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Siddharthnagar News: धर्म स्थापित करने के लिए ईश्वर को लेना पड़ता है अवतार
Fri, 13 Feb 2026 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 13 Feb 2026 01:30 AM IST
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भवानीगंज। डुमरियागंज क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को अयोध्या धाम से आई कथा वाचक कनकेश्वरी देवी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का रसपान कराया। इस दौरान उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर और मंगलगीतों से पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया। कथा को आगे बढ़ते हुए कनकेश्वरी देवी ने बताया कि धरती पर जब-जब पापियों द्वारा पापाचार, अनाचार बढ़ जाता है और धर्म की हानि होती है, तब तब ईश्वर अवतार लेकर पापियों का विनाश कर धर्म की रक्षा करते हैं।
उन्होंने बताया कि मथुरा के राजा कंस के अत्याचार से पृथ्वी कंपायमान हो गई, तब भगवान विष्णु ने कंस के कारागार में देवकी के गर्भ से अवतार लेकर धर्म की रक्षा की।
इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की मनोहर झांकी ने सबका मन मोह लिया और उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर और मंगलगीतों से पूरा पंडाल कृष्ण मय हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के बारे में कनकेश्वरी देवी ने बताया कि कंस के अलावा उसके कई दोस्तो का संघर्ष भगवान कृष्ण ने बाल लीला से लेकर खड़े होने तक किया। कालिया मंदन का भी कथा कनकेश्वरी देवी ने इसी दौरान सुनाया।
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उन्होंने बताया कि मथुरा के राजा कंस के अत्याचार से पृथ्वी कंपायमान हो गई, तब भगवान विष्णु ने कंस के कारागार में देवकी के गर्भ से अवतार लेकर धर्म की रक्षा की।
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इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की मनोहर झांकी ने सबका मन मोह लिया और उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर और मंगलगीतों से पूरा पंडाल कृष्ण मय हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के बारे में कनकेश्वरी देवी ने बताया कि कंस के अलावा उसके कई दोस्तो का संघर्ष भगवान कृष्ण ने बाल लीला से लेकर खड़े होने तक किया। कालिया मंदन का भी कथा कनकेश्वरी देवी ने इसी दौरान सुनाया।
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