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शासन ने प्रबंधक को हटाया, मूल पद पर हुए वापस
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शासन ने प्रबंधक को हटाया, मूल पद पर हुए वापस
सिद्धार्थनगर। भारतीय खाद्य निगम डिपो के केंद्रीय भंडारण केंद्र डुमरियागंज में पीडीएस खाद्यान्न की लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल और गेहूं के उतार में अवैध वसूली के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम की रिपोर्ट पर कांटा इंचार्ज और प्रभारी डिपो प्रबंधक सुरेश प्रसाद को हटा दिया गया है। उन्हें मूल पद पर वापस कर दिया है। कार्पोट ऑफिस नई दिल्ली में रहे उमेश चंद्र भारती को नया प्रबंधक बनाया है।
भारतीय खाद्य निगम डिपो के केंद्रीय भंडारण केंद्र डुमरियागंज में अनियमिता मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ के आदेश पर प्रभारी प्रबंधक सुरेश प्रसाद को हटा दिया गया है। इन्हें इसी डिपो पर मूल पद कांटा इंचार्ज पर योगदान देने का निर्देेशित किया गया है। इनके स्थान पर कार्पोट कार्यालय नई दिल्ली में तैनात रहे उमेश चंद्र भारती को नया डिपो प्रबंधक के रूप में दायित्व सौंपा गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि डिप्टी आरएमओ राजीव कुमार पटेल ने की है। बताते चलें कि डीएम को एफसीआई डुमरियागंज में खाद्यान्न लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल, गेहूं के उतार में ट्रक चालकों से ठेकेदार एवं मजदूरों की ओर से प्रति बोरी 1.50 रुपये अवैध रूप से वसूली की शिकायत मिली थी।
तीन सदस्यीय टीम ने सौंपी थी रिपोर्ट
डिप्टी आरएमओ की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय टीम की ओर से जांच कर सौंपी गई रिपोर्ट में कस्टम चावल, गेहूं कंसाइनमेंट की भारी मात्रा में एफसीआई की ओर से रिसीविंग काफी समय से लंबित होने की पुष्टि हुई थी। खाद्य विभाग के ठेकेदार से जुड़े लोगों ने बताया था कि पीडीएस ट्रकों की लोडिंग के लिए मजदूरों की ओर से 1.50 रुपया प्रति बोरी लिया जाता है। धनराशि न देने पर वाहनों को किनारे कर दिया जाता है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कार्य प्रभावित होता है। डिपो के मजदूरों ने भी ठेकेदार की ओर से धनराशि ली जाती है। गेहूं की अनलोडिंग पर 10 रुपये प्रति क्विंटल ट्रक के चालकों से लिया जाता है। पीडीएस ट्रक की लोडिंग के लिए 75 पैसे प्रति बोरी दिए जाते हैं।
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सिद्धार्थनगर। भारतीय खाद्य निगम डिपो के केंद्रीय भंडारण केंद्र डुमरियागंज में पीडीएस खाद्यान्न की लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल और गेहूं के उतार में अवैध वसूली के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम की रिपोर्ट पर कांटा इंचार्ज और प्रभारी डिपो प्रबंधक सुरेश प्रसाद को हटा दिया गया है। उन्हें मूल पद पर वापस कर दिया है। कार्पोट ऑफिस नई दिल्ली में रहे उमेश चंद्र भारती को नया प्रबंधक बनाया है।
भारतीय खाद्य निगम डिपो के केंद्रीय भंडारण केंद्र डुमरियागंज में अनियमिता मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ के आदेश पर प्रभारी प्रबंधक सुरेश प्रसाद को हटा दिया गया है। इन्हें इसी डिपो पर मूल पद कांटा इंचार्ज पर योगदान देने का निर्देेशित किया गया है। इनके स्थान पर कार्पोट कार्यालय नई दिल्ली में तैनात रहे उमेश चंद्र भारती को नया डिपो प्रबंधक के रूप में दायित्व सौंपा गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि डिप्टी आरएमओ राजीव कुमार पटेल ने की है। बताते चलें कि डीएम को एफसीआई डुमरियागंज में खाद्यान्न लोडिंग के साथ ही कस्टम चावल, गेहूं के उतार में ट्रक चालकों से ठेकेदार एवं मजदूरों की ओर से प्रति बोरी 1.50 रुपये अवैध रूप से वसूली की शिकायत मिली थी।
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तीन सदस्यीय टीम ने सौंपी थी रिपोर्ट
डिप्टी आरएमओ की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय टीम की ओर से जांच कर सौंपी गई रिपोर्ट में कस्टम चावल, गेहूं कंसाइनमेंट की भारी मात्रा में एफसीआई की ओर से रिसीविंग काफी समय से लंबित होने की पुष्टि हुई थी। खाद्य विभाग के ठेकेदार से जुड़े लोगों ने बताया था कि पीडीएस ट्रकों की लोडिंग के लिए मजदूरों की ओर से 1.50 रुपया प्रति बोरी लिया जाता है। धनराशि न देने पर वाहनों को किनारे कर दिया जाता है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कार्य प्रभावित होता है। डिपो के मजदूरों ने भी ठेकेदार की ओर से धनराशि ली जाती है। गेहूं की अनलोडिंग पर 10 रुपये प्रति क्विंटल ट्रक के चालकों से लिया जाता है। पीडीएस ट्रक की लोडिंग के लिए 75 पैसे प्रति बोरी दिए जाते हैं।
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