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बढ़ा रसोई गैस का दाम, गृहस्थी पर संकट
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बढ़ा रसोई गैस का दाम, गृहस्थी पर संकट
तीन माह में पांच बार बढ़ चुकी है गैस की कीमत
जिले में डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पास है कनेक्शन
दाम बढ़ने से उज्जवला योजना के लाभार्थियों को होगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रसोई गैस की बढ़ती कीमत ने गृहस्थी को पटरी से उतार दिया है। तीन माह में गैस की कीमत में पांच बार वृद्धि की गई। प्रति सिलिंडर 125 रुपये बढ़ा चुका है। गैस के दाम में इजाफा होने का असर हर वर्ग पर है। मगर उज्जवला योजना के लाभार्थियों पर यह भारी पड़ रहा है।
खाना बनाने में महिलाओं को दिक्कत न हो और उन्हें धुएं से मुक्ति मिल सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने उज्जवला गैस योजना अभियान चलाकर 1,65,946 परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया। इसके तहत चूल्हा और रेगुलेटर भी दिया गया था। मगर गैस की कीमतों में हो रहा इजाफा उनके लिए भारी पड़ने लगा है। कई परिवार तो ऐसे हैं जो कनेक्शन मिलने के बाद से ही एकाध बार ही भरवाया। वहीं, कुछ लोग लगातार से बढ़ती हुई महंगाई के कारण गैस भरवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उज्जवला योजना की लाभार्थी बर्डपुर क्षेत्र के चकईजोत गांव निवासी रुखसाना ने कहा कि सरकार ने मुफ्त में गैस कनेक्शन दे दिया। खाना बनाना तो आसान हो गया। मगर लगातार मूल्य वृद्धि से रसोई पर असर पड़ रहा है। सिलिंडर भरवाने के लिए सोचना पड़ रहा है। आसिमा खातून ने कहा कि गैस के दाम को सरकार को नियंत्रण में रखना चाहिए। लगातार मूल्य वृद्धि की जा रही है, अब यह गरीबों की पहुंच से दूर हो रही है। अहिरौला निवासी कौशिल्या ने कहा कि गैस सिलिंडर दे दिया। इसके बाद से दाम हर माह बढ़ रहा है। सिलिंडर पर खाना बनाने की आदत पड़ गई। दाम के बढ़ने से खाना बनाने में भी समस्या उत्पन्न हो गई है। विवश होकर फिर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ेगा। चैनवा देवी ने कहा कि गैस कीमत में आग लग चुकी है। जितने में माह भर की सब्जी चल जाएगी। उतना गैस सिलिंडर का कीमत हो गया है। घर चलाने में दिक्क्त हो रही है। हर परिवार से जुड़ा हुआ है। नियंत्रण की जरूरत है। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि गैस की कीमत सरकार की ओर से निर्धारित की जाती है। बशर्ते अगर कोई निर्धारित मूल्य से अधिक लेता है तो शिकायत मिलने पर विभाग कार्रवाई करता है।
इस प्रकार बढ़े गैस सिलिंडर के दाम
दो नवंबर को - 665
दो दिसंबर को - 715
15 दिसंबर को - 765
चार फरवरी को - 790
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तीन माह में पांच बार बढ़ चुकी है गैस की कीमत
जिले में डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पास है कनेक्शन
दाम बढ़ने से उज्जवला योजना के लाभार्थियों को होगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रसोई गैस की बढ़ती कीमत ने गृहस्थी को पटरी से उतार दिया है। तीन माह में गैस की कीमत में पांच बार वृद्धि की गई। प्रति सिलिंडर 125 रुपये बढ़ा चुका है। गैस के दाम में इजाफा होने का असर हर वर्ग पर है। मगर उज्जवला योजना के लाभार्थियों पर यह भारी पड़ रहा है।
खाना बनाने में महिलाओं को दिक्कत न हो और उन्हें धुएं से मुक्ति मिल सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने उज्जवला गैस योजना अभियान चलाकर 1,65,946 परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया। इसके तहत चूल्हा और रेगुलेटर भी दिया गया था। मगर गैस की कीमतों में हो रहा इजाफा उनके लिए भारी पड़ने लगा है। कई परिवार तो ऐसे हैं जो कनेक्शन मिलने के बाद से ही एकाध बार ही भरवाया। वहीं, कुछ लोग लगातार से बढ़ती हुई महंगाई के कारण गैस भरवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उज्जवला योजना की लाभार्थी बर्डपुर क्षेत्र के चकईजोत गांव निवासी रुखसाना ने कहा कि सरकार ने मुफ्त में गैस कनेक्शन दे दिया। खाना बनाना तो आसान हो गया। मगर लगातार मूल्य वृद्धि से रसोई पर असर पड़ रहा है। सिलिंडर भरवाने के लिए सोचना पड़ रहा है। आसिमा खातून ने कहा कि गैस के दाम को सरकार को नियंत्रण में रखना चाहिए। लगातार मूल्य वृद्धि की जा रही है, अब यह गरीबों की पहुंच से दूर हो रही है। अहिरौला निवासी कौशिल्या ने कहा कि गैस सिलिंडर दे दिया। इसके बाद से दाम हर माह बढ़ रहा है। सिलिंडर पर खाना बनाने की आदत पड़ गई। दाम के बढ़ने से खाना बनाने में भी समस्या उत्पन्न हो गई है। विवश होकर फिर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ेगा। चैनवा देवी ने कहा कि गैस कीमत में आग लग चुकी है। जितने में माह भर की सब्जी चल जाएगी। उतना गैस सिलिंडर का कीमत हो गया है। घर चलाने में दिक्क्त हो रही है। हर परिवार से जुड़ा हुआ है। नियंत्रण की जरूरत है। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि गैस की कीमत सरकार की ओर से निर्धारित की जाती है। बशर्ते अगर कोई निर्धारित मूल्य से अधिक लेता है तो शिकायत मिलने पर विभाग कार्रवाई करता है।
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इस प्रकार बढ़े गैस सिलिंडर के दाम
दो नवंबर को - 665
दो दिसंबर को - 715
15 दिसंबर को - 765
चार फरवरी को - 790