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Siddharthnagar News: कोरोना में पति और अब पुत्री ने छोड़ा साथ
Thu, 08 Feb 2024 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 08 Feb 2024 11:37 PM IST
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इटवा। इटवा थाने के बरगदवा गांव निवासी आबिद की 10 वर्षीय पुत्री तरन्नुम की कुत्तों के काटने के बाद हुई मृत्यु के बाद उसे गांव के कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति रिवाज से रात आठ बजे दफन कर दिया गया। मृतका चार बहनों व दो भाइयों में पांचवें नंबर पर थी।
कोरोना के समय पिता आबिद की मौत के बाद सारा बोझ मां व बच्चों पर आ गया था। तरन्नुम भी नजदीक के पिपरा गांव में स्थित एक मदरसे में कक्षा चार की छात्रा थी। माली हालत ठीक न होने से पूरा परिवार मजदूरी व बकरी पालन पर आश्रित था। यही कारण रहा कि छुट्टी के बाद बकरियों के घास की व्यवस्था तरन्नुम के जिम्मे थी। वह रोज की तरह बुधवार की शाम गांव के पश्चिम अपने सहेलियों के साथ घास काटने गई थी। घास काटने में वह सहेलियों से दूर हो गई थी और घास काटने में व्यस्त थी।
इसी दौरान आये आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। तरन्नुम के चिल्लाने पर पहुंची सहेलियों ने कुत्तों से बचाव करना चाहा असफल होने पर इन लड़कियों ने इसकी जानकारी गांव वालों को दी। लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। प्रधान प्रतिनिधि ब्यासजी चतुर्वेदी बताते हैं कि कुत्तों ने तरन्नुम के शरीर के आधे हिस्से को अपना निवाला बना डाला था। जानकारी पर पहुंची इटवा पुलिस ने लाश को पीएम कराने को कहा। लेकिन घर वालों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया। जिसके बाद देर रात आठ बजे लाश को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बेटी की मौत के बाद परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पहले भी हो चुकी है हमले की कई घटनाएं
बरगदवा में दस वर्षीय बालिका तरन्नुम की मौत के पहले भी दर्जनों आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं हो चुकी है। इटवा थाने के ग्राम पिपरा मुर्गिहवा, परसिया, रामापुर में आधा दर्जन से ऊपर लोगों व बकरियों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं। पिपरा मुर्गिहवा गांव के ही 50 वर्षीय लक्ष्मीचंद रात में घर से निकले थे कि कुत्तों ने हमला कर दिया। गांव के ही रघुनाथ (72) केवला (70) व जोखई प्रसाद इन्हीं आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। यही नहीं आधा दर्जंन बकरियां भी इनके हमले की शिकार हो चुकी है। जिनमें तीन बकरियों की मौत हो गई थी।
एसडीएम से मिले ग्राम प्रधान
कुत्तों के हमले में बच्ची की मौत के बाद लोगों में आक्रोश और गुस्सा है। ग्राम प्रधान बरगदवा की अगुवाई में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने एसडीएम इटवा राहुल सिंह को पत्र देकर आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है। कहा कि अगर कुत्तों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो न जाने कितने बच्चे उनका शिकार होंगे।
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कोरोना के समय पिता आबिद की मौत के बाद सारा बोझ मां व बच्चों पर आ गया था। तरन्नुम भी नजदीक के पिपरा गांव में स्थित एक मदरसे में कक्षा चार की छात्रा थी। माली हालत ठीक न होने से पूरा परिवार मजदूरी व बकरी पालन पर आश्रित था। यही कारण रहा कि छुट्टी के बाद बकरियों के घास की व्यवस्था तरन्नुम के जिम्मे थी। वह रोज की तरह बुधवार की शाम गांव के पश्चिम अपने सहेलियों के साथ घास काटने गई थी। घास काटने में वह सहेलियों से दूर हो गई थी और घास काटने में व्यस्त थी।
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इसी दौरान आये आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। तरन्नुम के चिल्लाने पर पहुंची सहेलियों ने कुत्तों से बचाव करना चाहा असफल होने पर इन लड़कियों ने इसकी जानकारी गांव वालों को दी। लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। प्रधान प्रतिनिधि ब्यासजी चतुर्वेदी बताते हैं कि कुत्तों ने तरन्नुम के शरीर के आधे हिस्से को अपना निवाला बना डाला था। जानकारी पर पहुंची इटवा पुलिस ने लाश को पीएम कराने को कहा। लेकिन घर वालों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया। जिसके बाद देर रात आठ बजे लाश को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बेटी की मौत के बाद परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पहले भी हो चुकी है हमले की कई घटनाएं
बरगदवा में दस वर्षीय बालिका तरन्नुम की मौत के पहले भी दर्जनों आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं हो चुकी है। इटवा थाने के ग्राम पिपरा मुर्गिहवा, परसिया, रामापुर में आधा दर्जन से ऊपर लोगों व बकरियों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं। पिपरा मुर्गिहवा गांव के ही 50 वर्षीय लक्ष्मीचंद रात में घर से निकले थे कि कुत्तों ने हमला कर दिया। गांव के ही रघुनाथ (72) केवला (70) व जोखई प्रसाद इन्हीं आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। यही नहीं आधा दर्जंन बकरियां भी इनके हमले की शिकार हो चुकी है। जिनमें तीन बकरियों की मौत हो गई थी।
एसडीएम से मिले ग्राम प्रधान
कुत्तों के हमले में बच्ची की मौत के बाद लोगों में आक्रोश और गुस्सा है। ग्राम प्रधान बरगदवा की अगुवाई में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने एसडीएम इटवा राहुल सिंह को पत्र देकर आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है। कहा कि अगर कुत्तों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो न जाने कितने बच्चे उनका शिकार होंगे।