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एक हेक्टेयर जमीन रोक रही एनएच का पूरा निर्माण
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बांसी के पास रूका एनएच का कार्य
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
फोटो- 67, 68
एक हेक्टेयर जमीन रोक रही एनएच का पूरा निर्माण
कहीं 50 मीटर कहीं 100 मीटर के कारण निर्माण में आ रही बाधा
80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा, 65 किलोमीटर तक बनना है एनएच-233
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। एनएच-233 के निर्माण कार्य में पहले बिजली के पोल बाधा बन रहे थे। किसी तरह कुछ पोल हटे, तो अब आठ जगहों पर करीब एक हेक्टेयर जमीन एनएच का पूरा निर्माण रोके हुए है। कहीं 50 मीटर, तो कहीं 100 मीटर जमीन मुआवजे के फेर में फंसी है, तो किसी ने कोर्ट में वाद दाखिल कर रखा है। ऐसे में 65 किलोमीटर एनएच का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है।
एनएच-233 का नए सिरे से रुधौली से लेकर ककरहवा तक का निर्माण कार्य बड़ी तकलीफों के बाद किसी लोकसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले शुरू हुआ। चुनाव को देखते हुए तेजी से काम भी शुरू हुए। ऐसे में जोगिया, सनई, नौगढ़, मधुबेनिया, बर्डपुर, मोहाना और ककरहवा तक के लोगों को धूल और गड्ढों से राहत मिली। इस बीच निर्माण काम कर रही कंपनी ने काम में तेजी दिखानी शुरू की, तो बिजली के करीब 80 पोल बाधा बन रहे थे। इसे लेकर एनएच और निर्माण काम कर रही संस्था जेसीएपी ने लिखा-पढ़ी की तो कुछ पोल तो विभाग ने हटा लिए, लेकिन अब भी करीब एक दर्जन पोल राह में रोड़ा बने हुए हैं। लेकिन इस बीच सबसे बड़ी समस्या एनएच की राह में करीब एक हेेक्टेयर जमीन आ गई है। यह जमीन एक जगहों पर नहीं है। बल्कि आठ जगहों पर है। जहां पर एनएच का निर्माण कार्य पिछले एक साल से रुका पड़ा हुआ है। इन जमीन में कहीं 30 मीटर, तो कहीं 50 तो कहीं 100 मीटर टुकड़ों में छोड़े गए हैं। इन टुकड़ों की वजह से उस लेन पर एनएच काम नहीं करा पा रहा है। जेएसपी के एमडी विवेक गर्ग ने बताया कि आठ जगहों पर जमीन का विवाद होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो पूरा काम होने के बाद भी आठ छोटे-छोटे जगहों पर सड़कों का निर्माण नहीं हो पाएगा। जबकि प्रशासन को इसे लेकर कई बार पत्राचार किया गया है। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि पत्र मिला है। मामले की जानकारी है। जल्द ही जमीन का मामला सुलझाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हर सप्ताह एनएच निर्माण की समीक्षा भी की जा रही है।
शहर में ही फंसा रखा है पेच
शहर के बांसी रोड पर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। लेकिन ओवरब्रिज से होकर जाने वाले बाईपास पर भीमापार के पास करीब 60 से 70 मीटर की जमीन का विवाद फंसा है, जिसे प्रशासन खाली नहीं करा पा रहा है। जबकि उसके आसपास बाईपास बन गए हैं। लेकिन उसी जगह पर मामला अटका पड़ा है। इसके अलावा बांसी में भी यह हाल है।
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एनएच पर चलना होगा खतरनाक
रुधौली से लेकर ककरहवा तक अगर आठ जगहों पर एनएच का निर्माण नहीं होता है, तो एनएच पूरा बनने के बाद भी लोगों का चलना किसी खतरे से कम नहीं होगा। क्योंकि मौजूदा समय में जिस तेजी से काम हो रहे हैं उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च 2020 तक एनएच के काम पूरे हो जाएंगे। क्योंकि नौगढ़ से लेकर ककरहवा तक पूरी तरह से काम हो चुके हैं। बड़े पुलों में केवल बांसी, ककरही और नौगढ़ रेलवे ब्रिज पर काम होना बाकी है।
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एक हेक्टेयर जमीन रोक रही एनएच का पूरा निर्माण
कहीं 50 मीटर कहीं 100 मीटर के कारण निर्माण में आ रही बाधा
80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा, 65 किलोमीटर तक बनना है एनएच-233
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। एनएच-233 के निर्माण कार्य में पहले बिजली के पोल बाधा बन रहे थे। किसी तरह कुछ पोल हटे, तो अब आठ जगहों पर करीब एक हेक्टेयर जमीन एनएच का पूरा निर्माण रोके हुए है। कहीं 50 मीटर, तो कहीं 100 मीटर जमीन मुआवजे के फेर में फंसी है, तो किसी ने कोर्ट में वाद दाखिल कर रखा है। ऐसे में 65 किलोमीटर एनएच का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है।
एनएच-233 का नए सिरे से रुधौली से लेकर ककरहवा तक का निर्माण कार्य बड़ी तकलीफों के बाद किसी लोकसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले शुरू हुआ। चुनाव को देखते हुए तेजी से काम भी शुरू हुए। ऐसे में जोगिया, सनई, नौगढ़, मधुबेनिया, बर्डपुर, मोहाना और ककरहवा तक के लोगों को धूल और गड्ढों से राहत मिली। इस बीच निर्माण काम कर रही कंपनी ने काम में तेजी दिखानी शुरू की, तो बिजली के करीब 80 पोल बाधा बन रहे थे। इसे लेकर एनएच और निर्माण काम कर रही संस्था जेसीएपी ने लिखा-पढ़ी की तो कुछ पोल तो विभाग ने हटा लिए, लेकिन अब भी करीब एक दर्जन पोल राह में रोड़ा बने हुए हैं। लेकिन इस बीच सबसे बड़ी समस्या एनएच की राह में करीब एक हेेक्टेयर जमीन आ गई है। यह जमीन एक जगहों पर नहीं है। बल्कि आठ जगहों पर है। जहां पर एनएच का निर्माण कार्य पिछले एक साल से रुका पड़ा हुआ है। इन जमीन में कहीं 30 मीटर, तो कहीं 50 तो कहीं 100 मीटर टुकड़ों में छोड़े गए हैं। इन टुकड़ों की वजह से उस लेन पर एनएच काम नहीं करा पा रहा है। जेएसपी के एमडी विवेक गर्ग ने बताया कि आठ जगहों पर जमीन का विवाद होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो पूरा काम होने के बाद भी आठ छोटे-छोटे जगहों पर सड़कों का निर्माण नहीं हो पाएगा। जबकि प्रशासन को इसे लेकर कई बार पत्राचार किया गया है। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि पत्र मिला है। मामले की जानकारी है। जल्द ही जमीन का मामला सुलझाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हर सप्ताह एनएच निर्माण की समीक्षा भी की जा रही है।
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शहर में ही फंसा रखा है पेच
शहर के बांसी रोड पर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। लेकिन ओवरब्रिज से होकर जाने वाले बाईपास पर भीमापार के पास करीब 60 से 70 मीटर की जमीन का विवाद फंसा है, जिसे प्रशासन खाली नहीं करा पा रहा है। जबकि उसके आसपास बाईपास बन गए हैं। लेकिन उसी जगह पर मामला अटका पड़ा है। इसके अलावा बांसी में भी यह हाल है।
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एनएच पर चलना होगा खतरनाक
रुधौली से लेकर ककरहवा तक अगर आठ जगहों पर एनएच का निर्माण नहीं होता है, तो एनएच पूरा बनने के बाद भी लोगों का चलना किसी खतरे से कम नहीं होगा। क्योंकि मौजूदा समय में जिस तेजी से काम हो रहे हैं उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च 2020 तक एनएच के काम पूरे हो जाएंगे। क्योंकि नौगढ़ से लेकर ककरहवा तक पूरी तरह से काम हो चुके हैं। बड़े पुलों में केवल बांसी, ककरही और नौगढ़ रेलवे ब्रिज पर काम होना बाकी है।