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जनसेवा केंद्र संचालकों को रोज करना होगा 50 लोगों का पंजीकरण
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निशुल्क कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए शासन ने तय की संख्या
जिले की हर ग्राम पंचायत में स्थापित हैं दो-दो जनसेवा केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनसेवा केंद्र के संचालकों को अब प्रतिदिन कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए 50 लोगों का पंजीयन कराना होगा। यही नहीं टीका लगवाने के लिए प्रेरित भी करना होगा। ऐसा न करने पर केंद्र की मान्यता भी खत्म हो सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार तेजी से टीकाकरण कराने की कोशिश में जुटी है। टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। ऐसे में गांव के लोगों को पंजीकरण कराने और टीकाकरण कराने में समस्या आ रही थी। समस्या को देखते हुए अपर मुख्य सचिव ने मई में सभी जनसेवा केंद्रों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था। इसमें वृद्ध, दिव्यांग, अनपढ़ श्रमिकों के पंजीकरण करने का विशेष निर्देश था। मगर, पंजीकरण की स्थिति ठीक नहीं थी। इसे को देखते हुए अब संख्या निर्धारित कर दी गई है। एक केंद्र संचालक को एक दिन में 50 लोगों का पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर केंद्र की मान्यता निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
हर दिन एक लाख से अधिक लोगों के पंजीकरण का लक्ष्य
आंकड़ों के मुताबिक जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर दो-दो जन सेवा केंद्र हैं। ऐेसे में 1136 ग्राम पंचायतों में कुल 2272 जन सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस लक्ष्य के अनुसार, एक दिन में 1.13 लाख लोगों का पंजीकरण हो सकता है। जिले की आबादी लगभग 30 लाख से अधिक है, इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 10 लाख और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग में 15 लाख युवाओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में जब लक्ष्य निर्धारित हो गया है तो बड़ी संख्या में पंजीकरण होगा और टीकाकरण की रफ्तार भी बढ़ेगी।
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कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों के ऑनलाइन पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी जन सेवा केंद्रों को दी गई है। पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई है। शासन स्तर से अब एक केंद्र को प्रतिदिन 50 पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया है। इस संबंध में सभी को ऑनलाइन मीटिंग के जरिए निर्देशित किया गया है। लक्ष्य पूरा नहीं करने पर केंद्र निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई है।
- अमरेंद्र कुमार दुबे, ई- डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, सिद्धार्थनगर
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जिले की हर ग्राम पंचायत में स्थापित हैं दो-दो जनसेवा केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनसेवा केंद्र के संचालकों को अब प्रतिदिन कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए 50 लोगों का पंजीयन कराना होगा। यही नहीं टीका लगवाने के लिए प्रेरित भी करना होगा। ऐसा न करने पर केंद्र की मान्यता भी खत्म हो सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार तेजी से टीकाकरण कराने की कोशिश में जुटी है। टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। ऐसे में गांव के लोगों को पंजीकरण कराने और टीकाकरण कराने में समस्या आ रही थी। समस्या को देखते हुए अपर मुख्य सचिव ने मई में सभी जनसेवा केंद्रों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था। इसमें वृद्ध, दिव्यांग, अनपढ़ श्रमिकों के पंजीकरण करने का विशेष निर्देश था। मगर, पंजीकरण की स्थिति ठीक नहीं थी। इसे को देखते हुए अब संख्या निर्धारित कर दी गई है। एक केंद्र संचालक को एक दिन में 50 लोगों का पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर केंद्र की मान्यता निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
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हर दिन एक लाख से अधिक लोगों के पंजीकरण का लक्ष्य
आंकड़ों के मुताबिक जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर दो-दो जन सेवा केंद्र हैं। ऐेसे में 1136 ग्राम पंचायतों में कुल 2272 जन सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस लक्ष्य के अनुसार, एक दिन में 1.13 लाख लोगों का पंजीकरण हो सकता है। जिले की आबादी लगभग 30 लाख से अधिक है, इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 10 लाख और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग में 15 लाख युवाओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में जब लक्ष्य निर्धारित हो गया है तो बड़ी संख्या में पंजीकरण होगा और टीकाकरण की रफ्तार भी बढ़ेगी।
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कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों के ऑनलाइन पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी जन सेवा केंद्रों को दी गई है। पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई है। शासन स्तर से अब एक केंद्र को प्रतिदिन 50 पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया है। इस संबंध में सभी को ऑनलाइन मीटिंग के जरिए निर्देशित किया गया है। लक्ष्य पूरा नहीं करने पर केंद्र निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई है।
- अमरेंद्र कुमार दुबे, ई- डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, सिद्धार्थनगर