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Siddharthnagar News: एक साल तक जलभराव से जूझेगा आधा शहर, एनएच का नाला दिलाएगा निजात

Sat, 23 Dec 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 23 Dec 2023 01:03 AM IST
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Half Shah will struggle with waterlogging for a year
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका की तरफ से हो रहे नाला निर्माण के हाइडिल तिराहे पर ठप हो जाने से एक वर्ष तक आधे शहर के लोगों को सांसत झेलनी होगी। नाला निर्माण अधूरा रहने से शहर के शास्त्रीनगर, बाल्मिकिनगर, थरौली, ऑफिसर्स कॉलोनी व काशीराम के चार हजार से अधिक घर व दुकान जलभराव की समस्या से जूझेंगे। यहां के घर व दुकान का गंदा पानी नाला में तो गिरेगा, लेकिन उसकी आगे की निकासी बंद होने से ठहरे हुए गंदे पानी की दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप भी लोगों को झेलना होगा। जिससे फैलने वाली गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से वह अभी से सशंकित है।
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शहरियों को ऐसा तब तक झेलना होगा जब तक कि हाइडिल तिराहे से पकड़ी प्राकृतिक नाला तक एनएच का नाला निर्माण नहीं हो जाएगा। आठ किमी लंबा एनएच नाला निर्माण कार्य दो माह बाद शुरू होगा, जिसे एक वर्ष में पूर्ण होने के बाद ही शहर की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी।
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शहर के मुख्य मार्ग किनारे दाएं तरफ बने नाले के क्षतिग्रस्त और मिट्टी से पटे होने के कारण 10 वर्ष से शहर का आधा हिस्सा जलनिकासी की समस्या से जूझता रहा है। इस तरफ स्थित मोहल्ले के घर व दुकान के गंदे पानी की निकासी का इंतजाम नहीं होने से लोग परेशान रहे। साथ ही बरसात में शहर का कई हिस्सा जलभराव के कारण लोगों को सांसत झेलना पड़ता है। नगर पालिका की ओर से मुख्य मार्ग के दाएं किनारे पर एसबीआई के सामने से हाइडिल तिराहे तक एक किमी से अधिक लंबे नाले का निर्माण कराया जा रहा है।
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1.99 करोड़ रुपये की लागत से इस नाला के निर्माण के बाद भी शहर का गंदा पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच सकेगा। कारण हाइडिल तिराहे से आगे इस नाला की निकासी की सुविधा नहीं है, इससे आगे की निकासी के लिए एनएच की तरफ नाला निर्माण किए जाने का इंतजार करना होगा। इससे साफ है अगले बरसात के मौसम में भी आधे शहर की आबादी को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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कॉलोनियों और सरकारी कार्यालयों के परिसर में होता जलभराव
शहर के मुख्य मार्ग के दाहिने तरफ नाला निर्माण नहीं होने से शास्त्रीनगर मोहल्ला समेत वन विभाग कॉलोनी में जलभराव रहता है। बरसात में इसी मोहल्ले में स्थित सिंचाई विभाग व पीडब्लूडी कार्यालय, पीएचसी नौगढ़, वन विभाग कार्यालय परिसर जलमग्न रहता है। परिसर में पानी भरा होने के कारण कर्मचारियों के साथ ही फरियादियों को भी समस्या झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही थरौली, ऑफिसर्स कॉलोनी, काशीराम आवास, आजादनगर मोहल्ले के लोग भी जलभराव की समस्या से जूझते है।

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शहर में एनएच बनाएगा 14 किमी नाला



शहर के पकड़ी चौराहे से हाइडिल तिराहे तक 4.5 किमी और अशोक मार्ग पर 2.5 किमी तक दोनों तरफ 28 करोड़ से अधिक लागत से 14 किमी लंबे नाला का निर्माण एनएच कराएगा। इससे जहां शहर के कई मोहल्लों में जलनिकासी व्यवस्था दुरूस्त हो जाएगी, वहीं कई सरकारी कार्यालयों एवं आवास भी जलभराव से मुक्त हो जाएंगे। इससे पहले एनएच की तरफ से शहर के साड़ी तिराहा से सनई चौराहे तक तीन किमी दूरी में दोनों तरफ नाला निर्माण कराया जा चुका है।

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नाला निर्माण में नहीं मिली अनियमितता
नगर पालिका की तरफ से शहर के मुख्य मार्ग किनारे हो रहे नाला निर्माण में अनियमितता की शिकायत डीएम से की गई थी। जिसकी जांच डीडीओ जीपी कुशवाहा एवं एई डीआरडीए वेदप्रकाश चौधरी ने मौके पर जाकर की। निर्माण कार्य की जांच में अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है, साथ ही इसमें लगने वाले सामग्रियों के भी गुणवत्तापूर्ण पाए गए। जांच में खुदाई से निकलने वाली मिट्टी के उपयोग एवं जलनिकासी की उचित प्रबंध के संबंध में भी छानबीन कर रिपोर्ट दी गई है।



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वर्जन



सड़क निर्माण के साथ आबादी वाले क्षेत्र में नाला निर्माण किया जाएगा, इसके तहत शहरी क्षेत्र में भी नाला निर्माण होना है, जल्द ही सड़क के साथ नाला निर्माण कार्य कराया जाएगा।

आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच




शहर के मुख्य मार्ग पर हाइडिल तिराहे तक नाला निर्माण कराया जा रहा है, इसके आगे पकड़ी प्राकृतिक नाला तक एनएच नाला निर्माण कराएगा, जिससे जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।


-विंध्याचल, ईओ, नगर पालिका

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मुख्य मार्ग किनारे बन रहे नाले का तभी औचित्य है जब उसके पानी के निकासी की व्यवस्था हो, नहीं तो अधूरे नाले से सांसत झेलनी पड़ेगी।
-संदीप कसौधन, दुकानदार बाल्मिकिनगर
जलनिकासी इंतजाम नहीं होने से मोहल्ले के लोगों की सांसत होती है, गंदे पानी के ठहराव के कारण अक्सर कई लोग बीमारी की चपेट में रहते है।
-धीरज, दुकानदार ऑफिर्स कॉलोनी

शहर के मुख्य मार्ग किनारे नगर पालिका की तरफ से नाला निर्माण होने से जलनिकासी व्यवस्था दुरूस्त होगी, जो शहरियों के लिए बेहद जरूरी था।



-धनंजय सहाय, सभासद

अभी तक मोहल्ला जलभराव से जूझ रहा था, नगर पालिका के साथ ही एनएच का नाला निर्माण पूर्ण होने के बाद शहर की जलनिकासी दुरुस्त हो जाएगी।



-मनोज सिंह, सभासद
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ठहरे हुए गंदे पानी के कारण बैक्टीरिया, वायरस, फंगस व कीटाणुओं पैदा होने लगते है। इसके संपर्क में आने वाले आसपास के लोगों को गंभीर बीमारियां होती है। जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियां होती है। इसलिए इनसे बचाव के लिए आसपास गंदा पानी ठहरने नहीं देना चाहिए।
-डॉ. सुबोध चंद्रा, एमडी मेडिसिन
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