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लाखों खर्च के बाद भी नहीं शुरू हुआ लिफ्ट
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:08 PM IST
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अस्पताल में बंद पड़ा लिफ्ट।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगा लिफ्ट अभी तक उपयोग में नहीं आ सका है। लिफ्ट मरम्मत करने में एक साल पहले 14 लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। बावूजद इसके अभी तक लिफ्ट नहीं चल पाया है। मरीजों को सीढ़ी चढ़कर ही जाना पड़ रहा है, मगर जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
जिला अस्पताल में स्थापना के समय ही मरीजों की सुविधा के लिए दो लिफ्ट लगाए गए थे। यह लिफ्ट ऐसी जगह लगाई गई थी, जहां केवल गंभीर मरीजों का जाना-आना होता है। इसे इसलिए लगाया गया था, जिससे ऑपरेशन थिएटर व सर्जिकल वार्ड में मरीज आसानी से पहुंच सकें। हालत यह है कि मरीजों को सीढ़ी से ही सफर कर ऊपर जाना पड़ रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिनका ऑपरेशन हुआ रहता है। डॉक्टर भले ही उन्हें संभलकर चलने की नसीहत देते हों, लेकिन ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकालने के बाद उन्हें नीचे तक आने मेें झटके खाने पड़ते हैं। गत वर्ष लिफ्ट की मरम्मत को लेकर 14 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं पर अभी तक वह चल नहीं पाया है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि तकनीकी खराबी दुरुस्त कराई गई थी, लेकिन अब भी थोड़ी दिक्कत है। जल्द ही इसे चालू कराया जाएगा।
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जिला अस्पताल में स्थापना के समय ही मरीजों की सुविधा के लिए दो लिफ्ट लगाए गए थे। यह लिफ्ट ऐसी जगह लगाई गई थी, जहां केवल गंभीर मरीजों का जाना-आना होता है। इसे इसलिए लगाया गया था, जिससे ऑपरेशन थिएटर व सर्जिकल वार्ड में मरीज आसानी से पहुंच सकें। हालत यह है कि मरीजों को सीढ़ी से ही सफर कर ऊपर जाना पड़ रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिनका ऑपरेशन हुआ रहता है। डॉक्टर भले ही उन्हें संभलकर चलने की नसीहत देते हों, लेकिन ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकालने के बाद उन्हें नीचे तक आने मेें झटके खाने पड़ते हैं। गत वर्ष लिफ्ट की मरम्मत को लेकर 14 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं पर अभी तक वह चल नहीं पाया है।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि तकनीकी खराबी दुरुस्त कराई गई थी, लेकिन अब भी थोड़ी दिक्कत है। जल्द ही इसे चालू कराया जाएगा।