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Siddharthnagar News: भगवान श्रीकृष्ण का मनाया जन्मोत्सव, गूंजे जयकारे
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भनवापुर क्षेत्र के बिजवार बढ़ई में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते पं.चितरंजन। स्रोत विज्ञप्ति
भनवापुर। क्षेत्र के बिजवार बढ़ई में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।
इस दौरान कथावाचक पं. चितरंजन व्यास ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा जी व शिवजी के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण के रूप में जन्म लूंगा।
कथा वाचक ने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार लिया, तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिवजी भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने। इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता वहां अवश्य आते हैं। कथावाचक ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इस दौरान आचार्य अशोक पाठक, मुकेश कुमार, अजय मिश्र, चंद्रभान मिश्रा, अवधेश मिश्र, देवी प्रसाद आदि मौजूद रहे। संवाद
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इस दौरान कथावाचक पं. चितरंजन व्यास ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा जी व शिवजी के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण के रूप में जन्म लूंगा।
कथा वाचक ने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार लिया, तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिवजी भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने। इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता वहां अवश्य आते हैं। कथावाचक ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे।
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इस दौरान आचार्य अशोक पाठक, मुकेश कुमार, अजय मिश्र, चंद्रभान मिश्रा, अवधेश मिश्र, देवी प्रसाद आदि मौजूद रहे। संवाद