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Siddharthnagar News: गर्म और शुष्क हवाओं से सूज रही सांस की नली, बढ़ रहे अस्थमा के मरीज

Wed, 14 May 2025 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 May 2025 11:21 PM IST
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Hot and dry winds are swelling the respiratory tract, the number of asthma patients is increasing
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. गौरव दुबे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। तेज धूप के साथ बढ़ी गर्मी और गर्म हवाओं के कारण वर्तमान समय में अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अधिक समय तक तेज धूप में रहने से गर्म और शुष्क हवाओं से श्वसन पथ में सूजन हाेने के साथ डिहाइड्रेशन का कारण भी बन रहे है।
इससे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज आ रहे है। जिन्हें ऑक्सीजन देने के साथ नेबुलाइज भी करना पड़ रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन की ओपीडी में प्रतिदिन 120 से 150 मरीज आ रहे है। इसमें से 40 से 50 मरीज अस्थमा के आ रहे हैं। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होने के साथ श्वसन पथ में सूजन होने की भी समस्या हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान समय में तेज धूप के साथ चल रही तेज पछुआ हवा गर्म और शुष्क होने से श्वसन नलिका में सूजन की स्थिति उत्पन्न कर रही है।
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मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि गर्म हवाओं से सांस के मरीजों को कई तरह की परेशानी हो रही है। गर्म और शुष्क हवा श्वसन पथ में सूजन और डिहाइड्रेशन का कारण बन रही है। इससे वायुमार्ग की मांसपेशियों में अचानक संकुचन (ब्रोन्कोस्पास्म) हो रहा है, जो सांस लेने में कठिनाई पैदा कर रही है। डिहाइड्रेशन से फेफड़ों में बलगम गाढ़ा हो रहा है, जिससे सांस लेना और भी मुश्किल हो जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्थमा जैसी सांस से जुड़ी कोई बीमारी है तो धूप में निकलने के साथ स्मोकिंग की लत से बचे। उन्होंने कहा कि बहुत ठंडी या गर्मी से सांस की नलियों में सूजन पैदा हो जाती है। अत्यधिक तापमान में यह नलियां ड्राई होकर सूज जाती हैं, जिससे यह बहुत सेंसेटिव हो जाती हैं। ऐसे में अगर मरीज को साथ में हीट स्ट्रोक हो जाए, तो समस्या बढ़ जाती है।
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गर्म मौसम में अस्थमा के मरीज सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलें। जबकि मौसम बदलने पर डॉक्टर की सलाह लेकर दवा भी लेते रहे। सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर की सलाह से नेमुलाइज भी करें।
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