द किया जाए। बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए। मदरसा शिक्षकों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार को आदेशित किया जाए, जिससे की उन्हें आर्थिक दुश्वारियां न झेलनी पड़े।
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उन्होंने कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। इस दौरान अली अहमद, अशोक कुमार, मुबारक अली, शहजाद अली, मोहम्मद रफीक अंसारी, सजमान अहमद, रियाजुदीन अहमद, अशरफ खां, आमीर खां आदि मौजूद रहे।
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धरने में जिलाध्यक्ष अख्तर कमाल मेकरानी ने कहा कि सरकार 22 वर्षों से शिक्षण कार्य करते आ रहे मदरसा शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। इन शिक्षकों को अल्प वेतन देकर शोषण किया जा रहा है। इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि योजना को स्थायी करते हुए कार्यरत मदरसा शिक्षकों को भी स्थायी किया जाए।
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उन्होंने कहा कि सात वर्षों से मानदेय नहीं बढ़ाया गया है, महंगाई को देखते हुए मानदेय को चार गुना बढ़ाया जाए। पूर्व से कार्यरत चौथे शिक्षक को बहाल करते हुए उनका मानदेय भुगतान जल्द किया जाए। बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए। मदरसा शिक्षकों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार को आदेशित किया जाए, जिससे की उन्हें आर्थिक दुश्वारियां न झेलनी पड़े।
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उन्होंने कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। इस दौरान अली अहमद, अशोक कुमार, मुबारक अली, शहजाद अली, मोहम्मद रफीक अंसारी, सजमान अहमद, रियाजुदीन अहमद, अशरफ खां, आमीर खां आदि मौजूद रहे।