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लुंबिनी प्रदेश के राजधानी को लेकर नया विवाद
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लुंबिनी प्रदेश की राजधानी को लेकर नया विवाद
अलग तरीके से पेश किया गया राजपत्र, विधायकों का एक गुट नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नव नामांकित लुंबिनी प्रदेश की राजधानी के संबंध में विवाद शुरू हो गया है। मंगलवार को हुई विधानसभा बैठक में प्रदेश का नाम लुंबिनी और राजधानी दांग घोषित किया गया था। इसके इतर बृहस्पतिवार को जारी राजपत्र में यह नाम गायब है। राजपत्र प्रकाशित होने पर विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों का एक गुट सरकार से नाराज हो गया है। नाराज गुट आरोप लगा रहा है कि सरकार ने राजधानी मुख्यालय के संदर्भ में गुमराह किया है।
विधानसभा में सदस्यों ने पश्चिमी नेपाल के दांग जिले के राप्ती तट पर नामजद स्थल के चयन के लिए मतदान किया था। सरकार द्वारा प्रदेश सभा में पेश किए गए प्रस्ताव में लुंबिनी प्रदेश की राजधानी दांग जिले के राप्ती गाऊ पालिका ,गढ़वा गाऊ पालिका और अर्घाखाची जिले के शितगंगा नगरपालिका को समेटकर राप्ती नदी के किनारे मैदानी भाग पर मुख्यालय का निर्माण होना है। बृहस्पतिवार को जारी राजपत्र में यह नाम गायब है। प्रदेश सभा सचिवालय सचिव दुर्लभ कुमार पुन द्वारा प्रकाशित किये गए राजपत्र में दांग के राप्ती घाटी (देवखुरी )को केवल स्थायी राजधानी उल्लेख किया गया। आशंका जताई जा रही है कि सरकार प्रस्तावित स्थल से दूर लमही में राजधानी मुख्यालय बना सकती है। इससे क्षेत्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। सोशल मीडिया पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री शंकर पोखरेल और पूर्ण बहादुर घरती पर योजनाबद्ध तरीके से त्रुटि कर डिजाइन और प्रदेश सभा से निर्णय के बावजूद राजपत्र प्रकाशित कराया। राजपत्र में प्रकाशित किए गए सूचना को प्रदेश प्रमुख के प्रमाणीकरण के बाद कानूनी मान्यता मिलेगी। अर्घाखाची सांसद रामजी प्रसाद घिमिरे ने कहा कि राजपत्र में राप्ती गाऊ पालिका, गढ़वा गाऊ पालिका तथा शीत गंगा का उल्लेख ना करना आपत्तिजनक है। सरकार एवं राजपत्र प्रकाशन करने वाले कर्मचारियों से बातचीत की जा रही है।
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अलग तरीके से पेश किया गया राजपत्र, विधायकों का एक गुट नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नव नामांकित लुंबिनी प्रदेश की राजधानी के संबंध में विवाद शुरू हो गया है। मंगलवार को हुई विधानसभा बैठक में प्रदेश का नाम लुंबिनी और राजधानी दांग घोषित किया गया था। इसके इतर बृहस्पतिवार को जारी राजपत्र में यह नाम गायब है। राजपत्र प्रकाशित होने पर विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों का एक गुट सरकार से नाराज हो गया है। नाराज गुट आरोप लगा रहा है कि सरकार ने राजधानी मुख्यालय के संदर्भ में गुमराह किया है।
विधानसभा में सदस्यों ने पश्चिमी नेपाल के दांग जिले के राप्ती तट पर नामजद स्थल के चयन के लिए मतदान किया था। सरकार द्वारा प्रदेश सभा में पेश किए गए प्रस्ताव में लुंबिनी प्रदेश की राजधानी दांग जिले के राप्ती गाऊ पालिका ,गढ़वा गाऊ पालिका और अर्घाखाची जिले के शितगंगा नगरपालिका को समेटकर राप्ती नदी के किनारे मैदानी भाग पर मुख्यालय का निर्माण होना है। बृहस्पतिवार को जारी राजपत्र में यह नाम गायब है। प्रदेश सभा सचिवालय सचिव दुर्लभ कुमार पुन द्वारा प्रकाशित किये गए राजपत्र में दांग के राप्ती घाटी (देवखुरी )को केवल स्थायी राजधानी उल्लेख किया गया। आशंका जताई जा रही है कि सरकार प्रस्तावित स्थल से दूर लमही में राजधानी मुख्यालय बना सकती है। इससे क्षेत्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। सोशल मीडिया पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री शंकर पोखरेल और पूर्ण बहादुर घरती पर योजनाबद्ध तरीके से त्रुटि कर डिजाइन और प्रदेश सभा से निर्णय के बावजूद राजपत्र प्रकाशित कराया। राजपत्र में प्रकाशित किए गए सूचना को प्रदेश प्रमुख के प्रमाणीकरण के बाद कानूनी मान्यता मिलेगी। अर्घाखाची सांसद रामजी प्रसाद घिमिरे ने कहा कि राजपत्र में राप्ती गाऊ पालिका, गढ़वा गाऊ पालिका तथा शीत गंगा का उल्लेख ना करना आपत्तिजनक है। सरकार एवं राजपत्र प्रकाशन करने वाले कर्मचारियों से बातचीत की जा रही है।
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