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Siddharthnagar News: खेत को तार से घेरना ही नियम के खिलाफ

Sat, 01 Jul 2023 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 01 Jul 2023 11:39 PM IST
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It is against the rule to surround the field with wire
सिद्धार्थनगर। उसका थाना क्षेत्र के टड़वलघाट गांव में किसान ने जिन पशुओं से बचाव के लिए तार लगाया था। वह कानूनन अपराध की श्रेणी में है। क्योंकि छह माह पहले शासन ने खेत में कंटीला तार लगाने वालों पर कार्रवाई का निर्देश भी दिया था। यहां तो किसान ने पशुओं को मारने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। जिसकी चपेट में आकर किशोर की जान चली गई। अगर किसी की नजर पड़ी होती तो शायद यह घटना घटित न होती और संजय की जान नहीं जाती। मौत के बाद घर में मातम का माहौल छाया हुआ है।
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खेत में लगाए गए कंटीले तार से छुट्टा पशुओं के घायल होने और मौत के मामले सामने आने के बाद शासन कुछ माह पहले ही सख्त निर्देश दिया था कि कोई भी खेत की फसल बचाने के लिए कोई भी कंटीले तार से घेराबंदी नहीं करेगा। क्योंकि जानवर इसमें फंसकर घायल होते हैं और कई दिनों तक तड़पते हैं और उनकी मौत हो जाती है। अगर ऐसा कोई किसान करता है और पशु की मौत होती है तो वह पशु क्रूरता की श्रेणी में आएगा। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। न तो इसके बारे में प्रचार हुआ है कि यह जानकारी दी गई कि यह अपराध है। इसका नजीता रहा कि उसका थाना क्षेत्र के टड़वलघाट गांव में किसान ने न सिर्फ तार लगाया कि बल्कि उसमें करंट भी प्रवाहित कर दिया। जिसकी चपेट में आ जाने से एक किशोर की जान चली गई। अगर इसके प्रति लोग जागरूक होते तो शायद यह घटना घटित नहीं होती।
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बुझा घर का इकलौता चिराग, परिवार के लोग बदहवास
सिद्धार्थनगर। संजय की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। उसकी मौत होने के बाद से ही लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, मुंबई में रह रहे पिता वीरेंद्र मौत की खबर सुनकर सदमे में आ गए। वह किसी रिश्तेदार के साथ घर के लिए निकले हैं। मृतक इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से परिवार के सामने अंधेरा छा गया है। घर पहुंचने वाले हर शख्स की आंखें नम हो जा रही हैं।
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उसका थाना क्षेत्र के टड़वलघाट गांव निवासी वीरेंद्र के पास एक पुत्र संजय और दो पुत्री प्रिया और प्रीती हैं। दोनों बेटियां छोटी हैं। संजय घर का इकलौता चिराग था। वह घर का काम देखने लगा था, इसलिए वीरेंद्र निश्चिंत होकर बाहर रहने लगा था। रोज की तरह शुक्रवार शाम को भी वह धान के बेहन को देखने के लिए घर से निकला था। लेकिन उसे क्या पता था कि अब वह घर नहीं लौटेगा। जब पता चला तो बहुत देर हो चुकी थी। उसने मरने की खबर किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही थी। वहीं, मौत के बाद लोग आरोपी को कोस रहे थे। उनका था कि इसी की वजह से जान गई है। इंसान हो या फिर जानवर जान हर किसी की कीमती होती है। एक नासमझी ने एक बच्चे की जान ले ली। वहीं, मां प्रेमशीला और दोनों बहनें पूरी रात बिलखती रहीं। पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव को सुपुर्द कर दिया। गांव के ही घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।


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15 दिन पहले ही लगाया था खेत में तार

लोगों के मुताबिक तीरथ ने मक्के के साथ ही सब्जी भी लगाई है। दिन और रात दोनों समय पशुओं का आना-जाना रहता था। वह कभी भी फसल में घुस जाते थे। खेत में हमेशा न रहना पड़े। इसलिए उसने 15 दिन पहले ही पूरे खेत को लोहे के तार से घेर दिया। इसके बाद घर से बिजली का केबिल दौड़कर उसे करंट से जोड़ दिया था। करंट से जोड़े जाने के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। नजीता एक किशोर को जान गंवानी पड़ी।
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