फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   If the dam breaks, the scene of devastation will be seen all around.

बांध टूटे तो चारों तरफ नजर आएगा तबाही का मंजर

Sun, 29 Aug 2021 11:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
If the dam breaks, the scene of devastation will be seen all around.
बांसी के सोनखर गांव के बांध के लेवल में पहुंचा नदी का पानी। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बांध टूटे तो चारों तरफ नजर आएगा तबाही का मंजर
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर/बांसी। जिन बांधों पर कई गांवों के लाखों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वह खुद रैन कट और रैट होल से जर्जर हैं। वर्तमान में नदियों के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के दबाव से कराह रहे यह जर्जर बांध अगर टूटे तो चारों तरफ तबाही का मंजर दिखेगा। बाढ़ से सुरक्षा के लिए इन बांधों पर निर्भर गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। रविवार को जब बांसी क्षेत्र के बांधों की पड़ताल की गई तो बांध किनारे बसे गांव के लोग अफरातफरी के माहौल में घर और गांव को बचाने के जतन में लगे नजर आए।
रविवार सुबह नौ बजे सोनखर हाटा बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से सोनखर गांव के पास पानी बांध के लेवल को छूने लगा, यह देख गांव में अफरातफरी मच गई, लोग बचाव कार्य में लग गए। इस स्थल से 50 मीटर की दूरी पर बांध पर बनी सड़क में दरार व रिसाव देख गांव के लोग चिंतित और परेशान नजर आए। सूचना मिलने पर पहुंचे सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने बांध के किनारे बोरे में मिट्टी भरवा कर रखवाया तथा रिसाव को रोकने का प्रबंध किया। बांध में आए दरार को देख गांव के लोगों ने एहतियात के तौर पर बांध पर एक पेड़ को रखकर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया है।
विज्ञापन

इसी बीच इस बांध पर भंवारी गांव के पश्चिम बांध में रिसाव शुरू हुआ जिसे रोका गया। यहां सौ मीटर के बीच बांध में एक सप्ताह से एक के बाद दूसरे स्थान पर अनवरत रिसाव हो रहा है। एक स्थान पर रिसाव बंद हो रहा है तो दूसरे स्थान पर रिसाव होने लग रहा है। सोनखर गांव निवासी हीरालाल लोधी का कहना है कि सौ मीटर के बीच बांध काफी जर्जर है। बरसात से पूर्व सिंचाई विभाग का कोई जिम्मेदार अभियंता बांध की स्थित को देखने नही आया और न ही कोई काम हुआ जिसका परिणाम है कि बांध में जगह जगह रिसाव हो रहा है। इन्होंने कहा कि हम सब भगवान भरोसे से बांध की स्थित देखकर रात में नींद नहीं आ रही है। पूरी रात जागकर ईश्वर से बांध के सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ते ही नदी के दक्षिणी तट पर स्थित असोगवा नगवा बांध में खैरहवा गांव के पास शनिवार ाम रिसाव होने लगा। इस रिसाव को रोकने का जतन शुरू हुआ तो एक से बढ़ कर कई स्थान पर रिसाव होने लगा। रविवार की सुबह यहा रिसाव बंद हुआ तो तो दोपहर में इसी बांध पर सूपा गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास रिसाव शुरू हुआ । गांव वालो के साथ ठेकेदार के मजदूरो ने रिसाव को बंद करने के प्रयास में लग गए। बांधो की हालत देख आसपास गांव के लोग काफी चिंतित है भगौतापुर गांव निवासी डॉ. अफजल व क्षेत्र निवासी महंत लोधी का कहना है कि बांध क्षेत्र के सभी बांध जर्जर है बरसात से पहले विभाग के जिम्मेदार अभियंताओं ने जायजा लेना भी गंवारा नही समझा, अब बाढ़ आने पर सब दिखाई दे रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिसाव होने पर शुरू हुई सफाई और मरम्मत
बांसी। सोनखर हाटा बांध व असोगवा नगवा बांध में जगह जगह रिसाव होने के बाद अब इन बांधो में उगे झाड़ व नरकट को काटने का काम शुरू किया गया है। सिचाई विभाग के अभियंताओं की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र की नदियां उफान पर है और सभी बांधो पर काफी झाड़ व नरकट उगे हुए है इसे साफ नही कराया गया। सोनखर निवासी मुन्नी लाल लोधी का कहना है कि पहले बरसात शुरू होने से पहले बांध में उगे झाड़ झंखाड़ व नरकट को साफ कर बांध में जो भी खामी होती थी उसे ठीक किया जाता था। लेकिन इस वर्ष कोई काम नही हुआ यहा तक कि झाड़ व नरकट की कटाई भी समय से नही किया गया।

स्थानीय लोगों ने की रिसाव बंद
बांसी। नरकटहा प्रोटेक्शन बांध में रविवार को रिसाव की सूचना फैलते ही भारी तादाद में बांध पर पहुंचे लोग बचाव कार्य में लग गये। नरकटहा बांध में पशुपति नगर वार्ड में बहादुर अली के घर के पास बांध में रिसाव की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गयी। लोगो ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जिससे बांध का रिसाव समय से बंद हो गया। मौके पर पहुंचे नपा अध्यक्ष मो इदरीश पटवारी पूर्व नपा अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने जनरेटर लगवाकर पूरे बांध पर बिजली की आपूर्ति शुरू कराया जिससे रात में भी बांध की देखभाल हो सके। उन्होने कहा कि बांध के बचाव कार्य व रखरखाव पर पूरी निगाह रखा गया है। इस बांध में रिसाव होने से लोग काफी सहमे हुए है। इस बांध के किनारे पंद्रह हजार की घनी आबादी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed