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Siddharthnagar News: रोजगार सेवक की न्यायिक हिरासत बढ़ी, दोबारा भेजा गया जेल
Sat, 18 Jul 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:33 AM IST
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देईपार मनरेगा घोटाला : अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें
भवानीगंज। डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत देईपार में हुए चर्चित मनरेगा वित्तीय अनियमितता मामले में गिरफ्तार ग्राम रोजगार सेवक राजकुमार को शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे फिर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। उनकी पूर्व न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने दोबारा कोर्ट में पेश किया था।
ग्राम पंचायत देईपार में मनरेगा कार्यों के नाम पर 7,91,328 रुपये के कथित फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। मनरेगा लोकपाल की जांच के बाद भवानीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तीन जुलाई को रोजगार सेवक राजकुमार को सरयू नहर पुल भड़रिया के पास से गिरफ्तार किया था। अगले दिन अदालत में पेश किए जाने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
गिरफ्तारी के बाद जिले के रोजगार सेवकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। शुक्रवार को दोबारा पेशी के दौरान बचाव पक्ष की ओर से राहत का प्रयास किया गया लेकिन अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले में ग्राम प्रधान रावती देवी, पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह और तकनीकी सहायक ओमप्रकाश भी नामजद हैं। वहीं, रोजगार सेवक संगठन का आरोप है कि मामले में केवल रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई की गई है जबकि अन्य नामजद आरोपियों पर अभी तक समान कार्रवाई नहीं हुई है।
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उधर, भवानीगंज थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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भवानीगंज। डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत देईपार में हुए चर्चित मनरेगा वित्तीय अनियमितता मामले में गिरफ्तार ग्राम रोजगार सेवक राजकुमार को शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे फिर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। उनकी पूर्व न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने दोबारा कोर्ट में पेश किया था।
ग्राम पंचायत देईपार में मनरेगा कार्यों के नाम पर 7,91,328 रुपये के कथित फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। मनरेगा लोकपाल की जांच के बाद भवानीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तीन जुलाई को रोजगार सेवक राजकुमार को सरयू नहर पुल भड़रिया के पास से गिरफ्तार किया था। अगले दिन अदालत में पेश किए जाने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
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गिरफ्तारी के बाद जिले के रोजगार सेवकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। शुक्रवार को दोबारा पेशी के दौरान बचाव पक्ष की ओर से राहत का प्रयास किया गया लेकिन अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले में ग्राम प्रधान रावती देवी, पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह और तकनीकी सहायक ओमप्रकाश भी नामजद हैं। वहीं, रोजगार सेवक संगठन का आरोप है कि मामले में केवल रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई की गई है जबकि अन्य नामजद आरोपियों पर अभी तक समान कार्रवाई नहीं हुई है।
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उधर, भवानीगंज थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।