{"_id":"6887bc3655852ceb0208bb93","slug":"hair-loss-problem-increasing-due-to-lifestyle-and-stress-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-141864-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: जीवन शैली और तनाव से बढ़ रही बाल झड़ने की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: जीवन शैली और तनाव से बढ़ रही बाल झड़ने की समस्या
विज्ञापन
मरीज का बाल देखते डॉ. अरफुल खान। स्रोत विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अनियमित दिनचर्या और तनाव के कारण युवाओं के सिर के बाल झड़ रहे हैं। वहीं सफेद होने की भी समस्या हो रही है। वर्तमान में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग में 10 से 15 मरीज बाल झड़ने की समस्या के आ रहे हैं। वहीं, निजी चिकित्सकों से भी बाल झड़ने का इलाज करा रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बेहतर खानपान और दिनचर्या में सुधार होने से काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है। कम उम्र में सिर के बाल झड़ने की समस्या से युवकों के साथ-साथ युवतियां भी जूझ रही हैं। बच्चों में भी यह समस्या सामने आ रही है। चिकित्सकों ने बताया कि तनाव, गलत खानपान, तरत-तरह के शैंपू साबुन का प्रयोग के साथ आनुवांशिक लक्षणों से भी बाल झड़ने की समस्या हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग के एचओडी डॉ. अरफुल खान ने बताया कि पुरुषों में गंजेपन की समस्या जेनेटिक और हार्मोंस में गड़बड़ी के कारण होती है। डाई हाईड्रो टेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) हार्मोंस बालों के रोमों को सिकोड़ता है। इससे बाल पतले हो जाते हैं। बाद में कमजोर होकर झड़ जाते हैं। बालों का झड़ना लाइलाज बीमारी नहीं है। खानपान और जीवनशैली का ध्यान रखकर इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
विज्ञापन
वहीं महिलाओं में भी बदलती दिनचर्या और बाल सुंदर बनाने के चक्कर में तरह-तरह के शैंपू व साबुन का प्रयोग करने से बाल झड़ने की समस्या हो रही है।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अनियमित दिनचर्या और तनाव के कारण युवाओं के सिर के बाल झड़ रहे हैं। वहीं सफेद होने की भी समस्या हो रही है। वर्तमान में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग में 10 से 15 मरीज बाल झड़ने की समस्या के आ रहे हैं। वहीं, निजी चिकित्सकों से भी बाल झड़ने का इलाज करा रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बेहतर खानपान और दिनचर्या में सुधार होने से काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है। कम उम्र में सिर के बाल झड़ने की समस्या से युवकों के साथ-साथ युवतियां भी जूझ रही हैं। बच्चों में भी यह समस्या सामने आ रही है। चिकित्सकों ने बताया कि तनाव, गलत खानपान, तरत-तरह के शैंपू साबुन का प्रयोग के साथ आनुवांशिक लक्षणों से भी बाल झड़ने की समस्या हो रही है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग के एचओडी डॉ. अरफुल खान ने बताया कि पुरुषों में गंजेपन की समस्या जेनेटिक और हार्मोंस में गड़बड़ी के कारण होती है। डाई हाईड्रो टेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) हार्मोंस बालों के रोमों को सिकोड़ता है। इससे बाल पतले हो जाते हैं। बाद में कमजोर होकर झड़ जाते हैं। बालों का झड़ना लाइलाज बीमारी नहीं है। खानपान और जीवनशैली का ध्यान रखकर इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
विज्ञापन
वहीं महिलाओं में भी बदलती दिनचर्या और बाल सुंदर बनाने के चक्कर में तरह-तरह के शैंपू व साबुन का प्रयोग करने से बाल झड़ने की समस्या हो रही है।