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बैंड-बाजे संग निकाली गई कलशयात्रा
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 16 Mar 2016 11:50 PM IST
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डुमरियागंज में निकाली गई कलशयात्रा में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खेसरहा विकास खंड के महुलानी राम जानकी कुटी समाधि बाबा के स्थान पर होने वाले विष्णु महायज्ञ के लिए बुधवार को कलशयात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे संग निकली कलशयात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। सिर पर कलश लेकर महिलाओं-कन्याओं ने पूरे गांव का भ्रमण किया।
रामजानकी कुटी से शुरू हुई कलश यात्रा सकारपार चौराहा से टीकुर व डुमरिया बुजुर्ग से होते हुए राप्ती तट पर पहुंची। वहां वैदिक मंत्रोच्चार कर कलश में जल भरने के बाद पुन: यज्ञ स्थल पर वापस आई।
यात्रा में सबसे आगे भगवान गजानन का प्रतीक हाथी शामिल रहा तो उसके पीछे श्रद्धालुओं की टोली थी। सैकड़ों कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश लिए यात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। जयकारों के उद्घोष से गूंजते वातावरण में यह दृश्य मनोरम लग रहा था। जगह-जगह यात्रा का अभिनंदन किया गया।
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यज्ञ आयोजक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि शांति व जनकल्याण के लिए कई वर्षों से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को दोपहर एक बजे से मानस मार्तंड हेमंत तिवारी और प्रियंका द्विवेदी की कथा रस का पान कराएंगे।
इस अवसर पर गोपाल पांडेय, बालकृष्ण पांडेय, शैलेंद्र, मोहन मिश्र, श्यामधर यादव, रामभजन चौधरी, राजेंद्र पांडेय, जगदीश पांडेय, रामसवारे प्रधान, यज्ञाचार्य राहुलदेव शास्त्री, जयप्रकाश पांडेय, रामकिशुन विश्वकर्मा, देवीदयाल वर्मा, रामाज्ञा, बिश्राम, तपानाथ, जुगुल किशोर मिश्र, कृपाशंकर, मुन्नाराय आदि उपस्थित रहे।
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रामजानकी कुटी से शुरू हुई कलश यात्रा सकारपार चौराहा से टीकुर व डुमरिया बुजुर्ग से होते हुए राप्ती तट पर पहुंची। वहां वैदिक मंत्रोच्चार कर कलश में जल भरने के बाद पुन: यज्ञ स्थल पर वापस आई।
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यात्रा में सबसे आगे भगवान गजानन का प्रतीक हाथी शामिल रहा तो उसके पीछे श्रद्धालुओं की टोली थी। सैकड़ों कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश लिए यात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। जयकारों के उद्घोष से गूंजते वातावरण में यह दृश्य मनोरम लग रहा था। जगह-जगह यात्रा का अभिनंदन किया गया।
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यज्ञ आयोजक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि शांति व जनकल्याण के लिए कई वर्षों से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को दोपहर एक बजे से मानस मार्तंड हेमंत तिवारी और प्रियंका द्विवेदी की कथा रस का पान कराएंगे।
इस अवसर पर गोपाल पांडेय, बालकृष्ण पांडेय, शैलेंद्र, मोहन मिश्र, श्यामधर यादव, रामभजन चौधरी, राजेंद्र पांडेय, जगदीश पांडेय, रामसवारे प्रधान, यज्ञाचार्य राहुलदेव शास्त्री, जयप्रकाश पांडेय, रामकिशुन विश्वकर्मा, देवीदयाल वर्मा, रामाज्ञा, बिश्राम, तपानाथ, जुगुल किशोर मिश्र, कृपाशंकर, मुन्नाराय आदि उपस्थित रहे।