यूपी: स्वास्थ्य मंत्री को गृह जिले के अस्पताल में मिले सिर्फ तीन डॉक्टर, 66 नदारद
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने गृह जनपद के संयुक्त जिला अस्पताल में अव्यवस्था देखी, जिला अस्पताल में सुबह 8.11 बजे मंत्री पहुंचे थे। इस दौरान कई कर्मी भी बिना सूचना के ही अनुपस्थित थे।
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर में संयुक्त जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं देखीं। स्वास्थ्य मंत्री सुबह 8.11 बजे अस्पताल पहुंचे तो ओपीडी में मरीज इंतजार कर रहे थे और मौके पर मात्र तीन ही डॉक्टर उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के 66 डॉक्टर नहीं पहुंचे थे, जबकि कई स्वास्थ्य कर्मी भी बिना सूचना के अनुपस्थित थे।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी के साथ निरीक्षण में पहुंचे मंत्री ने सबसे पहले ओपीडी के एक कमरे में रखी उपस्थिति पंजिका देखी। उसके बाद किसी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी को हस्ताक्षर करने से रोक दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी समेत अन्य सभी वार्डों का निरीक्षण किया। गैरहाजिरी के साथ ही सफाई व्यवस्था बेहतर न होने पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि अस्पताल खुलने के समय से सभी चिकित्सकों, कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य है। मंत्री ने ओपीडी के अलावा इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, पीआईसीयू, एसएनसीयू वार्ड, प्लास्टर कक्ष, लेबर रूम का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से इलाज तथा भोजन, दूध मिलने की सुविधाओं पर बातें की।
इस दौरान उन्हें तीन चिकित्सक डॉ. संतलाल पटेल, डॉ. संजय शर्मा और डॉ. विजय बहादुर दुबे उपस्थित मिले। मेडिकल कॉलेज के 39 और जिला अस्पताल के 30 चिकित्सक तैनात हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी चेतावनी
मंत्री के पहुंचने की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना वर्मा निरीक्षण के दौरान पहुंच गईं। बेहतर सफाई की मानीटरिंग के लिए हास्पिटल मैनेजर डॉ. अनूप कुमार यादव को हिदायत दी गई। इस दौरान प्राचार्य ने मंत्री को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समक्ष स्तर पर वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर अनुपस्थित डॉक्टरों-स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस दिया गया।
आनन-फानन पहुंचे चिकित्सक, कर्मी
संयुक्त जिला चिकित्सालय में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री की खबर सुनते ही आनन-फानन में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मंत्री के अचानक पहुंचने और उनके तेवर के बारे में चर्चाएं होती रहीं। लगभग एक घंटा के निरीक्षण में सभी सतर्क दिखे।
अधिकारियों ने गिनाईं समस्याएं
निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि नियम के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लेबर रूम में आठ स्टॉफ नर्स दी जानी चाहिए, जो नहीं मिली हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने एनएचएम के एमडी से बात की। इस मौके पर जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में अतिरिक्त डॉक्टर और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने की बात सामने आई। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि हर स्थिति में सभी डॉक्टर स्वास्थ्य कर्मी नियमित अस्पताल पहुंचेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 24 घंटे के अस्पताल में तीन रोटेशन के अनुसार डॉक्टर-स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी करते हैं।