फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Heavy rain in siddharthnagae

जिले में हुई 87.08 मिलीमीटर बारिश

Thu, 24 Sep 2020 07:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 07:21 PM IST
विज्ञापन
Heavy rain in siddharthnagae
बारिश से कहीं राहत तो कहीं आफत
विज्ञापन

जिले में हुई 87.08 मिलीमीटर बारिश
36 घंटे से जिले के सभी क्षेत्रों में हो रही बारिश
बारिश से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली निजात
तेजी बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश को अधिकतर किसान फसल के लिए लाभप्रद बता रहे हैं। हालांकि अगेती प्रजाति के धान के कुछ धान जो पक चुके थे तेज हवाओं के कारण प्रभावित हुए और गिरे लेकिन इसे नाम मात्र बताया जा रहा है। किसानों के अनुसार एक माह बारिश नहीं होने और चिलचिलाती धूप के फसल सूखने की चिंता सता रही थी। बुधवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश दिन रुकते थमते लगातार जारी है। इस बारिश ने अधिकतर किसान और उनकी फसल को राहत पहुंचाई है।
किसान बोले- फसल को अभी नहीं है नुकसान
बारिश को किसान लाभदायक बता रहे हैं। जोगिया क्षेत्र के देवरा बाजार गांव निवासी किसान रामदेव लाल, सिगिंया गांव निवासी छांगुर यादव, तुलसी यादव, सिसवा के रामबहादुर, पवन तिवारी आदि किसानों का कहना है कि बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभदायक है। इस बारिश से रवि की बुवाई में सहूलियत मिलेगी। बारिश तेज होने से खेत में लंबे से समय तक नमी बरकरार रहेगी। कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में बड़े भू-भाग पर धान की खेती होती है। जिले में 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई है। बारिश नहीं होने से अधिकांश फसलें आखिरी समय में प्रभावित हो रही थीं।
विज्ञापन

बोले कृषि वैज्ञानिक - नहीं है कोई नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक एसके मिश्र कहते हैं कि बारिश धान की सभी प्रजाति की फसलों के लिए लाभदायक है। बारिश अब सभी धान की बाली आसानी से निकल जाएगी। साथ ही तेज हवाओं के चलने से कीट का प्रकोप खत्म हो जाएगा। अगेती प्रजाति के धान जो की नाम मात्र लगाए गए हैं, हवा से गिरे हुए हैं। किसान उन्हें काटकर धान निकाल लें, अवशेष पशुओं को खिला सकते हैं। बारिश से एक नुकसान हुआ है कि अगेती प्रजाति की सरसों की बुवाई नहीं हो पाएगी। पानी के कारण मिट्टी में नमी अधिक होने से खेत तैयार नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

तहसील बारिश (मिलीमीटर में)
नौगढ़ 60.04
बांसी 258
इटवा 23
शोहरतगढ़ 36
डुमरियागंज 54
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed