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मशीन की मरम्मत के बाद पैथोलॉजी में जांच शुरू
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मशीन की मरम्मत के बाद पैथोलॉजी में जांच शुरू
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के लैब में खून और पेशाब संबंधी जांच के लिए लगी मशीन अक्सर खराब हो जाती है। सप्ताह में दो से तीन दिन मशीन खराब ही रहती है। दो दिन से खराब मशीन बुधवार को ठीक हुई। उसके बाद जांच शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। चिकित्सक करीब पांच सौ मरीजों को ब्लड और यूरिन जांच कराने की सलाह देते हैं। साथ ही इमरजेंसी वार्ड, एसएनसीयू, प्रसूता गृह, जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच चिकित्सक कराते रहते हैं।
दो दिन से लैब की मशीन खराब होने से शुगर, एनएफटी प्रोफाइल, केएफटी प्रोफाइल, यूरिन के साथ ही लगभग 40 जांचें नहीं हो पा रही थीं। सोमवार और मंगलवार को मरीजों को लौटना पड़ा। लखनऊ से आए कंपनी के इंजीनियर ने मशीन को सही किया। उसके बाद बुधवार को जांच शुरू हो पाई। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के परिजन जांच कराने के लिए भाग-दौड़ करने लगे। दोपहर तीन बजे तक पैथोलॉजी में भीड़ रही है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार रमेश, उदयराज, ओमशंकर ने बताया कि जांच जरूरी थी। एक दिन बाहर जांच करवानी पड़ी। पिछले सप्ताह भी मशीन खराब थी। हर बार होने वाली समस्या से लोगों को दिक्कत हो रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य एके झा ने बताया कि मशीन ठीक हो गई है और जांच हो रही है।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के लैब में खून और पेशाब संबंधी जांच के लिए लगी मशीन अक्सर खराब हो जाती है। सप्ताह में दो से तीन दिन मशीन खराब ही रहती है। दो दिन से खराब मशीन बुधवार को ठीक हुई। उसके बाद जांच शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। चिकित्सक करीब पांच सौ मरीजों को ब्लड और यूरिन जांच कराने की सलाह देते हैं। साथ ही इमरजेंसी वार्ड, एसएनसीयू, प्रसूता गृह, जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच चिकित्सक कराते रहते हैं।
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दो दिन से लैब की मशीन खराब होने से शुगर, एनएफटी प्रोफाइल, केएफटी प्रोफाइल, यूरिन के साथ ही लगभग 40 जांचें नहीं हो पा रही थीं। सोमवार और मंगलवार को मरीजों को लौटना पड़ा। लखनऊ से आए कंपनी के इंजीनियर ने मशीन को सही किया। उसके बाद बुधवार को जांच शुरू हो पाई। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के परिजन जांच कराने के लिए भाग-दौड़ करने लगे। दोपहर तीन बजे तक पैथोलॉजी में भीड़ रही है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार रमेश, उदयराज, ओमशंकर ने बताया कि जांच जरूरी थी। एक दिन बाहर जांच करवानी पड़ी। पिछले सप्ताह भी मशीन खराब थी। हर बार होने वाली समस्या से लोगों को दिक्कत हो रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य एके झा ने बताया कि मशीन ठीक हो गई है और जांच हो रही है।