{"_id":"58ed0a2d4f1c1b9d36cf6a80","slug":"hazrat-ali-gave-message-of-humane","type":"story","status":"publish","title_hn":"हजरत अली ने दिया इंसानियत का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हजरत अली ने दिया इंसानियत का संदेश
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Apr 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
जुलूसे हैदरी में शामिल अकीदतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डुमरियागंज। शिया समुदाय के पहले इमाम हजरत अली की यौमे पैदाइश मंगलवार को धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर कस्बा हल्लौर में महफिल व मीलाद का सिलसिला चला। अकीदतमंदों ने मस्जिदों और घरों की सजावट की और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। हजरत अली के जन्म दिवस को लेकर कार्यक्रमों के आयोजन का सिलसिला सोमवार रात ही शुरू हो गया था, जो मंगलवार की रातभर जारी रहा। इस मौके पर हल्लौर कर्बला पर हजरत अली के रौजे तथा जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों व घरों पर विधिवत सजावट व रोशनी की गई, जहां पर सारी रात महफिल मीलाद होती रही। सोमवार की रात जामा मस्जिद में तशबीब हसन और मोहम्मद हैदर के आवास पर महफिल का आयोजन किया गया। इसमें मशहूर शायर शमशाद हल्लौरी, खुर्शीद जफर, तंजीम हल्लौरी, हानी, कायनात, आरजू, कमर, सुरखुरू, नब्बू मीरा, अफसर हल्लौरी, अजीम हल्लौरी, खुलूस हल्लौरी, आलम हल्लौरी, मीसम, हसन जमाल, नौशाद, शकील हैदर, बब्लू सहित तमाम शायरों ने हजरत अली की शान में कलाम व कसीदा पेश किया।
मंगलवार की दोपहर 3 बजे जुलूसे हैदरी जामा मस्जिद के प्रागंण से अली ब्वायज कमेटी व मोमनीन हल्लौर की जानिब से निकाला गया। जुलूस हल्लौर कस्बे में दुरूदो सलाम और नारे हैदरी की सदाओं के बीच सैकड़ों दो पहिया वाहनों के साथ बैदौला होते हुए डुमरियागंज डाक बंगला तक पहुंचा। जहां पर डॉ. फरीद हैदर रिजवी ने लोगों को संबोधित करते हुए हजरत अली के जीवन और कृत्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। फरीद हैदर ने कहा कि हजरत अली ने हमेशा दुनिया को सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। उनके बताए रास्तों पर चलने से इंसान को तरक्की और बुलंदी मिल सकती है। हजरत अली का पैगाम किसी एक धर्म जाति के लिए नहीं है बल्कि उनका पैगाम समस्त मानव जाति की भलाई के लिए है। कार्यक्रम को जाकिरे अहलेबैत अजीम हैदर रिजवी ने भी संबोधित किया।
जुलूस डाक बंगला चौराहे से वापस हल्लौर के लिए लौट गया। इसके अलावा भटंगवा, तिलगड़िया, जमौतिया, नव्वागांव, हटवा, बेंवा, पिपरा, वासा सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने महफिल मीलाद का आयोजन किया। एक दूसरे से गले मिलकर हजरत अली के यौमे पैदाइश की मुबारकबाद पेश की। इस मौके पर वजीर हैदर, जानशीन हैदर, शबाब, तनवीर सुल्तान, लवली रिजवी, खुर्शीद रिजवी, असकरी रिजवी, काजिम मेंहदी, कसीम रिजवी, ताकीब रिजवी, अर्सी रिजवी, नफीस हल्लौरी, सरवर मेंहदी, बब्लू कामयाब, इंतजार आदि भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार की दोपहर 3 बजे जुलूसे हैदरी जामा मस्जिद के प्रागंण से अली ब्वायज कमेटी व मोमनीन हल्लौर की जानिब से निकाला गया। जुलूस हल्लौर कस्बे में दुरूदो सलाम और नारे हैदरी की सदाओं के बीच सैकड़ों दो पहिया वाहनों के साथ बैदौला होते हुए डुमरियागंज डाक बंगला तक पहुंचा। जहां पर डॉ. फरीद हैदर रिजवी ने लोगों को संबोधित करते हुए हजरत अली के जीवन और कृत्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। फरीद हैदर ने कहा कि हजरत अली ने हमेशा दुनिया को सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। उनके बताए रास्तों पर चलने से इंसान को तरक्की और बुलंदी मिल सकती है। हजरत अली का पैगाम किसी एक धर्म जाति के लिए नहीं है बल्कि उनका पैगाम समस्त मानव जाति की भलाई के लिए है। कार्यक्रम को जाकिरे अहलेबैत अजीम हैदर रिजवी ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
जुलूस डाक बंगला चौराहे से वापस हल्लौर के लिए लौट गया। इसके अलावा भटंगवा, तिलगड़िया, जमौतिया, नव्वागांव, हटवा, बेंवा, पिपरा, वासा सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने महफिल मीलाद का आयोजन किया। एक दूसरे से गले मिलकर हजरत अली के यौमे पैदाइश की मुबारकबाद पेश की। इस मौके पर वजीर हैदर, जानशीन हैदर, शबाब, तनवीर सुल्तान, लवली रिजवी, खुर्शीद रिजवी, असकरी रिजवी, काजिम मेंहदी, कसीम रिजवी, ताकीब रिजवी, अर्सी रिजवी, नफीस हल्लौरी, सरवर मेंहदी, बब्लू कामयाब, इंतजार आदि भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
विज्ञापन