{"_id":"65feb7769b3ac4f9140cb798","slug":"information-given-regarding-inclusive-education-of-disabled-children-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-114858-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: दिव्यांग बच्चों के समावेशी शिक्षा को लेकर दी गई जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: दिव्यांग बच्चों के समावेशी शिक्षा को लेकर दी गई जानकारी
Sat, 23 Mar 2024 04:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:35 PM IST
विज्ञापन
डुमरियागंज। ब्लॉक संसाधन केंद्र के प्रशिक्षण हाल में शुक्रवार को समेकित शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के समावेशी शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से नोडल शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में 41 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
तृतीय बैच के प्रशिक्षण अवसर पर ट्रेनर गणेश गौड़ ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा दिलाने के उद्देश्य यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। सभी नोडल शिक्षक प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को सीखकर अपने विद्यालय में लागू करें। दिव्यांग बच्चे व सामान्य बच्चे एक साथ मिलकर शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग के उपरांत ऐसे बच्चे जिनमें कोई दिव्यांगता होने की संभावना होती है तो इनकी ट्रैकिंग कर संबंधित विद्यालय का भ्रमण एजुकेटर करते हैं।
प्रशिक्षक अंजनी कुमार सिंह व रामकुमार चौधरी ने ने बताया कि सामान्य जीवन में सभी बच्चे एक साथ शिक्षा ग्रहण करें और बच्चों में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना हो। ऐसा माहौल शिक्षक अपने कक्ष में तैयार करें। अंत में विभिन्न प्रकार के दिव्यांगता की पहचान के बारे में किट के माध्यम से समझाया गया।
विज्ञापन
इस दौरान प्रेम प्रकाश चौबे, अभिषेक सिंह, नोडल शिक्षक अलीम फारुकी, शक्ति श्रीवास्तव, सुनील गौतम, सीमा श्रीवास्तव, आमिर मुख्तार, सुधा यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
तृतीय बैच के प्रशिक्षण अवसर पर ट्रेनर गणेश गौड़ ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा दिलाने के उद्देश्य यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। सभी नोडल शिक्षक प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को सीखकर अपने विद्यालय में लागू करें। दिव्यांग बच्चे व सामान्य बच्चे एक साथ मिलकर शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग के उपरांत ऐसे बच्चे जिनमें कोई दिव्यांगता होने की संभावना होती है तो इनकी ट्रैकिंग कर संबंधित विद्यालय का भ्रमण एजुकेटर करते हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षक अंजनी कुमार सिंह व रामकुमार चौधरी ने ने बताया कि सामान्य जीवन में सभी बच्चे एक साथ शिक्षा ग्रहण करें और बच्चों में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना हो। ऐसा माहौल शिक्षक अपने कक्ष में तैयार करें। अंत में विभिन्न प्रकार के दिव्यांगता की पहचान के बारे में किट के माध्यम से समझाया गया।
विज्ञापन
इस दौरान प्रेम प्रकाश चौबे, अभिषेक सिंह, नोडल शिक्षक अलीम फारुकी, शक्ति श्रीवास्तव, सुनील गौतम, सीमा श्रीवास्तव, आमिर मुख्तार, सुधा यादव आदि मौजूद रहे।